मुंबई: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में अब तक दो बार अपनी जगह पक्की करने वाली भारतीय क्रिकेट टीम इस समय अंक तालिका में पांचवें पायदान पर बनी हुई है। खिताबी मुकाबले में अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए मेन इन ब्लू को अपने आगामी मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करना होगा। भारतीय टीम के पूर्व हेड कोच राहुल द्रविड़ का मानना है कि रोहित शर्मा और साथियों के लिए तीसरी बार फाइनल का टिकट कटाना किसी भी लिहाज से आसान सफर नहीं होने वाला है।
न्यूजीलैंड दौरे पर होगी टीम की कड़ी परीक्षा
डब्ल्यूटीसी का अगला खिताबी मुकाबला अगले साल शीर्ष दो टीमों के बीच खेला जाएगा। भारतीय टीम को जनवरी 2027 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने घर पर पांच टेस्ट मैचों की लंबी घरेलू सीरीज खेलने से ठीक पहले न्यूजीलैंड की मुश्किल पिचों पर दो टेस्ट मैच खेलने जाना है। इस आगामी दौरे पर भारतीय टीम को कीवी टीम के खिलाफ दो टेस्ट मैचों के अलावा पांच वनडे और इतने ही टी-20 मुकाबले भी खेलने हैं। यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग यानी ईटीपीएल में एक फ्रेंचाइजी के मालिक की भूमिका निभा रहे राहुल द्रविड़ ने जियोस्टार से बातचीत के दौरान टीम के समीकरणों पर खुलकर अपनी बात रखी।
राहुल द्रविड़ ने बातचीत में कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि भारतीय टीम डब्ल्यूटीसी फाइनल का सफर तय करने में कामयाब रहेगी। मौजूदा समीकरणों और अंक तालिका में थोड़ी पिछड़ने की स्थिति के बावजूद अगर भारतीय टीम फाइनल के लिए क्वालीफाई करती है, तो यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय टीम बेहद मजबूत है और उसे कभी भी कमतर नहीं आंका जा सकता। टीम ने श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में बेहतरीन शुरुआत की है, जो कि इस कठिन सफर की तरफ एक बहुत अच्छा और सकारात्मक पहला कदम है।
दिग्गज खिलाड़ियों के अनुभव की खलेगी कमी
आगामी अक्टूबर महीने में होने वाले न्यूजीलैंड दौरे के संदर्भ में राहुल द्रविड़ ने माना कि विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे जैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके अनुभवी खिलाड़ियों की कमी इस दौरे पर निश्चित रूप से महसूस की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न्यूजीलैंड की घरेलू परिस्थितियों में मुकाबला करना हमेशा से ही मेहमान टीमों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होता है और कीवी टीम घरेलू मैदान पर बेहद कड़ी टक्कर देती है। भारतीय टीम के स्क्वाड में कई युवा चेहरे ऐसे हैं जिन्होंने न्यूजीलैंड के मुश्किल हालात और पर्थ या वेलिंगटन जैसी परिस्थितियों में क्रिकेट नहीं खेला है, इसलिए उनके सामने यह एक बड़ी परीक्षा होगी।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज भी आसान नहीं
पूर्व कप्तान ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि केवल विदेशी दौरा ही नहीं, बल्कि स्वदेश में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज भी बिल्कुल आसान नहीं होगी। कंगारू टीम के पास ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं जो जनवरी में होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए बेहद उत्सुक और बेताब हैं। द्रविड़ के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी मुकाबला बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहने वाला है। वर्तमान ऑस्ट्रेलियाई पीढ़ी के कई खिलाड़ियों ने अभी तक भारतीय जमीन पर टेस्ट सीरीज में जीत का स्वाद नहीं चखा है, इसलिए वे इस सूखे को खत्म करने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे।



















