छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में लैलूंगा थाना क्षेत्र की पुलिस ने मवेशी तस्करी के एक प्रयास को समय रहते विफल कर दिया है। ऑपरेशन शंखनाद अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में 6 मवेशियों को सुरक्षित बचाया गया। इन बेजुबानों को पैदल हांकते हुए ओडिशा सीमा के पार स्थित बूचड़खाने की तरफ ले जाने की तैयारी थी। मौके से पुलिस ने एक 19 वर्षीय युवक को धर दबोचा और सभी पशुओं को अपने संरक्षण में ले लिया। जब्त किए गए इन मवेशियों का कुल बाजार मूल्य लगभग 35 हजार रुपये आंका गया है।
बांधापारा के रास्ते पर पुलिस की घेराबंदी
जिले में पशु तस्करी और जानवरों के साथ होने वाले अमानवीय व्यवहार पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में लैलूंगा पुलिस दल को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि कुछ मवेशियों को गैरकानूनी ढंग से राज्य की सीमा से बाहर ओडिशा ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत हरकत में आई और ग्राम बांधापारा की ओर जाने वाले रास्ते पर रणनीतिक घेराबंदी कर दी। नाकेबंदी के दौरान पुलिस कर्मियों ने एक संदिग्ध युवक को 6 गौवंश को हांकते हुए देखा और उसे फौरन रोक लिया। पकड़े गए युवक से जब पूछताछ की गई तो उसने अपनी पहचान 19 वर्षीय मनकितन यादव के रूप में दी, जो लैलूंगा के सिहारधार इलाके का निवासी है।
भूखे और प्यासे मवेशियों के साथ क्रूरता
पूछताछ और प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी के पास इन पशुओं के परिवहन या स्वामित्व से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज मौजूद नहीं था। वह इन सभी मवेशियों को जबरन पैदल चलाकर ओडिशा ले जा रहा था। रास्ते में इन पशुओं को न तो पर्याप्त पानी दिया गया और न ही चारा उपलब्ध कराया गया। बेजुबानों को भूखा-प्यासा रखकर उनके साथ लाठियों से मारपीट की जा रही थी ताकि वे तेज चल सकें। पुलिस ने मौके पर हस्तक्षेप कर पशुओं पर हो रहे इस अत्याचार को रोका और लगभग 35 हजार रुपये मूल्य के इन सभी 6 मवेशियों को अपनी हिरासत में लेकर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया।
दो कड़े कानूनों के तहत अपराध दर्ज
पशुओं की तस्करी और उनके साथ अमानवीय व्यवहार करने के मामले में लैलूंगा पुलिस ने आरोपी मनकितन यादव के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आवश्यक वैधानिक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद युवक को स्थानीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से विद्वान न्यायाधीश ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया।
मुक्त कराए गए मवेशियों की देखभाल
मवेशियों को तस्कर के चंगुल से छुड़ाने के बाद पुलिस कर्मियों ने उनके भरण-पोषण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की। सफर के दौरान भूखे और थके हुए सभी 6 मवेशियों के लिए तत्काल हरे चारे और स्वच्छ पीने के पानी का प्रबंध किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में पशुओं के अवैध कारोबार और उनके साथ क्रूरता करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऑपरेशन शंखनाद के तहत इस तरह के औचक निरीक्षण और धरपकड़ का अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।



















