चीन ने तिब्बत और नेपाल को आपस में जोड़ने वाले उस महत्वपूर्ण सीमा मार्ग की मरम्मत का कार्य केवल सात दिनों में पूरा कर लिया है, जो हाल ही में आई भीषण प्राकृतिक आपदा में पूरी तरह बह गया था। तिब्बत के गायरॉन्ग क्षेत्र से नेपाल के रसूवाग्धी को जोड़ने वाली इस मुख्य सड़क के फिर से खुलने से दोनों देशों के बीच माल ढुलाई, राहत सामग्री की आपूर्ति और यात्रियों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। हाल की बाढ़ और भूस्खलन के कारण इस रास्ते पर यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया था, जिससे राहत कार्यों में बड़ी रुकावट आ रही थी।
तबाही के बाद सात दिनों में मार्ग का पुनर्निर्माण
बाढ़ के दौरान गायरॉन्ग सीमा पर बनी यह सड़क बुरी तरह टूट गई थी, जिससे नेपाल की ओर जाने वाला सारा संपर्क टूट गया था। इस मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सामग्री और बचाव दलों को भेजना मुश्किल हो गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चीन ने तुरंत भारी मशीनरी और रक्षा तथा बचाव दलों को काम पर लगाया। महज एक सप्ताह के भीतर इस पूरे रास्ते को दुरुस्त कर दिया गया, जिसके बाद चीन की ओर से बचाव दल और राहत सामग्री से भरे वाहन रसूवाग्धी की ओर रवाना किए जा सके।
द्विपक्षीय व्यापार और संपर्क का मुख्य केंद्र
भौगोलिक और आर्थिक दृष्टि से गायरॉन्ग बॉर्डर रोड दोनों पड़ोसियों के बीच सबसे प्रमुख व्यापारिक गलियारा है। यह सड़क तिब्बत में त्रिशूली नदी और लेंडे कोला के पास से गुजरती है तथा सीमा पर बने चीन-नेपाल फ्रेंडशिप ब्रिज के माध्यम से दोनों देशों को जोड़ती है। यह मार्ग चीन के राष्ट्रीय राजमार्ग 216 को नेपाल के नेशनल हाईवे 42 से सीधे मिलाता है। पिछले एक दशक के आंकड़ों पर नज़र डालें तो दोनों देशों के बीच होने वाले कुल व्यापार का 30 फीसदी हिस्सा अकेले इसी रास्ते से पूरा होता है। इतना ही नहीं, वर्ष 2026 में अब तक 1 लाख से अधिक यात्री इस मार्ग का उपयोग कर चुके हैं।
सीमा नियंत्रण और शुल्क संरचना
चीन ने तिब्बत सीमा के इस प्रमुख मार्ग पर अपना पूरा नियंत्रण बना रखा है और वहां से गुजरने वाले नागरिकों के लिए नियम तय किए हैं। इस रास्ते से यात्रा करने वाले नेपाली नागरिकों के लिए वीजा शुल्क पहले से निर्धारित है। 15 दिनों के प्रवेश वीजा के लिए 25 डॉलर यानी करीब 2,500 रुपये देने होते हैं। यदि कोई 30 दिनों का वीजा चाहता है तो शुल्क 40 डॉलर तय किया गया है, जबकि 90 दिनों की अवधि वाले वीजा के लिए 100 डॉलर यानी लगभग 9,600 रुपये का भुगतान करना पड़ता है। सड़क बंद होने से इस राजस्व और व्यापारिक गतिविधियों पर भी विपरीत असर पड़ रहा था, जो अब मार्ग खुलने से बहाल हो गया है।



















