छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित दर्री थाना क्षेत्र में मोबाइल फोन को लेकर भाई-बहन के बीच हुआ मामूली झगड़ा एक दिल दहला देने वाली घटना में बदल गया। कैलाश विहार कॉलोनी में रहने वाली नौवीं कक्षा की छात्रा सोनिया कुरैशी ने मां द्वारा फोन छिपा दिए जाने से क्षुब्ध होकर घर के बाथरूम में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। महज 15 साल की किशोरी के इस आत्मघाती कदम से पूरे परिवार में मातम पसर गया है और स्थानीय लोग स्तब्ध हैं।
मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर भाई-बहन में तकरार
कैलाश विहार इलाके में रहने वाले परिवार में उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई, जब 15 वर्षीय सोनिया कुरैशी और उसके भाई के बीच मोबाइल फोन चलाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। दोनों भाई-बहन एक ही फोन को इस्तेमाल करने की जिद पर अड़े थे। देखते ही देखते यह सामान्य नोकझोंक तीखी बहस में बदल गई और दोनों के बीच झगड़ा काफी बढ़ गया।
मां का हस्तक्षेप और फोन को अलग रखने का फैसला
घर में बच्चों के बीच बढ़ते तनाव और विवाद को देखते हुए मां ने दखल दिया। उन्होंने दोनों बच्चों को डांट-फटकार कर शांत कराने की कोशिश की। विवाद को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से मां ने वह मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया और उसे कहीं छिपा दिया। मां ने दोनों बच्चों को स्पष्ट चेतावनी दी कि इसी फोन के चक्कर में रोज झगड़े होते हैं, इसलिए अब यह मोबाइल न तो भाई को मिलेगा और न ही सोनिया को।
बाथरूम का रुख और घातक कदम
मां द्वारा लिया गया यह कड़ा फैसला 15 साल की सोनिया को बेहद नागवार गुजरा। मोबाइल फोन छीने जाने और छिपा दिए जाने की बात से वह अत्यधिक आहत तथा गुस्से में आ गई। इस तीव्र नाराजगी के बीच किशोरी घर के बाथरूम में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। वहीं उसने फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी। जब काफी देर बाद परिजनों को इस बात की भनक लगी, तो घर में चीख-पुकार मच गई।
इलाके में शोक और पुलिस की पड़ताल
घर के भीतर अपनी बेटी का शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे कैलाश विहार मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई। दर्री थाने की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और शव का पंचनामा कर आगे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।



















