केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षाओं की तैयारी को हरी झंडी दे दी है। बोर्ड की ओर से इस संबंध में विंटर-बाउंड स्कूलों के लिए आधिकारिक शेड्यूल और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को समय पर और सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।
9 नवंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा परीक्षाओं का दौर
विंटर-बाउंड स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए प्रैक्टिकल परीक्षा, प्रोजेक्ट असेसमेंट और इंटरनल असेसमेंट 9 नवंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर 2026 तक चलेंगे। इस तय अवधि के भीतर ही संबंधित संस्थानों को अपने यहां सभी मूल्यांकन कार्य और परीक्षाएं संपन्न करानी होंगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष शेड्यूल केवल विंटर-बाउंड स्कूलों पर ही लागू होता है, जबकि सामान्य शैक्षणिक सत्र वाले अन्य स्कूलों के लिए अलग से निर्देश और तारीखें बाद में जारी की जाएंगी। इसलिए सामान्य स्कूलों के विद्यार्थियों को इस टाइम टेबल को अपनी अंतिम परीक्षा तिथि नहीं समझना चाहिए।
केवल LOC वाले छात्रों को ही मिलेगी परीक्षा में अनुमति
बोर्ड ने अपनी गाइडलाइन में यह अनिवार्य किया है कि प्रैक्टिकल या इंटरनल असेसमेंट में सिर्फ उन्हीं विद्यार्थियों को बैठने दिया जाए जिनके नाम ऑनलाइन लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (LOC) के जरिए पहले ही बोर्ड को भेजे जा चुके हैं। शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे परीक्षा से पहले छात्रों की सूची का मिलान अवश्य कर लें। यदि किसी विद्यार्थी का नाम आधिकारिक ऑनलाइन सूची में शामिल नहीं है, तो उसे किसी भी स्थिति में प्रैक्टिकल परीक्षाओं में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके चलते छात्र-छात्राओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्कूल प्रशासन से संपर्क कर यह पुख्ता कर लें कि उनका नाम बोर्ड तक पहुंच चुका है।
कक्षा 10वीं का इंटरनल असेसमेंट होगा केवल एक बार
कक्षा 10वीं के आंतरिक मूल्यांकन को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी गई है। नियमों के अनुसार 10वीं कक्षा का इंटरनल असेसमेंट केवल एक बार ही आयोजित किया जाएगा। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी विद्यार्थियों का मूल्यांकन पूरा करके उनके अंक आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएं। ऐसा कोई भी मामला नहीं बचना चाहिए जहां किसी छात्र का मूल्यांकन छूट जाए या उसके अंक अपलोड करने में देरी हो, क्योंकि इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल की होगी।
30 से ज्यादा छात्र होने पर दो या तीन सेशन में बंटेंगी परीक्षाएं
परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए बैच के साइज को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं। यदि किसी स्कूल में किसी एक विषय के लिए परीक्षार्थियों की संख्या 30 से अधिक हो जाती है, तो परीक्षा को एक ही दिन में दो या तीन अलग-अलग सेशन में आयोजित करना होगा। सेशन की यह संख्या पूरी तरह से संस्थान की लैब की क्षमता और वहां उपलब्ध संसाधनों पर निर्भर करेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र को अपनी बारी के दौरान पर्याप्त जगह और सुविधाएं मिल सकें, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।
इस बार की परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रमाणिकता बनाए रखने के लिए ग्रुप फोटो अपलोड करने का नियम भी जोड़ा गया है। बोर्ड के निर्देशों के मुताबिक, प्रैक्टिकल परीक्षा में हिस्सा लेने वाले हर एक बैच की ग्रुप फोटो खींचकर अपलोड करनी होगी। इस काम के लिए बोर्ड की तरफ से संस्थानों को एक विशेष ऐप लिंक मुहैया कराया जाएगा। स्कूलों को उसी ऐप के माध्यम से हर बैच की फोटो समय पर जमा करनी होगी ताकि परीक्षा का पूरा रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखा जा सके।



















