अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जब एक युवा खिलाड़ी अपनी फिरकी से दिग्गजों को चौंकाता है, तो खेल प्रेमियों का ध्यान खींचना स्वाभाविक है। भारत और जापान के बीच खेले गए एकमात्र टी20 मुकाबले में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा अपनी पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए। बड़े शॉट खेलने की जल्दबाजी में वह अपना खाता तक नहीं खोल सके और एक साधारण स्ट्रोक खेलकर गोल्डन डक पर आउट हुए। इस बहुचर्चित विकेट के पीछे जिस गेंदबाज का नाम चर्चा में आया, वह हैं जापान के सत्रह साल के उभरते हुए लेफ्ट आर्म स्पिनर चार्ली हिन्ज।
कौन हैं जापान के उभरते स्पिनर चार्ली हिन्ज?
साल 2008 में जन्मे चार्ली हिन्ज बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं और उनका जीवन कई संघर्षों से भरा रहा है। जापान में क्रिकेट की लोकप्रियता हाल के वर्षों में धीरे-धीरे बढ़ी है, जिसके चलते वहां के कई खिलाड़ी केवल खेल के दम पर आजीविका नहीं चला पाते। यही वजह है कि राष्ट्रीय टीम के कई सदस्य अपने जीवन-यापन के लिए निजी नौकरियों पर निर्भर हैं। चार्ली भी इसी स्थिति से गुजर रहे हैं और अपने रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए एक दुकान में काम करते हैं। दुकान में साफ-सफाई, झाड़ू-पोछा लगाने से लेकर हर तरह के छोटे-मोटे कामकाज करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। इन कड़ी जिम्मेदारियों के बावजूद वह खेल के लिए वक्त निकालते हैं और मैदान पर पसीना बहाते हैं।
कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण और आंकड़े
चार्ली ने काफी कम उम्र में खेल में अपनी प्रतिभा साबित कर दी थी। उन्होंने महज 15 वर्ष की आयु में जापान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। इसके बाद से वह लगातार टीम का अहम हिस्सा बने हुए हैं। अपने अब तक के करियर में उन्होंने कुल 39 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में जापान का प्रतिनिधित्व किया है। इस दौरान उन्होंने अपनी नपी-तुली गेंदबाजी से कुल 49 विकेट चटकाए हैं। उनके गेंदबाजी आंकड़े बताते हैं कि वह काफी किफायती रहे हैं, जहां उनका करियर इकॉनमी रेट केवल 5.02 का है। टी20 प्रारूप में उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 6 रन देकर 5 विकेट लेने का दर्ज है।
भारतीय दिग्गजों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन
भारत के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में चार्ली अपनी टीम के सबसे प्रभावी और सफल गेंदबाज साबित हुए। मैच के दौरान उन्हें केवल 2 ओवर गेंदबाजी करने का मौका मिला, लेकिन इस संक्षिप्त स्पेल में भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। चार्ली ने 2 ओवर में 17 रन खर्च करते हुए दो सबसे अहम विकेट अपने नाम किए। विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को शून्य पर भेजने के बाद उन्होंने भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर को भी अपना शिकार बनाया। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों से निकलकर विश्वस्तरीय बल्लेबाजों को पवेलियन भेजने के इस कारनामे ने चार्ली को अपने देश में एक नया सितारा बना दिया है।


















