दुर्गापुर के गोपाल मठ में मिठाई दुकानों की जांच में मिले कॉकरोच और सड़ा खाना, जुर्मानारबोबैंक ने चेताया, यूरोज़ोन के चार बड़े देशों की सियासी उठापटक ईसीबी के बॉन्ड सुरक्षा कवच को हिला सकती हैमहंगाई की चिंताओं के बीच डाउ जोंस फ्यूचर्स में गिरावट, भू-राजनीतिक तनाव ने बढ़ाई बाजार की मुश्किलें10 सितंबर को है कुशोत्पाटिनी अमावस्या, इसी दिन इकट्ठा होती है साल भर की पवित्र कुशालिस्टिंग से दो हफ्ते पहले ही NSE स्टॉक ने निवेशकों को दिखाया 285 रुपये तक का मुनाफाअमेरिका में महंगाई के आंकड़ों से तय होगी फेडरल रिजर्व की चाल, मुद्रा बाजार में बढ़ी हलचलस्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ को मिला देश में पहला स्थान, राजनाथ सिंह ने दी बधाईसुदर्शन फार्मा के शेयरों में उछाल, अमेरिकी बायोोटेक कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने का ऐलानपेमा खांडू ने अरुणाचल के मछली पालकों को दिए इलेक्ट्रिक रिक्शा, बिचौलियों से मिलेगी राहतपलामू के चेरो आदिवासी बारिश में सांपों से बचाव के लिए घोड़बच पौधे और महुआ के धुएं का करते हैं प्रयोग
ब्रिटेन के वित्त मंत्री हीली की चेतावनी: कर्ज की लागत रिकॉर्ड ऊंचाई पर, बजट में सख्ती बरकरार रहेगीबाज़ार
7 सित॰ 2026, 3:10 pm (49 मिनट पहले)· 2

ब्रिटेन के वित्त मंत्री हीली की चेतावनी: कर्ज की लागत रिकॉर्ड ऊंचाई पर, बजट में सख्ती बरकरार रहेगी

ब्रिटेन के वित्त मंत्री जॉन हीली ने सोमवार को दिए भाषण में कहा कि रिकॉर्ड ऊंची उधारी लागत के बावजूद वे राजकोषीय अनुशासन पर कायम रहेंगे, बजट में विकेंद्रीकरण का रोडमैप देंगे और एआई को सावधानी के साथ अपनाएंगे।

ब्रिटेन के चांसलर ऑफ द एक्सचेकर यानी वित्त मंत्री जॉन हीली ने सोमवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान दिए एक तय भाषण में साफ कर दिया कि सरकार राजकोषीय अनुशासन में कोई ढील नहीं देगी, भले ही सरकार की उधारी लागत पिछले कई सालों की सबसे ऊंचाई पर पहुंच गई हो।

वैश्विक झटके और उधारी लागत रिकॉर्ड ऊंचाई पर

हीली ने कहा कि इस समय ब्रिटेन को वैश्विक झटकों का असर बहुत गहराई से महसूस हो रहा है और देश की उधारी लागत ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच चुकी है। यानी सरकार को अपने खर्चों के लिए कर्ज जुटाना पहले से कहीं ज्यादा महंगा पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि तस्वीर पूरी तरह निराशाजनक नहीं है, विकास दर भले ही अभी कमजोर हो, लेकिन 2026 की पहली छमाही में ब्रिटेन G7 देशों में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था रहा। उत्पादकता, जो सालों से पिछड़ी हुई थी, अब आखिरकार सुधरनी शुरू हो गई है।

ये भी पढ़ें

हीली ने कहा कि वे अर्थव्यवस्था में बढ़ती लागत पर रोक लगाना चाहते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो खर्च पर लगाम कसना और सरकार के वित्तीय हालात को स्थिर करना ही अभी उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, भले ही इसके लिए उन्हें राजनीतिक रूप से मुश्किल फैसले क्यों न लेने पड़ें।

