मानसून के इस मौसम में जहां भारत के विभिन्न राज्य मूसलाधार बारिश और बाढ़ जैसी आपदाओं से जूझ रहे हैं, वहीं पड़ोसी देश चीन में भी कुदरत का भीषण प्रकोप देखने को मिल रहा है। इस साल के 18वें शक्तिशाली समुद्री चक्रवात साउडेल ने पूर्वी चीन के तटीय इलाकों में भयंकर तबाही मचाई है। फुजियान और झेजियांग प्रांतों के तटीय क्षेत्रों से टकराते हुए इस तूफान ने तेज रफ्तार हवाओं और भारी वर्षा से सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बड़े पैमाने पर बचाव कार्य शुरू किए हैं और लाखों नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
पूर्वी चीन के तटों पर तीन बार टकराया चक्रवात साउडेल
मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्टों के अनुसार चक्रवात साउडेल ने पूर्वी चीन के अलग-अलग स्थानों पर कुल तीन बार लैंडफॉल किया है। गुरुवार सुबह लगभग 6 बजकर 30 मिनट पर इस चक्रवात ने तीसरी बार फुजियान प्रांत के झांगझोउ शहर के अंतर्गत आने वाले झांगपु काउंटी के तटीय इलाके में दस्तक दी। इस दौरान तूफान के मुख्य केंद्र के समीप हवा की अधिकतम गति 23 मीटर प्रति सेकंड दर्ज की गई, जो लगभग 86 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के बराबर है।
इससे पूर्व 28 अगस्त को इस शक्तिशाली तूफान ने पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के तटीय क्षेत्रों में दो बार लैंडफॉल किया था। पहली बार चक्रवात सुबह लगभग 8 बजकर 5 मिनट पर झेजियांग के तट से टकराया, उस समय इसके केंद्र के आसपास हवाओं की अधिकतम रफ्तार 35 मीटर प्रति सेकंड मापी गई थी। इसके तुरंत बाद सुबह करीब 9 बजकर 10 मिनट पर तूफान ने झेजियांग प्रांत के वेनझोउ शहर के तट पर दूसरी बार लैंडफॉल किया। इस दूसरी दस्तक के दौरान हवा की रफ्तार बढ़कर 33 मीटर प्रति सेकंड यानी लगभग 126 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे तटीय इलाकों में भारी नुकसान हुआ।
लेवल-1 अलर्ट और 2.47 लाख लोगों की सुरक्षित निकासी
तूफान की भयंकर विभीषिका की आशंका को देखते हुए झेजियांग प्रांत के अधिकारियों ने 27 अगस्त को ही आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को बढ़ाकर उच्चतम स्तर यानी लेवल-1 पर लागू कर दिया था। इस सख्त आदेश के तहत तटीय और समुद्री क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति, नागरिक नौका या व्यावसायिक जहाजों की मौजूदगी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। समुद्र में मौजूद सभी नौकाओं को तुरंत बंदरगाहों पर लौटने के निर्देश दिए गए थे।
वहीं फुजियान प्रांत के बाढ़ नियंत्रण और सूखा राहत मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 28 अगस्त की सुबह 7 बजे तक जोखिम वाले खतरनाक क्षेत्रों से करीब 2,47,700 लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों में स्थानांतरित कर दिया गया था। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया। आपातकालीन स्थिति का मुकाबला करने हेतु 80,000 से अधिक आपातकालीन कार्यकर्ताओं की तैनाती की गई और साथ ही 80,000 से ज्यादा आपदा प्रबंधन उपकरणों को तैयार रखा गया।
भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञों की तैनाती और तूफान की भावी दिशा
राष्ट्रीय मौसम केंद्र ने 28 अगस्त की सुबह चक्रवात साउडेल को लेकर व्यापक चेतावनी जारी की थी। मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के मुताबिक यह तूफान 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर होता जाएगा। हालांकि इसके प्रभाव से होने वाली भारी बारिश और लैंडस्लाइड के खतरों को कम करने के लिए बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाया गया।
झेजियांग प्रांत में संभावित आपदाओं का समय रहते पता लगाने के लिए 4,000 से अधिक निगरानी कर्मियों को काम पर लगाया गया। इन टीमों ने भू-वैज्ञानिक रूप से संवेदनशील और खतरे की आशंका वाले 7,200 से अधिक स्थानों पर 19,000 से ज्यादा बार सुरक्षा गश्त की। इसके अलावा जोखिम वाले इलाकों की सटीक पहचान और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए 564 भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञों को 73 काउंटियों में विशेष रूप से भेजा गया था ताकि तबाही के असर को न्यूनतम किया जा सके।



















