भारतीय टेस्ट टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कोना श्रीकर भरत, जिन्हें क्रिकेट जगत में केएस भरत के नाम से जाना जाता है, अब नेपाल प्रीमियर लीग के आगामी सीजन में अपना जलवा दिखाते हुए नजर आएंगे। काठमांडू गोरखाज ने नेपाल प्रीमियर लीग 2026 के लिए इस भारतीय खिलाड़ी को अपनी टीम में शामिल कर लिया है। भरत ने साल 2026 में ही अंतरराष्ट्रीय और भारतीय घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया था, जिसके बाद अब वे नेपाल की इस टी20 लीग में एक नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं।
नेपाल प्रीमियर लीग का आयोजन और नया सफर
नेपाल प्रीमियर लीग के तीसरे संस्करण की शुरुआत आने वाली 26 अक्टूबर से काठमांडू में होने जा रही है। काठमांडू गोरखाज की टीम ने टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से केएस भरत के साथ करार किया है। भारतीय क्रिकेट और विभिन्न फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताओं का लंबा अनुभव रखने वाले केएस भरत के आने से काठमांडू की टीम को विकेटकीपिंग के साथ-साथ मध्यक्रम की बल्लेबाजी में भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
आईपीएल में मिला अनुभव और रणजी ट्रॉफी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
भारतीय टी20 लीग में केएस भरत कई प्रमुख फ्रेंचाइजियों का हिस्सा रह चुके हैं। साल 2021 के आईपीएल सीजन में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का प्रतिनिधित्व किया था, जबकि 2022 में वे दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से मैदान पर उतरे। इसके बाद साल 2023 में वे गुजरात टाइटंस और साल 2024 में कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम से जुड़े। हालांकि, इन टीमों में रहते हुए उन्हें अंतिम एकादश में खेलने के बेहद सीमित अवसर मिले। आईपीएल में भले ही मौकों की कमी रही हो, लेकिन भारत के घरेलू प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में उन्होंने अनोखा इतिहास रचा था। केएस भरत रणजी ट्रॉफी के इतिहास में तिहरा शतक जड़ने वाले पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज बने थे।
अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर और प्रतिस्पर्धा का दौर
केएस भरत को सबसे पहले नवंबर 2019 में भारतीय टेस्ट टीम का बुलावा मिला था, लेकिन उन्हें अपने डेब्यू मुकाबले के लिए फरवरी 2023 तक का लंबा इंतजार करना पड़ा। उन्होंने भारत के लिए कुल सात टेस्ट मैच खेले, जिनमें से पांच मुकाबले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और दो मैच इंग्लैंड के खिलाफ रहे। ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध खेले गए पांच टेस्ट मैचों में चार घरेलू बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के मुकाबले शामिल थे, जबकि एक मुकाबला द ओवल के मैदान पर खेला गया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल था। उस दौर में भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए उनका सीधा मुकाबला बेहतरीन विकेटकीपर ऋधिमान साहा और आक्रामक शैली के बल्लेबाज ऋषभ पंत से था। विकेट के पीछे भरत की बेहतरीन कीपिंग की हर किसी ने तारीफ की, लेकिन बल्लेबाजी में निरन्तरता का अभाव उनके लिए चुनौती बना रहा। अच्छी शुरुआत को बड़ी पारियों में न बदल पाने के कारण साल 2024 की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के बीच में ही उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया था।



















