प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर सामाजिक सरोकार और जनकल्याण का संदेश प्रसारित करने के उद्देश्य से एक व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है। 'वडनगर से वाराणसी: ए यात्रा ऑफ सेवा' शीर्षक से आयोजित इस पहल के तहत जनसेवा और सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा दिया जा रहा है। अपने स्वरूप की यह पहली अनूठी यात्रा है, जिसमें शामिल 20 अलग-अलग टीमें एक साझा संकल्प के साथ कुल 35,500 किलोमीटर का विशाल सफर तय कर रही हैं।
21 दिनों तक विभिन्न राज्यों और कस्बों में पहुंचेगा अभियान
यह राष्ट्रव्यापी सफर 17 सितंबर से शुरू होकर 7 अक्टूबर तक कुल 21 दिनों तक जारी रहेगा। इस तय अवधि के भीतर सभी टीमें गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तथा वाराणसी से वापस वडनगर तक के लंबे मार्ग पर अग्रसर रहेंगी। अपने सफर के दौरान यह दल देश के विभिन्न राज्यों, प्रमुख शहरों, जिलों, प्रखंडों, कस्बों और दूरदराज के गांवों का दौरा करेंगे। इस पूरे आयोजन को केवल एक सामान्य मोटरसाइकिल यात्रा के रूप में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सेवा कार्यों को साकार करने और आम जनता से सीधे जुड़ने के एक बड़े सामाजिक अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है।
स्वच्छता, पौधारोपण और सार्वजनिक स्थलों पर राहत कार्य
सफर के दौरान सेवा यात्री तय पड़ावों पर रुककर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विविध जनकल्याणकारी गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। इन प्रयासों के अंतर्गत सार्वजनिक तालाबों, ऐतिहासिक मंदिरों, विद्यालयों, पार्कों, चिकित्सालयों और अन्य जनसुविधा स्थलों पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को गति देने के लिए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण किया जा रहा है, साथ ही गौ सेवा की गतिविधियां भी आयोजित हो रही हैं। सेवा दल पीएम श्री स्कूलों में पहुंचकर परिसरों की साफ-सफाई कर रहे हैं, विद्यार्थियों से बातचीत कर रहे हैं और बच्चों को पठन सामग्री व स्टेशनरी का वितरण कर रहे हैं। इसके साथ ही अस्पतालों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में पहुंचकर वहां रहने वाले जरूरतमंद व्यक्तियों की हरसंभव मदद की जा रही है।
जनसंवाद और समाज के विभिन्न वर्गों का सम्मान
इस अभियान के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को संबल प्रदान करने के लिए विधवाओं को जरूरी सहायता किट सौंपी जा रही हैं और स्वास्थ्य सेवाओं में जुटी आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर कई सामाजिक कल्याण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यात्रा की एक प्रमुख प्राथमिकता लोगों से सीधा संवाद स्थापित करना भी है। इसके लिए युवा संवाद, महिला संवाद, ग्राम सभा संवाद और लाभार्थी संवाद जैसे विशेष सत्रों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों की आकांक्षाओं को समझा जा सके और सरकारी योजनाओं के साथ सामाजिक विषयों के प्रति व्यापक जागरूकता लाई जा सके।
अंगदान की प्रेरणा और वीरों को श्रद्धांजलि
इस अभियान के जरिए जनमानस में सामाजिक दायित्व की भावना जगाने के लिए अंगदान संकल्प अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें लोगों को मरणोपरांत अंगदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही देश के इतिहास और बलिदानियों से नागरिकों को जोड़ने के लिए शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। इस पूरी पहल का मुख्य लक्ष्य सेवा, जनसंपर्क, युवाओं की सक्रिय भागीदारी, सामाजिक उत्थान, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामुदायिक सहभागिता के विभिन्न पहलुओं को एक सूत्र में पिरोकर देश की जमीनी सतह तक पहुंचाना है।



















