उदयपुर के बहुचर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड मामले में न्याय मिलने की उम्मीदें अब और अधिक प्रबल होती नजर आ रही हैं। राजस्थान की राजधानी जयपुर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए (NIA) से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए एक नई विशेष अदालत का गठन किया गया है। इस समर्पित अदालत में केवल एनआईए के मामलों की ही सुनवाई की जाएगी। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम के बाद दिवंगत कन्हैयालाल साहू के बेटे यश ने एक वीडियो संदेश जारी किया है और अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए जल्द से जल्द न्याय मिलने की मजबूत उम्मीद जताई है।
अपने वीडियो संदेश में यश ने इस बात पर जोर दिया है कि जयपुर में एनआईए के लिए अलग से स्पेशल कोर्ट स्थापित होने से अब यह पूरी आस बंध गई है कि इस जघन्य हत्याकांड की सुनवाई अब फास्ट ट्रैक अदालत की तरह बेहद तेजी से आगे बढ़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विशेष अदालत के अस्तित्व में आने से पूरी कानूनी प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी आएगी और यह बहुचर्चित मामला जल्द ही अपने मुकाम पर पहुंचकर न्याय की मंजिल तय करेगा। पीड़ित परिवार को पूरा विश्वास है कि अब इस मामले में न्याय मिलने में और अधिक विलंब नहीं होगा।
सख्त सजा की मांग पर अडिग है परिवार
यश ने बातचीत में आगे यह भी साझा किया कि इस खौफनाक और दहला देने वाली घटना के घटित होने के बाद से ही उनका पूरा परिवार लगातार केवल एक ही मूल मांग पर कायम है। परिवार की एकमात्र मांग यह है कि इस नृशंस हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों और मुख्य आरोपियों को अदालत से जल्द से जल्द सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि उनके परिवार को शुरुआती दौर से ही देश की न्याय व्यवस्था और कानून प्रणाली पर पूरा भरोसा रहा है और अब इस नई स्पेशल कोर्ट के विधिवत गठन से अपराधियों को उनके कुकर्मों की सजा मिलने की संभावना और अधिक पुख्ता हो गई है।
पूरे देश को झकझोर देने वाली घटना
गौरतलब है कि उदयपुर में हुई कन्हैयालाल टेलर की इस बेरहमी से की गई हत्या की घटना ने पूरे देश को अंदर तक झकझोर कर रख दिया था। इस अत्यंत संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले की विस्तृत जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा की जा रही है। अब जयपुर में एनआईए के लिए एक डेडीकेटेड स्पेशल कोर्ट की स्थापना हो जाने से तमाम मुकदमों की सुनवाई में उल्लेखनीय तेजी आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। कन्हैयालाल के शोकाकुल परिवार के साथ-साथ आम जनता की निगाहें भी अब इस विशेष अदालत की आगामी न्यायिक कार्रवाई पर टिक गई हैं, ताकि सभी दोषियों को कानून के शिकंजे में कसकर कठोरतम सजा दिलाई जा सके।


















