छत्तीसगढ़ के बालोद में पारा गिरते ही शाम के वक्त स्ट्रीट फूड के ठिकानों पर जायके के शौकीनों का जमावड़ा लगने लगा है। स्थानीय पोस्ट ऑफिस के पास लगने वाले सन्नी ढीमर के एग रोल सेंटर पर कड़ाके की ठंड के दिनों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। गरमागरम एग रोल और चटपटी चिकन चिल्ली का लुत्फ उठाने दूर-दूर से लोग यहां पहुंच रहे हैं। कभी केवल 5000 रुपये की पूंजी से शुरू हुए इस छोटे से काम ने आज एक बेहद लोकप्रिय और कामयाब खानपान केंद्र का रूप ले लिया है, जहां शीत ऋतु में हर शाम सैकड़ों अंडों और कई किलो चिकन से बने व्यंजन परोसे जाते हैं।
किराये के ठेले से हुई थी शुरुआत, 7 रुपये में बिकता था रोल
इस कारोबार की नींव करीब 19 साल पहले रखी गई थी, जब सन्नी ढीमर ने किराये का ठेला लेकर आवश्यक बर्तनों और सामान के साथ एग रोल बनाना शुरू किया था। शुरुआती दौर कड़े संघर्षों से भरा रहा और ग्राहकों का विश्वास जीतने में काफी वक्त लगा। उस समय वह ग्राहकों को मात्र 7 रुपये में एक एग रोल बनाकर देते थे। धीरे-धीरे उनके बनाए व्यंजनों का स्वाद लोगों की जुबान पर चढ़ने लगा और शाम ढलते ही ठेले पर खरीदारों की कतारें लगने लगीं। वक्त बीतने के साथ लागत और महंगाई में बढ़ोतरी हुई, जिसके चलते कीमतों में भी संशोधन किया गया। वर्तमान में इस दुकान पर सिंगल अंडे वाला एग रोल 35 रुपये और डबल अंडे वाला एग रोल 50 रुपये की दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
सर्दियों में रोजाना 9 कैरेट अंडे और 10 किलो चिकन चिल्ली की बिक्री
मौसम में ठंडक घुलते ही स्ट्रीट फूड की मांग में भारी उछाल आ जाता है। इन दिनों सन्नी के सेंटर पर प्रतिदिन लगभग 9 कैरेट अंडों की भारी खपत दर्ज की जा रही है। एक कैरेट में 30 अंडे आते हैं, जिसका मतलब है कि हर रोज करीब 270 अंडों का इस्तेमाल करके ताजे और कुरकुरे एग रोल तैयार किए जाते हैं। इसके साथ ही ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए रोजाना तकरीबन 10 किलो चिकन चिल्ली भी तैयार की जाती है। यही कारण है कि शाम के वक्त दुकान पर नॉनवेज खाने वालों की लगातार आवाजाही बनी रहती है और कड़ाही से उतरते व्यंजनों की खुशबू पूरे इलाके में फैल जाती है।
स्वाद और स्वच्छता के दम पर बनाई अलग पहचान
बालोद शहर में वैसे तो एग रोल के कई अन्य ठेले और दुकानें मौजूद हैं, लेकिन सन्नी के सेंटर ने अपने लजीज स्वाद और साफ-सफाई के विशेष मानकों की वजह से अलग मुकाम हासिल किया है। इस पूरे काम को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 5 से 7 लोगों की एक समर्पित टीम जुटी रहती है। यह टीम सामग्री की तैयारी से लेकर, रोल पकाने और ग्राहकों को तुरंत गर्मागर्म ऑर्डर परोसने तक की पूरी व्यवस्था संभालती है। रोजाना शाम 4 बजे से लेकर रात 10 बजे तक दुकान पर भोजन प्रेमियों का तांता लगा रहता है। उन्नीस वर्षों की अनवरत मेहनत, गुणवत्ता और ग्राहकों के भरोसे ने एक मामूली निवेश को शहर के प्रमुख फूड स्पॉट में तब्दील कर दिया है।



















