घरेलू क्रिकेट में लंबा अनुभव रखने वाले बंगाल के मुख्य कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला को आगामी ईरानी कप मुकाबले के लिए शेष भारत टीम का बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया है। यह मुकाबला एक से पांच अक्टूबर तक श्रीनगर में खेला जाएगा, जहाँ शेष भारत की टीम जम्मू-कश्मीर की चुनौती का सामना करेगी। 46 वर्षीय पूर्व ऑलराउंडर शुक्ला के लिए यह राष्ट्रीय क्रिकेट मंच पर एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी है।
सपोर्ट स्टाफ में अन्य दिग्गजों को भी मिली जिम्मेदारी
भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ लक्ष्मी रतन शुक्ला पहली बार किसी औपचारिक पद पर काम करने जा रहे हैं। ईरानी कप के लिए गठित कोचिंग दल में उनके साथ पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज देवाशीष मोहंती को गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा मिलाप मेवादा को शेष भारत टीम का क्षेत्ररक्षण कोच बनाया गया है। शुक्ला घरेलू क्रिकेट में बंगाल टीम के साथ पिछले कुछ सत्रों से बतौर मुख्य कोच जुड़े रहे हैं। पिछले रणजी ट्रॉफी सत्र में उनके मार्गदर्शन में खेल रही बंगाल की टीम को सेमीफाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी, जिससे श्रीनगर का यह मुकाबला उनके लिए खास अहमियत रखता है।
युवा स्तर पर मिली शोहरत और राष्ट्रीय टीम तक का सफर
बंगाल के पूर्व कप्तान लक्ष्मी रतन शुक्ला ने अपने घरेलू करियर का आगाज 1997-98 सत्र में महाराष्ट्र के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच खेलकर किया था। युवा स्तर पर उनके दमदार प्रदर्शन ने उन्हें जल्द ही सुर्खियों में ला दिया था। इसके बाद 1998 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित हुए यूथ वर्ल्ड कप के लिए उन्हें भारतीय अंडर-19 टीम में जगह मिली। सन 2000 की शुरुआत में उन्हें नेशनल क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनी के रूप में भी शामिल किया गया था, हालांकि चोट की दिक्कतों के चलते उन्हें वहां से हटना पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय करियर और आईपीएल की यात्रा
शुक्ला ने साल 1999 में भारत की सीनियर टीम के लिए तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उन्होंने पेप्सी कप के दौरान श्रीलंका के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया, जहाँ उन्होंने चार ओवर की गेंदबाजी में 32 रन खर्चे थे। इसके बाद कोकाकोला सिंगापुर चैलेंज में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने अगले मुकाबले में उन्होंने अपेक्षाकृत बेहतर खेल दिखाया। हालांकि इसके बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें आगे मौके नहीं दिए और उनका अंतरराष्ट्रीय करियर तीन मैचों तक ही सीमित रह गया। उस दौर में मीडिया के एक हिस्से ने उनकी तुलना कपिल देव से की थी, लेकिन वह उस मुकाम तक नहीं पहुंच सके। शुक्ला को सौरव गांगुली का बेहद करीबी माना जाता है। इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल में वह खिताब जीतने वाली कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम के सदस्य रहे और एक खिलाड़ी के तौर पर अपने अंतिम आईपीएल सत्र में वह दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से मैदान में उतरे थे।


















