अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से ब्रिटिश पाउंड संभला, 1.3250 के करीब पहुंचा 'केबल'नाना पाटेकर के निधन पर विवादित बयान देने पर तनुश्री दत्ता पर भड़का सिने वर्कर्स एसोसिएशनब्रिटेन की आर्थिक मजबूती से ब्याज दरों में और बढ़ोतरी के आसार, पाउंड पर बना रहेगा दबावहरियाणा के फरीदाबाद में सहपाठी के आवास पर फंदे से लटका मिला दसवीं के छात्र का शव, परिजनों ने लगाया हत्या का गंभीर आरोपबकरियों की सुस्त बढ़त से मुनाफा घटने का खतरा, पशु चिकित्सक ने बताया सही पोषण और देखभाल का तरीकाएचडीएफसी बैंक के नए प्रमुख अनूप बागची को पहले साल मिलेगा करीब ₹43 करोड़ का पैकेज, देश में बन सकते हैं सर्वाधिक कमाई वाले बैंक प्रमुखसांस्कृतिक आदान-प्रदान: IIT जोधपुर ने युवा संगम फेज-7 के तहत राजस्थान के 50 युवाओं को सिक्किम भेजाशाम की भूख मिटाने के लिए झटपट तैयार करें क्रिस्पी लहसुनी मुरमुरे, नोट करें आसान विधिओपनएआई के रेवेन्यू में कमी और यूरोपीय संघ-चीन व्यापार तनाव से एशियाई बाजारों में हलचल, कच्चे तेल में नरमीसोशल मीडिया मंच ऑर्कुट की फिर हो सकती है वापसी, संस्थापक ऑरकुट बायुक्कोकटेन ने नए प्लान का किया ऐलान
न्यूजीलैंड के क्रिकेटर जीत रावल ने 38 साल की उम्र में क्रिकेट को कहा अलविदा, अब सीए बनकर शुरू करेंगे नई पारीक्रिकेट
9 अक्तू॰ 2026, 10:51 am (2 घंटे पहले)· 1

न्यूजीलैंड के क्रिकेटर जीत रावल ने 38 साल की उम्र में क्रिकेट को कहा अलविदा, अब सीए बनकर शुरू करेंगे नई पारी

भारत में जन्मे 38 वर्षीय कीवी क्रिकेटर जीत रावल ने खेल के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 24 टेस्ट खेल चुके रावल अब एक ऑडिटिंग फर्म में चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में फुल टाइम काम करेंगे।

अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक अपनी छाप छोड़ने वाले न्यूजीलैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज जीत रावल ने खेल के हर प्रारूप से संन्यास लेने का फैसला किया है। भारत में जन्मे 38 वर्षीय इस बल्लेबाज ने कीवी टीम के लिए 24 टेस्ट मुकाबले खेले हैं। अब वह मैदान छोड़कर कॉर्पोरेट दुनिया की ओर रुख कर रहे हैं, जहां वह एक ऑडिटिंग फर्म में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के पद पर अपनी नई पेशेवर जिंदगी शुरू करेंगे।

अहमदाबाद के स्कूल से न्यूजीलैंड की टेस्ट टीम तक का सफर

जीत रावल की खेल यात्रा बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक रही है। उनका जन्म गुजरात में हुआ था और शुरुआती दिनों में वह अहमदाबाद के विद्यानगर स्कूल में पढ़ाई करते थे। स्कूल के दिनों में वह भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल के साथ मिलकर ओपनिंग बल्लेबाजी किया करते थे। बाद में उनके परिवार ने एक बड़ा फैसला लिया और गुजरात छोड़कर न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में बस गया।

