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10 ओवर, 20 रन, 0 विकेट: कैमरन कफी का वह कारनामा जो क्रिकेट इतिहास में दर्ज हो गयाक्रिकेट
23 जून 2026, 7:39 am (45 दिन पहले)· 3

10 ओवर, 20 रन, 0 विकेट: कैमरन कफी का वह कारनामा जो क्रिकेट इतिहास में दर्ज हो गया

साल 2001 में कोका-कोला कप के एक वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज कैमरन कफी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि उन्होंने न एक विकेट लिया, न रन बनाए और न कोई कैच। 10 ओवर में सिर्फ 20 रन देकर उन्होंने जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पर ऐसा शिकंजा कसा कि वेस्टइंडीज ने 27 रन से जीत दर्ज की।

क्रिकेट में प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब आमतौर पर उस खिलाड़ी को मिलता है जिसने बल्ले से शतक जड़ा हो, गेंद से पांच या उससे अधिक विकेट उड़ाए हों, या फिर फील्डिंग में कोई ऐसा कमाल किया हो जो सबकी नजरों में आ गया हो। लेकिन साल 2001 में कोका-कोला कप के एक वनडे मुकाबले में जो हुआ, वह क्रिकेट के पूरे इतिहास में एक अजूबे की तरह दर्ज है। वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज कैमरन कफी को उस मैच में प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया, और हैरानी की बात यह है कि उन्होंने न एक भी विकेट लिया था, न एक भी रन बनाया था, और न ही फील्डिंग में कोई कैच या रन-आउट किया था।

वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी: तीन अर्धशतकों से बना मजबूत स्कोर

इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी की। डैरेन गंगा, क्रिस गेल और शिवनारायण चंद्रपॉल तीनों ने अर्धशतकीय पारियां खेलकर टीम को एक ठोस आधार दिया। इन तीनों की बदौलत वेस्टइंडीज ने 50 ओवर की पारी में 5 विकेट खोकर 266 रन बनाए। आज से करीब 25 साल पहले वनडे क्रिकेट में 266 रनों का यह स्कोर बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता था।

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जिम्बाब्वे की पारी: कमजोर शुरुआत, मध्यक्रम से रोमांच

266 रनों का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। केवल 18 रन के कुल स्कोर पर उनका पहला विकेट गिर गया। ओपनर एलिस्टेयर कैंपबेल एक छोर पर अड़े रहे, लेकिन दूसरे छोर से विकेट लगातार गिरते रहे। कुछ देर ऐसा लगा कि वेस्टइंडीज मैच बड़े आराम से जीत लेगी। मगर जिम्बाब्वे के मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने छोटी-छोटी लेकिन काम की पारियां खेलकर मैच को रोमांचक मोड़ दे दिया और लक्ष्य एकाएक मुमकिन नजर आने लगा।

कफी की कसावट भरी गेंदबाजी ने बदला मैच का रुख

वेस्टइंडीज की तरफ से मार्लोन सैमुअल्स और मर्विन डिलन सबसे सफल गेंदबाज रहे, दोनों ने तीन-तीन विकेट अपने नाम किए। डिलन ने अपने तीन विकेट के लिए 48 रन खर्च किए, जबकि सैमुअल्स ने 5 ओवर में 28 रन दिए। रिओन किंग टीम के सबसे महंगे गेंदबाज रहे और उन्होंने अपने कोटे में 57 रन लुटाए। इन सबके बीच कैमरन कफी ने कुछ ऐसा किया जो बाकी सभी से अलग था। उन्होंने 10 ओवर के अपने पूरे स्पेल में जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए तरसाए रखा। दो मेडन ओवर रखते हुए उन्होंने पूरे स्पेल में सिर्फ 20 रन दिए। भले ही एक भी विकेट न मिला हो, लेकिन उनकी इस किफायती गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे पर ऐसा दबाव बनाए रखा कि विपक्षी टीम कभी भी लय में नहीं आ सकी।

नतीजतन जिम्बाब्वे की पारी 50 ओवर में 9 विकेट पर 239 रन पर खत्म हो गई और वेस्टइंडीज ने यह मुकाबला 27 रन से अपने नाम कर लिया। मैच के बाद जब प्लेयर ऑफ द मैच की घोषणा की गई तो कफी का नाम सुनकर सब हैरान रह गए, क्योंकि उनके खाते में एक भी विकेट नहीं था। लेकिन इसमें दो राय नहीं कि उनकी कसावट भरी गेंदबाजी के बिना मैच का रुख शायद अलग होता।

कैमरन कफी का अंतरराष्ट्रीय करियर

कैमरन कफी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में वेस्टइंडीज की तरफ से 15 टेस्ट और 41 वनडे मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 43 विकेट हासिल किए, जबकि वनडे फॉर्मेट में उनके नाम 41 विकेट दर्ज हैं। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर बहुत लंबा नहीं रहा, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ कोका-कोला कप के उस ऐतिहासिक मैच ने उन्हें क्रिकेट इतिहास में हमेशा के लिए एक खास मुकाम दिला दिया। वह गेंदबाज जिसने बिना विकेट लिए, बिना रन बनाए और बिना कैच लिए अपनी टीम को जिताया और प्लेयर ऑफ द मैच बना।

सवाल-जवाब

कैमरन कफी को प्लेयर ऑफ द मैच क्यों चुना गया जबकि उनके नाम कोई विकेट नहीं था?
कफी ने 10 ओवर में सिर्फ 20 रन देकर 2 मेडन रखे, जिससे जिम्बाब्वे पर लगातार दबाव बना रहा और टीम 266 रन के लक्ष्य को नहीं छू सकी।
यह मैच कब और किस टूर्नामेंट में खेला गया था?
यह मुकाबला साल 2001 में कोका-कोला कप के दौरान वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के बीच खेला गया था।
वेस्टइंडीज ने पहली पारी में कितने रन बनाए और किसने अर्धशतक लगाए?
वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 5 विकेट खोकर 266 रन बनाए; डैरेन गंगा, क्रिस गेल और शिवनारायण चंद्रपॉल ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं।
जिम्बाब्वे की पारी का अंतिम स्कोर क्या रहा और मैच कितने रन से जीता?
जिम्बाब्वे 50 ओवर में 9 विकेट पर 239 रन बना सकी और वेस्टइंडीज ने यह मैच 27 रन से जीत लिया।
इस मैच में वेस्टइंडीज के सबसे ज्यादा विकेट किसने लिए?
मार्लोन सैमुअल्स और मर्विन डिलन ने तीन-तीन विकेट लिए, जो टीम में सर्वाधिक थे।
इस मैच में वेस्टइंडीज का सबसे महंगा गेंदबाज कौन रहा?
रिओन किंग सबसे महंगे गेंदबाज रहे, जिन्होंने अपने कोटे में 57 रन लुटाए।
जिम्बाब्वे का वह ओपनर कौन था जो टिका रहा?
ओपनर एलिस्टेयर कैंपबेल एक छोर पर डटे रहे, जबकि दूसरे छोर से विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे।
कैमरन कफी ने अपने पूरे अंतरराष्ट्रीय करियर में कितने मैच और विकेट लिए?
कफी ने वेस्टइंडीज के लिए 15 टेस्ट और 41 वनडे खेले, जिनमें उन्होंने क्रमशः 43 और 41 विकेट हासिल किए।
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