भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए पहले टी20 मुकाबले में टीम इंडिया की टॉप ऑर्डर एक बार फिर लड़खड़ा गई, और यह कमजोरी इस सीरीज की शुरुआत में ही खुलकर सामने आ गई. चेस्टर-ली-स्ट्रीट के मैदान पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआती दो ओवर में ही अपने दो अहम बल्लेबाज गंवा दिए और स्कोर महज 6 रन पर 2 विकेट हो गया. कुछ पलों के लिए तो ऐसा लगने लगा था कि पूरी पारी ही बिखर जाएगी. हालांकि इस मुश्किल घड़ी में बाएं हाथ के बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने आक्रामक और परिपक्व बल्लेबाजी करते हुए पारी को संभाला और मैच का रुख वापस भारत की तरफ मोड़ दिया.
छह रन पर गिरे दो अहम विकेट
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने के बाद फैंस को टीम इंडिया से तेज-तर्रार शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन दूसरे ही ओवर में मुश्किलें शुरू हो गईं. इंग्लैंड के तेज गेंदबाज साकिब महमूद ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ से भारतीय बल्लेबाजों को उलझाना शुरू किया और ओवर की शुरुआती गेंदों पर ही संजू सैमसन को आउट कर दिया. सैमसन बिना कोई खास योगदान दिए पवेलियन लौट गए और भारतीय खेमे पर दबाव बढ़ने लगा.
ईशान किशन का अजीबोगरीब रन आउट
सैमसन के आउट होने के फौरन बाद क्रीज पर पहुंचे ईशान किशन से एक संभली हुई पारी की उम्मीद थी, लेकिन आपसी तालमेल की भारी कमी ने उन्हें बेहद अटपटे अंदाज में पवेलियन भेज दिया. दूसरे ओवर की एक गेंद खेलने के बाद ईशान किशन ने फौरन एक क्विक सिंगल के लिए कॉल कर दिया और बिना नॉन-स्ट्राइकर छोर की तरफ देखे आधी पिच तक दौड़ पड़े. वहीं दूसरी तरफ खड़े अभिषेक शर्मा की नजरें पूरी तरह गेंद पर टिकी थीं. अभिषेक भांप चुके थे कि वहां कोई रन नहीं बनता और इंग्लैंड का फील्डर तेजी से गेंद की तरफ लपक रहा है. जब ईशान किशन आधी क्रीज पार कर चुके थे, तभी अभिषेक जोर से चिल्लाए, "अरे यार क्या कर रहा है", लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इंग्लैंड के फील्डरों ने इस गफलत का फायदा उठाने में जरा भी देरी नहीं की और फुर्ती से गेंद विकेटों पर दे मारी. नतीजा यह हुआ कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन क्रीज से काफी दूर, बीच मैदान में ही रन आउट हो गए. वे महज दो गेंद खेलकर बिना खाता खोले पवेलियन लौटे. इस झटके ने पावरप्ले में ही भारतीय टीम की कमर तोड़ दी और स्कोर 2 ओवर में 6 रन पर 2 विकेट हो गया.
दबाव में टॉप ऑर्डर, गलती की गुंजाइश नहीं बची
इन दोनों शुरुआती झटकों ने पूरी तस्वीर और चिंताजनक बना दी, क्योंकि टीम इंडिया की टॉप ऑर्डर पहले भी दबाव में इसी तरह लड़खड़ाती रही है और चेस्टर-ली-स्ट्रीट की परिस्थितियां भी इंग्लिश गेंदबाजों के अनुकूल थीं. ऐसे में किसी और गलती की गुंजाइश बिल्कुल नहीं बची थी. यही वजह थी कि अभिषेक शर्मा की पारी की अहमियत और बढ़ गई, क्योंकि टीम को किसी ऐसे बल्लेबाज की जरूरत थी जो दो जल्दी गिरे विकेटों का दबाव झेलते हुए भी स्कोरबोर्ड को रफ्तार से आगे बढ़ाए.
अभिषेक शर्मा ने संभाला मोर्चा
शुरुआती दो झटकों के बाद भारतीय टीम गहरे संकट में नजर आने लगी थी. टॉप ऑर्डर पूरी तरह बिखर चुका था और चेस्टर-ली-स्ट्रीट की पिच पर हालात बल्लेबाजों के लिए लगातार मुश्किल होते जा रहे थे. ऐसे नाजुक मौके पर युवा खिलाड़ियों से भरी इस टीम को एक ऐसी पारी की दरकार थी, जो न सिर्फ विकेटों का गिरना रोके बल्कि रन गति भी बनाए रखे. यह जिम्मेदारी बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अपने कंधों पर उठाई. ईशान किशन के साथ हुए रन आउट के कड़वे अनुभव को पीछे छोड़ते हुए अभिषेक ने बेहद परिपक्व अंदाज में बल्लेबाजी की और इंग्लिश गेंदबाजों के सामने घुटने टेकने के बजाय पलटवार करने की रणनीति अपनाई.
अभिषेक ने इंग्लैंड के स्पिनर लियाम डॉसन और तेज गेंदबाज साकिब महमूद दोनों को जमकर निशाना बनाया. उन्होंने मैदान के चारों कोनों में कुछ बेहद आकर्षक और दमदार शॉट्स खेले. जहां इंग्लैंड के गेंदबाज मैच पर हावी होने की कोशिश में जुटे थे, वहीं अभिषेक की धाराप्रवाह बल्लेबाजी ने मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत की तरफ मोड़ दिया. उनकी इस कप्तानी वाली पारी की बदौलत भारतीय टीम एक सम्मानजनक और चुनौतीपूर्ण स्कोर की दिशा में आगे बढ़ने में कामयाब रही.
शुरुआती झटके भले ही भारतीय खेमे के लिए चिंता का सबब बने हों, लेकिन अभिषेक शर्मा की इस पलटवार वाली पारी ने साफ कर दिया कि युवाओं से सजी यह टीम मुश्किल हालात से निकलने का माद्दा रखती है.