ये भी पढ़ें

न्यूजीलैंड पहुंचकर उन्होंने स्थानीय क्रिकेट सर्किट में तेजी से पहचान बनाई। वहां उन्होंने न्यूजीलैंड की अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व किया और अपनी ठोस तकनीक से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। साल 2008 में उन्होंने ऑकलैंड की टीम की ओर से अपने फर्स्ट क्लास करियर का आगाज किया। इसके बाद घरेलू मैदानों पर लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें साल 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण करने का मौका मिला। इसके अलावा जब 2021 में न्यूजीलैंड ने भारत को मात देकर पहली बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीता था, तब जीत रावल भी उस ऐतिहासिक विजेता टीम के सदस्य थे।

पिता के त्याग और संन्यास के फैसले पर जीत के विचार

खेल से अलग होने का ऐलान करते हुए जीत रावल ने कहा कि यह फैसला उनके लिए बेहद गर्व और सम्मान भरा पल है। उन्होंने बताया कि वह अपने इस निर्णय से पूरी तरह संतुष्ट और खुश हैं। रावल ने याद किया कि न्यूजीलैंड के लिए खेलना उनके बचपन का सबसे बड़ा सपना था और अपने करियर की उपलब्धियों पर उन्हें हमेशा गर्व रहेगा।

उन्होंने अपने इस मुकाम का श्रेय अपने परिवार और विशेष रूप से अपने पिता को दिया। उन्होंने कहा कि यह सपना सिर्फ उनका नहीं, बल्कि उनके पिता का भी था। उनके पिता ने परिवार के बेहतर भविष्य की खातिर न्यूजीलैंड जाने का साहसिक कदम उठाया था, ताकि उनके बेटे को एक सफल क्रिकेटर बनने का पूरा अवसर मिल सके।

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 10 हजार से ज्यादा रन का शानदार रिकॉर्ड

घरेलू क्रिकेट में जीत रावल की गिनती सबसे मजबूत और भरोसेमंद ओपनर्स में की जाती रही है। उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी करियर की 292 पारियों में से 285 बार पारी की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने लगभग 37 के औसत से 10127 रन जुटाए, जिसमें 23 शतकीय पारियां शामिल हैं।

न्यूजीलैंड की प्रतिष्ठित घरेलू प्रतियोगिता प्लंकेट शील्ड में भी उनका बल्ला जमकर बोला, जहां उन्होंने कुल 8662 रन बनाए। वहीं अगर उनके टेस्ट करियर की बात करें, तो 24 मैचों की 39 पारियों में उन्होंने 30.07 के औसत से 1143 रन बनाए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह अपने नाम 1 शतक और 7 अर्धशतक दर्ज कराने में सफल रहे।

सवाल-जवाब

जीत रावल ने कितने टेस्ट मैच खेले हैं?
जीत रावल ने न्यूजीलैंड के लिए साल 2016 से 2020 के बीच कुल 24 टेस्ट मैच खेले हैं।
संन्यास के बाद जीत रावल क्या काम करेंगे?
क्रिकेट छोड़ने के बाद वह एक ऑडिटिंग फर्म में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के रूप में फुल टाइम काम करेंगे।
जीत रावल का जन्म कहां हुआ था?
जीत रावल का जन्म भारत के गुजरात राज्य में हुआ था, जिसके बाद उनका परिवार न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में बस गया।
जीत रावल ने स्कूल के दिनों में किस भारतीय खिलाड़ी के साथ ओपनिंग की थी?
उन्होंने अहमदाबाद के विद्यानगर स्कूल में भारत के पूर्व खिलाड़ी पार्थिव पटेल के साथ मिलकर ओपनिंग बल्लेबाजी की थी।
जीत रावल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कितने रन और शतक बनाए हैं?
उन्होंने अपने फर्स्ट क्लास करियर में करीब 37 के औसत से 10127 रन बनाए, जिसमें 23 शतक शामिल हैं।
टेस्ट क्रिकेट में जीत रावल का रिकॉर्ड क्या रहा है?
उन्होंने 24 टेस्ट मैचों की 39 पारियों में 30.07 के औसत से 1143 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 7 अर्धशतक शामिल हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp