त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही विद्यार्थियों और अभिभावकों की निगाहें शैक्षणिक संस्थानों के अवकाश कैलेंडर पर टिक गई हैं। इस साल रोशनी का प्रमुख पर्व 8 नवंबर यानी रविवार के दिन पड़ रहा है। रविवार को मुख्य त्योहार आने से कई छात्रों के मन में यह आशंका बन गई थी कि शायद इस बार छुट्टियां कम मिलेंगी। हालांकि जमीनी हकीकत इसके उलट है, क्योंकि अलग-अलग प्रांतीय प्रशासनों ने अपने शैक्षणिक पंचांग में पर्याप्त छुट्टियों का बंदोबस्त किया है। कई इलाकों में तो लंबी अवधि का मध्यावधि अवकाश घोषित किया गया है, जिससे बच्चों को त्योहारों का पूरा आनंद उठाने का अवसर मिल रहा है।
धनतेरस पर शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति
उत्सव का आगाज 6 नवंबर को धनतेरस के साथ हो रहा है, जिसको लेकर अलग-अलग प्रांतों में अलग नियम देखने को मिल रहे हैं। हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान तथा महाराष्ट्र के इलाकों में इस दिन शिक्षण कार्य पूरी तरह स्थगित रखा जाएगा। इसके विपरीत उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली एनसीआर के अंचल में स्थिति थोड़ी जुदा है। यहां के अधिकांश सरकारी व गैर-सरकारी विद्या निकेतनों में 6 नवंबर को या तो सामान्य समय सारिणी के मुताबिक कक्षाएं लगेंगी या फिर आधे दिन के संचालन का निर्णय लिया गया है। वहीं कुछ निजी प्रबंधनों ने धनतेरस के दिन से ही अपने पूरे अवकाश की शुरुआत कर दी है।
पश्चिमी राज्यों में लंबा मध्यावधि अवकाश
राजस्थान और महाराष्ट्र के विद्यार्थियों को इस पर्व पर सबसे लंबी छुट्टी का उपहार मिला है। महाराष्ट्र के भीतर 2 नवंबर से ही मध्यावधि अवकाश प्रभावी हो चुका है, जिसका समापन 14 नवंबर को होना तय किया गया है। अगले दिन यानी 15 नवंबर को रविवार का साप्ताहिक अवकाश है, जिसके चलते वहां शिक्षण कार्य का औपचारिक पुनः शुभारंभ 16 नवंबर से होगा। वहीं दूसरी ओर राजस्थान के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 4 नवंबर से लेकर 15 नवंबर तक लगातार 12 दिनों के लिए पूर्ण विराम लगाया गया है। इस लंबी अवधि में छात्र अपनी पढ़ाई के तनाव से मुक्त होकर त्योहार मना सकेंगे।
पूर्वी भारत में छठ महापर्व तक शिक्षण कार्य स्थगित
बिहार में दीपावली के फौरन बाद आस्था का महापर्व छठ आयोजित होता है, जिसे देखते हुए शासन ने विस्तृत छुट्टी का प्रबंध किया है। प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार सूबे के सभी शिक्षण संस्थानों में 7 नवंबर से लेकर 17 नवंबर तक शैक्षणिक कामकाज बंद रहेगा। इस व्यवस्था के अंतर्गत बिहार के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को लगातार 11 दिनों का सघन अवकाश उपलब्ध होगा, ताकि वे परिवार सहित छठ अनुष्ठानों में सम्मिलित हो सकें।
मध्य और पर्वतीय क्षेत्रों का अवकाश प्रारूप
छत्तीसगढ़ में धनतेरस यानी 6 नवंबर से भाई दूज यानी 11 नवंबर तक छह दिनों के लिए कॉलेज और स्कूल बंद रखने का निर्णय हुआ है। वहीं पर्वतीय भूभाग हिमाचल प्रदेश में त्योहारों के अवसर पर 6 नवंबर से 10 नवंबर तक कुल 4 दिनों का अवकाश घोषित किए जाने की रूपरेखा है। विभिन्न शिक्षा परिषदें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार भी अपने स्तर पर छुट्टियां तय कर सकती हैं।
उत्तर प्रदेश में छुट्टियों की व्यवस्था
उत्तर प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में 8 नवंबर को दीवाली सहित गोवर्धन पूजा और भाई दूज पर अवकाश सुनिश्चित रहेगा। स्थानीय प्रशासनिक इकाइयों और निजी विद्यालयों के पास परिस्थितियों के मुताबिक आंशिक फेरबदल करने का अधिकार भी रहता है। ऐसे में अभिभावकों और शिक्षार्थियों को परामर्श दिया जाता है कि वे किसी भी भ्रम की स्थिति से बचने के लिए अपने संबंधित विद्यालय प्रबंधन द्वारा जारी परिपत्र, संदेश अथवा आधिकारिक सूचना की पुष्टि अवश्य कर लें।



















