मध्य प्रदेश के भिंड जिले और उत्तर प्रदेश के आगरा जिले को जोड़ने वाली चंबल नदी पर बने निर्माणाधीन पुल पर उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक जान देने के इरादे से सुरक्षा जाली पर लटक गया। सुरपुरा गांव निवासी गोलू नामक युवक पुल पर लगी लोहे की सेफ्टी जाली के दूसरी तरफ लटककर नदी में कूदने की धमकी देने लगा। राहगीरों की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंची मध्य प्रदेश की अटेर थाना पुलिस और उत्तर प्रदेश की खैरा राठौर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। लगभग 1 घंटे की कड़ी मशक्कत और संवेदनशील बातचीत के बाद पुलिस ने युवक का तनाव शांत कराया और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
प्रेम प्रसंग, जेल और नवजात बच्ची से जुड़ा विवाद
इस पूरी घटना की वजह एक पुराना प्रेम प्रसंग और पारिवारिक तनाव है। भिंड जिले के अटेर थाना क्षेत्र स्थित सुरपुरा गांव का निवासी गोलू उत्तर प्रदेश की एक युवती से प्रेम करता था। कुछ समय पहले वह युवती को अपने साथ ले गया था। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों को बरामद किया था और गोलू पर अपहरण व दुष्कर्म का मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। जिस दौरान गोलू न्यायिक हिरासत में जेल में बंद था, उसी अवधि में युवती ने एक नवजात बालिका को जन्म दिया।
हाल ही में न्यायालय से जमानत मिलने के बाद गोलू जेल से बाहर आया। रिहा होने के बाद वह सीधे उत्तर प्रदेश के खैरा राठौर थाना क्षेत्र स्थित युवती के घर पहुंचा। वहां उसने परिजनों से अपनी नवजात बेटी को अपने पास रखने की मांग की। हालांकि, युवती के परिजनों ने उसकी मांग मानने से साफ इनकार कर दिया और बच्ची को देने से मना कर दिया। परिजनों के इस फैसले से गुस्साया और मानसिक तनाव में आया गोलू सीधा चंबल नदी के पुल पर पहुंच गया।
सुरक्षा जाली पर लटका युवक, डायल-112 पर दी गई सूचना
अपनी मांग पूरी न होने से दुखी होकर गोलू जैतपुर और अटेर के बीच चंबल नदी पर बन रहे पुल के मध्य भाग में पहुंचा। उसने पुल के किनारे लगी लोहे की सुरक्षा जाली को पार किया और सीधे नदी के ऊपर लटक गया। उसे इस स्थिति में देखकर पुल से गुजर रहे राहगीरों के बीच दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद सतर्क नागरिकों ने तुरंत डायल-112 पर कॉल करके आपातकालीन पुलिस सहायता मांगी।
दो राज्यों की पुलिस की 1 घंटे की मशक्कत और समझाइश
सूचना प्राप्त होते ही अटेर पुलिस स्टेशन और उत्तर प्रदेश के खैरा राठौर थाने की पुलिस टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने बल प्रयोग करने के बजाय आत्मीय और धैर्यपूर्वक संवाद का रास्ता चुना। पुलिसकर्मियों ने गोलू से बात करते हुए उसकी समस्याओं को सुना और कानूनी तरीके से समाधान निकालने का भरोसा दिलाया।
पुलिस की ओर से लगातार 1 घंटे तक दी गई समझाइश के बाद युवक का गुस्सा शांत हुआ और उसने आत्महत्या का विचार त्याग दिया। वह लोहे की जाली को पकड़कर सुरक्षित पुल के रास्ते पर वापस आ गया। इसके बाद पुलिस टीम उसे अपने साथ ले गई।
प्राथमिक काउंसलिंग और कानूनी प्रक्रिया
युवक को सकुशल बचाने के बाद पुलिस ने मौके पर ही उसकी प्राथमिक काउंसलिंग की ताकि वह दोबारा ऐसा आत्मघाती कदम न उठाए। बाद में उसे आगे की आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए खैरा राठौर थाने के उप निरीक्षक गुरविन्दर सिंह को सौंप दिया गया।
मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन जानकारी: अगर आप या आपका कोई संबंधी किसी प्रकार के मानसिक तनाव या संकट का सामना कर रहा है, तो सहायता के लिए राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 या 1800-891-4416 पर संपर्क करें। इसके अलावा TISS Icall हेल्पलाइन नंबर 022-25521111 पर सोमवार से शनिवार सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक परामर्श लिया जा सकता है।


















