भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के घरेलू सत्र के लिए प्रायोजन अधिकारों को लेकर एक नया घटनाक्रम सामने आया है। गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र की प्रमुख कंपनी मुथूट फाइनेंस लिमिटेड ने भारतीय धरती पर खेले जाने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट मुकाबलों के टाइटल स्पॉन्सरशिप अधिकार प्राप्त कर लिए हैं। कोच्चि के मुथूट परिवार द्वारा संचालित यह प्रतिष्ठित वित्तीय संस्थान अब देश के भीतर आयोजित होने वाले सभी बड़े क्रिकेट मुकाबलों में भारतीय बोर्ड का मुख्य वाणिज्यिक चेहरा बनेगा। इस नई साझेदारी के तहत कंपनी का प्रचार अभियान मुख्य रूप से ब्लू मुथूट नाम से संचालित किया जाएगा।
समझौते की अवधि और घरेलू सत्र का दायरा
यह वाणिज्यिक साझेदारी अगले दो वर्षों के लिए तय मानी जा रही है, जिसका समापन 31 मार्च 2028 को होगा। इस निर्धारित समयावधि में भारत की मेजबानी में होने वाले तमाम द्विपक्षीय अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट तो शामिल होंगे ही, साथ ही देश के प्रतिष्ठित प्रथम श्रेणी और सीमित ओवरों के घरेलू टूर्नामेंट्स के अधिकार भी इसी अनुबंध का हिस्सा रहेंगे। रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी जैसी घरेलू प्रतियोगिताओं के अलावा भारतीय धरती पर होने वाले हर आधिकारिक मुकाबले के प्रसारण, स्टेडियम ब्रांडिंग और प्रचार अभियानों में इस नए नाम की प्रमुखता दिखाई देगी।
प्रति मैच वित्तीय मूल्यांकन और प्रस्तावित बोली
इस पूरे सौदे के वित्तीय पक्ष पर नजर डालें तो प्रायोजन की बातचीत 4.85 करोड़ रुपये प्रति मैच के आधार मूल्य पर केंद्रित रही है। मूल्यांकन प्रक्रिया में यह आधार मूल्य शुरुआती बिंदु रहा, यद्यपि अंतिम अनुबंधित राशि में इस आधार स्तर से मामूली अंतर या कमी की संभावना भी जताई गई है। क्रिकेट बोर्ड जब इस संपूर्ण समझौते का आधिकारिक विवरण जारी करेगा, तभी वित्तीय लेनदेन और कुल अनुबंध राशि की अंतिम संख्या औपचारिक रूप से स्पष्ट हो सकेगी। भारतीय क्रिकेट के व्यापक प्रसारण मूल्य को देखते हुए यह समझौता काफी अहम माना जा रहा है।
प्रारूपों के आधार पर प्रस्तावित 35 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले
आगामी दो वर्षों की समयसीमा में भारतीय टीम अपने घरेलू मैदानों पर काफी सघन क्रिकेट कार्यक्रम का सामना करने वाली है। इस प्रायोजन समझौते के तहत कुल मिलाकर 35 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों को कवर किया जाना तय हुआ है। इन सभी 35 मुकाबलों के साथ घरेलू टूर्नामेंट्स की पूरी श्रृंखला का टाइटल अधिकार ब्लू मुथूट के पास ही सुरक्षित रहेगा।
इन 35 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों को खेल के तीनों प्रमुख प्रारूपों में विस्तृत रूप से विभाजित किया गया है
- टेस्ट प्रारूप: पारंपरिक और पांच दिवसीय क्रिकेट के तहत भारतीय मैदानों पर कुल 10 टेस्ट मैच आयोजित किए जाएंगे, जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
- एकदिवसीय प्रारूप: 50 ओवरों के खेल में भारतीय टीम घरेलू परिस्थितियों में कुल 12 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) मुकाबले खेलेगी।
- टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप: सबसे छोटे और तेज प्रारूप में प्रशंसकों के मनोरंजन के लिए कुल 13 टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) मैचों का आयोजन इस अनुबंध अवधि में शामिल किया गया है।
बोर्ड की औपचारिक पुष्टि और आगामी कदम
प्रायोजन से जुड़ी सभी व्यावसायिक रूपरेखाएं तय होने के बाद अब सभी की निगाहें बोर्ड के औपचारिक वक्तव्य पर टिकी हैं। भारतीय क्रिकेट बोर्ड की तरफ से आधिकारिक पुष्टि होने के बाद नए प्रायोजक के साथ अनुबंध की सभी शर्तें आधिकारिक रूप से प्रभावी हो जाएंगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय बाजार में वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनियों का इस स्तर पर क्रिकेट से जुड़ना बोर्ड की वाणिज्यिक शक्ति को प्रदर्शित करता है। बोर्ड के आधिकारिक मंच से मुहर लगते ही भारतीय क्रिकेट के इस नए वाणिज्यिक सफर की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी।


