रीव्ज़ की पहल को आगे बढ़ाएंगे, बजट में मिलेगा राजकोषीय विकेंद्रीकरण का खाका

हीली ने अपने रुख को रीव्ज़ की तरफ से पहले शुरू किए गए राजकोषीय अनुशासन के प्रयास का ही विस्तार बताया और कहा कि वे नए सिरे से शुरुआत करने के बजाय उसी काम को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने बताया कि आने वाले बजट में वे राजकोषीय विकेंद्रीकरण यानी केंद्र से क्षेत्रों को वित्तीय अधिकार सौंपने की रूपरेखा पेश करेंगे। हालांकि भाषण के दौरान उन्होंने यह नहीं बताया कि इस रोडमैप के तहत आखिर किन अधिकारों या फंडिंग व्यवस्थाओं में बदलाव होगा, इसका पूरा ब्योरा बजट पेश होने पर ही सामने आएगा।

एआई का मौका नहीं गंवाएंगे, लेकिन निगरानी जरूरी

हीली ने अपने भाषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा, "मैं एआई के मौके को हाथ से जाने नहीं दूंगा, लेकिन इसे बिना निगरानी के फैलने भी नहीं दूंगा।" उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एआई से जुड़े खतरों का सामना करना जरूरी है, यानी सरकार तकनीक को बढ़ावा देने के साथ-साथ उससे जुड़े जोखिमों पर भी नजर रखेगी। हीली ने यह भी कहा कि एआई तकनीक को लेकर लोगों की जो चिंताएं हैं, वे उनसे खुद भी सहमत हैं, और यह तकनीक श्रम बाजार को उन तरीकों से बदल देगी जिन्हें अभी अर्थशास्त्री भी पूरी तरह नहीं समझ पाए हैं।

भाषण का संकेत क्या है

हीली के इन बयानों से साफ है कि सरकार एक साथ दो मोर्चों पर संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है, एक तरफ उधारी और खर्च पर सख्त लगाम, दूसरी तरफ यह भरोसा दिलाना कि विकास और उत्पादकता में सुधार जारी है। रिकॉर्ड उधारी लागत और एआई से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों की चेतावनी के साथ बजट में राजकोषीय विकेंद्रीकरण के रोडमैप का वादा जोड़कर हीली ने संकेत दिया है कि अगला बजट अनुशासन और सुधार, दोनों मोर्चों पर बारीकी से देखा जाएगा।

सवाल-जवाब

जॉन हीली किस पद पर हैं?
जॉन हीली ब्रिटेन के चांसलर ऑफ द एक्सचेकर यानी वित्त मंत्री हैं।
यह भाषण कब दिया गया?
यह भाषण सोमवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान दिया गया।
हीली ने उधारी लागत को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की उधारी लागत ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच चुकी है।
2026 की पहली छमाही में ब्रिटेन की विकास दर कैसी रही?
विकास दर कमजोर रही, लेकिन ब्रिटेन G7 देशों में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था रहा।
बजट में क्या घोषणा होने की उम्मीद है?
हीली ने कहा कि बजट में वे राजकोषीय विकेंद्रीकरण का रोडमैप पेश करेंगे।
हीली का एआई को लेकर क्या रुख है?
वे एआई के मौके को गंवाना नहीं चाहते, लेकिन इसे बिना निगरानी फैलने नहीं देंगे और इससे जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों पर ध्यान देने की बात कही है।
क्या हीली का रुख रीव्ज़ की नीति से जुड़ा है?
हां, हीली ने कहा कि वे रीव्ज़ की शुरू की गई राजकोषीय अनुशासन की पहल को ही आगे बढ़ाएंगे।
एआई को लेकर हीली को किस बात की चिंता है?
उन्हें चिंता है कि एआई श्रम बाजार को उन तरीकों से बदल सकता है जिन्हें अर्थशास्त्री भी पूरी तरह नहीं समझ पाए हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR