छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदेश के नागरिकों, शासकीय सेवकों और व्यवसायियों के लिए कई दूरगामी और महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री की अगुवाई में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक के तुरंत बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया के सामने इन फैसलों की पूरी रूपरेखा रखी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य के भीतर रोजगार के नए द्वार खोलना, व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना और बुनियादी सुविधाओं को और अधिक उन्नत बनाना है, ताकि विभिन्न वर्गों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
शासकीय नौकरियों के लिए आयु सीमा में बड़ी छूट
इस बैठक में लिया गया सबसे बड़ा और राहत भरा कदम राज्य के सेवारत कर्मियों से जुड़ा हुआ है। अब तक विभिन्न महकमों में कार्यरत स्थायी, अस्थायी, संविदा अमले, विभिन्न निगम मंडलों, स्वशासी संस्थाओं के कर्मियों और नगर सैनिकों के लिए उच्च पदों पर आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष निर्धारित थी। इस सीमा को अब बढ़ाकर 45 वर्ष कर दिया गया है, जिससे इन कर्मचारियों को सेवाकाल के दौरान ही अन्य उच्च शासकीय सेवाओं में अपनी किस्मत आजमाने का एक विस्तृत अवसर प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री स्टार्टअप और NIPUN मिशन 2 की शुरुआत
नौजवानों को नौकरी की तलाश करने वाले बनने के बजाय स्वरोजगार और उद्यमशीलता की ओर अग्रसर करने के उद्देश्य से एक नई पहल को हरी झंडी दिखाई गई है। इसके लिए 500 करोड़ रुपए का भारी-भरकम वित्तीय प्रावधान किया गया है, जो अगले पांच वर्षों में खर्च किया जाएगा। इस व्यापक योजना के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में विशेष उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 100 इमर्ज टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर भी बनाए जाएंगे। इस पूरी व्यवस्था के तहत NIPUN Job Engine नाम का एक तंत्र विकसित किया जाएगा, जो युवाओं को समकालीन उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित करेगा।
प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस योजना के संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि सरकार राज्य की युवा पीढ़ी के लिए कौशल विकास और नए अवसरों के सृजन हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वैश्विक बाजारों तक पहुंच के लिए निर्यात प्रोत्साहन नीति
राज्य के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक फलक तक पहुंचाने के लिए एक नई निर्यात प्रोत्साहन नीति को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इस नीति का मुख्य लक्ष्य छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख एक्सपोर्ट हब के रूप में तब्दील करना है, जिससे कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में तैयार होने वाली वस्तुएं आसानी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकें। सरकार की इस योजना से राज्य के भीतर लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा और व्यापारियों को अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशने में आसानी होगी।
नवा रायपुर के अटल नगर अंतर्गत आने वाले तेंदुवा गांव में एक अत्याधुनिक नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का निर्माण किया जाएगा। इस संस्थान के लिए केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय को 10 एकड़ भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। लगभग 200 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से तैयार होने वाले इस परिसर में प्रतिवर्ष 1,000 युवाओं को दीर्घकालिक तकनीकी पाठ्यक्रम और 3,000 युवाओं को अल्पकालिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
दुर्ग जिले में बनेगा नया जिला न्यायालय परिसर
न्यायिक क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दुर्ग जिले में एक आधुनिक जिला न्यायालय भवन के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए 4 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है, जिसके बनने से क्षेत्र की न्याय व्यवस्था से जुड़ी अधोसंरचना में उल्लेखनीय सुधार आएगा और न्यायिक कार्यों में सुगमता बढ़ेगी।



















