चेन्नई के एम ए चिदंबरम स्टेडियम में दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन का बल्ला जमकर बोला। साउथ जोन के खिलाफ खेले जा रहे इस मैच का पहला दिन पूरी तरह ईस्ट जोन के नाम रहा और टीम की कमान संभाल रहे ईशान किशन ने पहली पारी में शानदार शतक जड़ दिया। स्टंप्स तक वह 111 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे। खास बात यह रही कि इसी पारी के दौरान उन्होंने अपने फर्स्ट क्लास करियर में 4000 रन का आंकड़ा भी पार कर लिया।
109 पारियों में पूरे हुए 4000 रन
ईशान किशन के करियर का यह मुकाम उनके 67 फर्स्ट क्लास मैचों और 109 पारियों के अनुभव के बाद आया है। इन पारियों में उन्होंने करीब 40 के औसत से कुल 4060 रन जोड़ लिए हैं, जिसमें 10 शतक और 19 अर्धशतक शामिल हैं। एक पारी में उनका सबसे बड़ा स्कोर 273 रन का रहा है। इसके उलट टेस्ट क्रिकेट में उन्हें अब तक सिर्फ दो मैच खेलने का मौका मिल पाया है। इन दो मैचों की तीन पारियों में उन्होंने 78.00 की औसत से कुल 78 रन बनाए हैं और इसमें उनके नाम एक अर्धशतक दर्ज है। घरेलू क्रिकेट के रेड बॉल फॉर्मेट में लगातार इस तरह की बड़ी पारियां खेलने के बाद अब यह देखना दिलचस्प रहेगा कि ईशान किशन को भारत की टेस्ट टीम में वापसी का मौका मिलता है या नहीं।
शिखर मोहन के साथ मिलाई 94 रन की साझेदारी
जब ईशान किशन बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे, उस वक्त ईस्ट जोन का तीसरा विकेट 147 रन के स्कोर पर गिर चुका था और टीम को एक बड़ी पारी की जरूरत थी। चेपॉक की पिच पर शुरुआत में संभलकर खेलते हुए उन्होंने सिर्फ 71 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद चौथे विकेट के लिए उन्होंने शिखर मोहन के साथ मिलकर 94 रन की बेहद अहम साझेदारी निभाई, जिसने ईस्ट जोन की पारी को मजबूती दी। शिखर मोहन ने भी अपनी पारी में 85 रन का योगदान दिया। दिन के आखिरी सेशन में ईशान किशन ने और आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए अपना शतक पूरा किया। स्टंप्स तक वह 135 गेंदों में 111 रन बनाकर नाबाद रहे।
पहले दिन ईस्ट जोन ने बनाए 385 रन
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में पहले दिन का खेल खत्म होने तक ईस्ट जोन की टीम ने 4 विकेट के नुकसान पर 385 रन का मजबूत स्कोर खड़ा कर लिया है, जिससे टीम ने मैच पर अच्छी पकड़ बना ली है। चेपॉक स्टेडियम में जारी इस मुकाबले में ईशान किशन के अलावा कुमार कुशाग्र भी 63 रन बनाकर क्रीज पर नाबाद मौजूद हैं। टीम के लिए शिखर मोहन के 85 रन के अलावा अभिमन्यु ईश्वरन ने भी 72 रन की उपयोगी पारी खेली, जिससे शुरुआती ओवरों में टीम को स्थिरता मिली। दूसरी ओर, साउथ जोन के लिए चामा वी मिलिंद सबसे कामयाब गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने 13 ओवर की गेंदबाजी में 56 रन खर्च करके 2 विकेट अपने नाम किए, हालांकि वह ईस्ट जोन के बल्लेबाजों पर काबू नहीं पा सके।



















