वास्तु के अनुसार रसोई की इन गलतियों से आ सकती है आर्थिक तंगी, स्लैब से तुरंत हटाएं ये चीजेंजयपुर नगर निगम में फूल-मालाओं की खरीद पर बड़ा विवाद, 8 महीनों में खर्च हुए 17 लाख से ज्यादाअनंत सिंह और नीलम देवी के मामले पर पप्पू यादव ने नीतीश कुमार को घेरा, बोले- यह तो इस्तेमाल करो और फेंको की नीति हैएसिड की बेलगाम बिक्री और हमलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा ठोस जवाबसोनिया गांधी की आत्मकथा बिलॉन्गिंग ए जर्नी ऑफ लव दस नवंबर को होगी रिलीजअरविन्द केजरीवाल ने प्रकाश पर्व पर दी शुभकामनाएं, सोशल मीडिया पर साझा किया संदेशउदयपुर में दिवाली का भव्य जश्न, विदेशी सैलानियों के लिए विशेष थीम पार्टियां और शाही पैकेज तैयारदिशा पाटनी के पीने वाले पानी ने मचाई सनसनी, विराट कोहली के ब्रांड से भी महंगा हैलिंकन में आकिब नबी की घातक स्विंग, चौथे दिन संकट में फंसी कीवी टीमदैनिक राशिफल 28 अक्टूबर: जानिए मेष से मीन राशि तक सभी जातकों के लिए कैसा रहेगा कल का दिन
भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर के बचाव में उतरे हरभजन सिंह ने आलोचकों पर उठाए सवालक्रिकेट
13 अग॰ 2026, 3:15 pm (75 दिन पहले)· 3

भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर के बचाव में उतरे हरभजन सिंह ने आलोचकों पर उठाए सवाल

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की बढ़ती आलोचना पर हरभजन सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने गंभीर का पक्ष लेते हुए कहा कि मैच हारने पर सिर्फ कोच को जिम्मेदार ठहराना अनुचित है।

भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में गौतम गंभीर को टेस्ट प्रारूप में मिली असफलताओं के बाद क्रिकेट प्रेमियों और विश्लेषकों के कड़े बयानों का सामना करना पड़ रहा है। इस कठिन समय में भारत के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने गंभीर का पुरजोर समर्थन किया है। हरभजन सिंह का मानना है कि जब भी राष्ट्रीय टीम का प्रदर्शन मैदान पर कमजोर रहता है, तो उसके लिए अकेले कोच को कठघरे में खड़ा करने की प्रवृत्ति पूरी तरह से गलत है। उनके अनुसार, गंभीर एक बेहद भावुक और समर्पित इंसान हैं जो हर स्थिति में टीम के हितों को सर्वोपरि रखते हैं।

कोचिंग पर उठते सवालों का जवाब और टीम का समीकरण

टीम इंडिया के प्रदर्शन को लेकर हो रहे हंगामे पर अपनी बात रखते हुए हरभजन सिंह ने कहा कि मैदान पर खिलाड़ियों के खराब खेल का दोष हमेशा मुख्य कोच के सिर पर मढ़ देना समझ से परे है। उन्होंने गंभीर के खिलाड़ी जीवन को याद करते हुए स्पष्ट किया कि अपने क्रिकेट करियर के दौरान वे अत्यंत जुनूनी खिलाड़ी रहे हैं। गंभीर के लिए हमेशा अपनी टीम की जीत और उसकी प्राथमिकताएं ही सबसे ऊपर रही हैं। ऐसे में हार का पूरा जिम्मा केवल उनके कोचिंग कार्यकाल पर डाल देना व्यावहारिक न्याय नहीं है।

ये भी पढ़ें

ड्रेसिंग रूम के शुरुआती दिन और निजी स्वभाव

गंभीर के व्यक्तित्व के शुरुआती पहलुओं को उजागर करते हुए हरभजन सिंह ने बताया कि जब वे पहली बार भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा बने थे, तब वे काफी शर्मीले और शांत स्वभाव के थे। वे शुरुआत में बहुत कम खिलाड़ियों से बात करते थे और धीरे-धीरे ही साथियों के साथ घुले-मिले थे। उस दौर में वीरेंद्र सहवाग, अमित मिश्रा और मुनाफ पटेल उनके सबसे करीबी दोस्तों के समूह में शामिल थे। हरभजन ने कहा कि समय के साथ समीकरण भले बदले हों, लेकिन उन्हें विश्वास है कि उन खिलाड़ियों के बीच आज भी वह पुरानी दोस्ती कायम होगी।

कड़वा सच और सीधा लहजा

गंभीर के व्यवहार और बातचीत की शैली का बचाव करते हुए हरभजन ने उनके खरे स्वभाव पर जोर दिया।

"गौतम बहुत बढ़िया बंदा है," हरभजन सिंह ने अपने पूर्व साथी खिलाड़ी का बचाव करते हुए कहा।
उन्होंने आगे समझाया कि गंभीर बातों को घुमा-फिराकर कहने के बजाय सीधे और स्पष्ट शब्दों में कहना पसंद करते हैं। कई बार लोग उनके द्वारा कही गई बातों की सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पाते और उनके बोलने के अंदाज को गलत समझकर उन्हें कठोर स्वभाव का मान लेते हैं। हालांकि, उनका इरादा हमेशा पारदर्शी और सच्चा रहने का होता है।

सीमित ओवरों में सफलता और टेस्ट क्रिकेट में चुनौतियां

गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद से भारतीय टीम के नतीजों में एक स्पष्ट विरोधाभास देखने को मिला है। उनके मार्गदर्शन में भारत ने टी-20 विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जैसे प्रतिष्ठित सीमित ओवरों के टूर्नामेंटों में शानदार जीत हासिल की है। इसके विपरीत, लाल गेंद के क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन चिंताजनक रहा है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई टेस्ट श्रृंखलाओं में भारत को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है। इनमें से न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध अपने ही घरेलू मैदानों पर भारतीय टीम का सूपड़ा साफ होना प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुआ है।

सवाल-जवाब

हरभजन सिंह ने गौतम गंभीर की आलोचना पर क्या कहा?
हरभजन सिंह ने कहा कि मैच हारने पर अकेले कोच को दोषी ठहराना गलत है और गौतम गंभीर टीम को प्राथमिकता देने वाले स्पष्टवादी इंसान हैं।
गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत ने कौन-से बड़े टूर्नामेंट जीते हैं?
गौतम गंभीर के कोच रहते भारत ने टी-20 विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप में जीत हासिल की है।
भारतीय टेस्ट टीम को किन देशों के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा?
भारतीय टेस्ट टीम को ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करारी हार झेलनी पड़ी, जिनमें न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सूपड़ा साफ शामिल है।
ड्रेसिंग रूम में गौतम गंभीर के शुरुआती दोस्त कौन थे?
अपने शुरुआती दिनों में गौतम गंभीर के करीबी दोस्तों में वीरेंद्र सहवाग, अमित मिश्रा और मुनाफ पटेल शामिल थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp