चेन्नई के एम ए चिदंबरम स्टेडियम में दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन और साउथ जोन आमने-सामने हैं और पहला दिन पूरी तरह बल्लेबाजों के नाम रहा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनने वाली ईस्ट जोन की टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक 4 विकेट खोकर 385 रन बना डाले। कप्तान ईशान किशन के नाबाद शतक और तीन अन्य बल्लेबाजों की अर्धशतकीय पारियों ने यह विशाल स्कोर बनाने में अहम भूमिका निभाई, जबकि तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की अगुआई वाली साउथ जोन की गेंदबाजी पूरे दिन बेअसर नजर आई।
शुरुआत से ही रनों का सैलाब, ईशान किशन ने जड़ा नाबाद शतक
पारी की शुरुआत में ही सलामी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन और वैभव सूर्यवंशी ने पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी करके टीम को मजबूत नींव दी। ईश्वरन ने 86 गेंदों पर 72 रन बनाए, लेकिन अच्छी लय में होने के बावजूद वह रनआउट होकर पवेलियन लौट गए। वहीं सूर्यवंशी ने सिर्फ 37 गेंदों पर 44 रन की तेज तर्रार पारी खेली। इसके बाद नंबर तीन पर उतरे शिखर मोहन ने भी बल्ले से कमाल दिखाते हुए 85 रन बनाए और रनगति बनाए रखी। कप्तान ईशान किशन ने दिन की सबसे बड़ी पारी खेलते हुए 135 गेंदों पर 111 रन बनाकर नाबाद रहे। उनके साथ कुमार कुशाग्र ने भी 63 रन की नाबाद पारी खेली, जिससे ईस्ट जोन ने दिन का खेल 385 रन 4 विकेट पर पूरी तरह अपने नियंत्रण में खत्म किया।
सिराज को 96 रन देकर भी नहीं मिली एक भी सफलता
साउथ जोन के लिए यह दिन मोहम्मद सिराज के लिहाज से बेहद निराशाजनक रहा। तेज गेंदबाज को दिनभर में 14 ओवर गेंदबाजी करने का मौका मिला, लेकिन वह 6.90 की इकॉनमी रेट से 96 रन लुटाकर भी कोई विकेट नहीं झटक पाए। इस दौरान उन्होंने दो नो बॉल भी फेंकी। सिराज अपने पहले और तीसरे स्पेल में खासतौर पर महंगे साबित हुए। उन्होंने पांच ओवर के पहले स्पेल में 41 रन दिए, फिर पांच ओवर के दूसरे स्पेल में 26 रन खर्च किए। दिन के अपने आखिरी और तीसरे स्पेल में उन्होंने चार ओवर गेंदबाजी की और इसमें भी 31 रन लुटा दिए। तीनों स्पेल मिलाकर सिराज एक भी बल्लेबाज को आउट नहीं कर पाए, जिससे साउथ जोन के गेंदबाजी विभाग के लिए यह दिन खासा मुश्किल भरा रहा।
चामा मिलिंद रहे साउथ जोन के सबसे कामयाब गेंदबाज, दूसरे दिन पर टिकीं निगाहें
साउथ जोन के गेंदबाजों में चामा मिलिंद सबसे सफल रहे। उन्होंने 13 ओवर में 56 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा एक विकेट त्रिपुराणा विजय के खाते में गया। इन दो सफलताओं के अलावा ईस्ट जोन को इकलौता झटका अभिमन्यु ईश्वरन के रनआउट होने से लगा, यानी पूरे पहले दिन साउथ जोन के गेंदबाजों के हाथ बहुत कम कामयाबी लगी। ईस्ट जोन अब 385 रन 4 विकेट पर मजबूत स्थिति में है और कई अनुभवी बल्लेबाज अभी क्रीज पर नाबाद मौजूद हैं। ऐसे में अब सबकी नजरें फाइनल के दूसरे दिन पर टिकी हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि साउथ जोन की गेंदबाजी, खासकर मोहम्मद सिराज, वापसी करके वो विकेट निकाल पाते हैं या नहीं, जो पहले दिन उनसे दूर रहे।


















