उत्तर प्रदेश के काश्तकारों के लिए दशहरा पर्व नई सौगात लेकर आया है, जहाँ राज्य सरकार ने आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर व्यापक सब्सिडी देने की घोषणा की है। इस सरकारी पहल का मुख्य उद्देश्य खेती से जुड़ी लागत को घटाना और उत्पादन की आधुनिक तकनीकों को आम किसानों तक पहुंचाना है। योजना के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों आधुनिक उपकरणों पर वित्तीय अनुदान दिया जा रहा है। पात्र काश्तकार 7 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक आधिकारिक व्यवस्था के जरिए पंजीकरण कराकर इस मदद का लाभ ले सकते हैं।
विभिन्न योजनाओं के तहत हजारों मशीनों पर वित्तीय मदद
खेती के आधुनिकीकरण के लक्ष्य को साधने के लिए कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक (कृषि अभियंत्रण) बलराम वर्मा ने बताया कि सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन कार्यक्रम के अंतर्गत 2,166 कृषि उपकरणों पर वित्तीय छूट स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही खेतों में पराली और अवशेषों के निस्तारण को बढ़ावा देने वाली फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत 1,755 कृषि यंत्रों पर आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। इन दोनों योजनाओं के समन्वय से किसानों को जुताई, बुवाई और कटाई जैसे कार्यों में मशीनों का प्रयोग बढ़ाने में सीधी मदद मिलेगी, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।
कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक के लिए बड़ा प्रावधान
यह अनुदान योजना केवल एकल किसानों तक सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर साझा कृषि संसाधन खड़े करने पर भी जोर दिया गया है। इसके अंतर्गत कस्टम हायरिंग सेंटर तथा फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना करने के इच्छुक समूहों व उद्यमियों को 10-10 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही उन्नत निगरानी व छिड़काव के लिए किसान ड्रोन और अन्य संबंधित आधुनिक यंत्रों को भी सब्सिडी के दायरे में शामिल किया गया है। फसल अवशेष प्रबंधन व्यवस्था के तहत व्यक्तिगत कृषि उपकरणों के अलावा कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए अधिकतम 30 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान रखा गया है, ताकि किसान सामूहिक रूप से बड़े यंत्रों का उपयोग कर सकें।
मक्का विकास और कीट नियंत्रण के लिए विशेष उपकरण
राज्य के कृषि क्षेत्र में विविधता लाने के लिए त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम को भी इस पहल से जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से मक्का शेलर और मिलेट पार्लर की स्थापना के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इसके अतिरिक्त फसलों को बीमारियों से सुरक्षित रखने के मकसद से कीट एवं रोग नियंत्रण योजना के अंतर्गत किसानों को पौध संरक्षण उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिन पर सरकार रियायती दर तय कर रही है। इससे किसान अपने स्तर पर फसलों को कीटों के प्रकोप से बचा सकेंगे।
आधिकारिक पोर्टल पर 20 अक्टूबर तक पंजीकरण की सुविधा
इस पूरी अनुदान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है। 7 अक्टूबर से शुरू हुई यह आवेदन खिड़की 20 अक्टूबर तक खुली रहेगी। इच्छुक किसान कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल www.agriculture.up.gov.in पर जाकर अपनी बुकिंग दर्ज कर सकते हैं। पोर्टल के मुख्य पृष्ठ पर उपलब्ध किसान कॉर्नर अनुभाग में जाकर यंत्र बुकिंग प्रारंभ विकल्प का चयन करके सीधे आवेदन भरा जा सकता है। इसी डिजिटल माध्यम पर मशीनों के तकनीकी विवरण, अनुदान की पात्रता और आवेदन से जुड़ी शर्तें भी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई गई हैं।
















