वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन के ऐतिहासिक मैदान पर खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान बाबर आजम एक व्यक्तिगत मील के पत्थर से चूक गए। बेहतरीन लय में बल्लेबाजी कर रहे बाबर आजम अपने शतक से महज 12 रन दूर थे, लेकिन 88 रन के स्कोर पर दुर्भाग्यपूर्ण अंदाज में रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। इस आउट होने के कारण अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में पिछले चार साल से चला आ रहा उनका शतक का इंतजार एक बार फिर लंबा हो गया है। क्रीज पर मजबूती से जमे बाबर आजम अपने साथी बल्लेबाज के साथ बड़ी साझेदारी बना चुके थे, परंतु एक गलत तालमेल ने उनकी इस शानदार पारी का अंत कर दिया। इस रन आउट के साथ ही बाबर आजम पाकिस्तान टेस्ट क्रिकेट इतिहास के एक बेहद अनचाहे और शर्मनाक रिकॉर्ड में पूर्व खिलाड़ियों के समकक्ष आ खड़े हुए हैं।
टेस्ट क्रिकेट में रन आउट की अनचाही तालिका और रिकॉर्ड
पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट की पहली पारी में 88 रन पर रन आउट होते ही बाबर आजम अपने टेस्ट करियर में कुल 7वीं बार इस तरह आउट हुए। पाकिस्तान के लिए टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा बार रन आउट होने के मामले में बाबर आजम अब संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इस मामले में उन्होंने पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम और बल्लेबाज अजहर अली की बराबरी कर ली है। वसीम अकरम और अजहर अली दोनों ही अपने टेस्ट करियर के दौरान 7-7 बार रन आउट होकर पवेलियन लौटे थे। पाकिस्तान की तरफ से टेस्ट प्रारूप में सबसे अधिक बार रन आउट होने का शर्मनाक रिकॉर्ड पूर्व दिग्गज बल्लेबाज जावेद मियांदाद के नाम दर्ज है, जो अपने करियर में कुल 8 बार रन आउट हुए थे। वर्तमान में 7 रन आउट के साथ बाबर आजम इस सूची में दूसरे पायदान पर हैं। यदि अपने आने वाले टेस्ट मुकाबलों में बाबर आजम एक और बार रन आउट होते हैं, तो वह जावेद मियांदाद के 8 बार रन आउट होने के शीर्ष रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे।
183 रनों की साझेदारी का नाटकीय अंत और गलतफहमी
वेस्टइंडीज के खिलाफ इस मुकाबले में एक समय पाकिस्तान की स्थिति बेहद मजबूत नजर आ रही थी। बाबर आजम और अब्दुल्ला शफीक के बीच मैदान पर बेहतरीन तालमेल दिख रहा था और दोनों ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 183 रनों की एक बड़ी साझेदारी निभा ली थी। दोनों बल्लेबाज वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण का सफलता के साथ सामना कर रहे थे। हालांकि, एक रन लेने की कोशिश में यह महत्वपूर्ण साझेदारी टूट गई। बाबर आजम ने शॉट खेलने के बाद एक त्वरित सिंगल लेने की कोशिश की और आधी पिच तक दौड़ पड़े। दूसरी तरफ खड़े अब्दुल्ला शफीक ने इस रन के लिए कॉल को स्वीकार नहीं किया और रन लेने के लिए नहीं दौड़े। इसी दौरान शॉर्ट कवर पर तैनात वेस्टइंडीज के फील्डर ब्रैंडन किंग ने बिना कोई समय गंवाए गेंद को उठाया और स्ट्राइकर एंड की तरफ एक सटीक डायरेक्ट थ्रो फेंक दिया। बाबर आजम जब तक वापस अपनी क्रीज की ओर मुड़ते, तब तक गेंद स्टंप्स पर लग चुकी थी और वह रन आउट करार दिए गए। इस तरह 88 रन की पारी पर विराम लगने से उनका चार साल पुराना टेस्ट शतक का इंतजार फिर से बढ़ गया।
मध्यक्रम का पतन और मैच में पाकिस्तान की मजबूत पकड़
कप्तान बाबर आजम का विकेट गिरने के तुरंत बाद पाकिस्तान की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने इस मौके का पूरा लाभ उठाया और केवल पांच रन के भीतर ही पाकिस्तान के तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर मिडिल ऑर्डर पर भारी दबाव बना दिया। इस झटके के बावजूद, पाकिस्तान की टीम अपनी पहली पारी में 387 रन का मजबूत स्कोर खड़ा करने में सफल रही। इस स्कोर के साथ पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज की पहली पारी के आधार पर 43 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। इसके जवाब में उतरी वेस्टइंडीज की दूसरी पारी में भी पाकिस्तानी गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज ने अपनी दूसरी पारी में 103 रन के कुल स्कोर पर अपने 6 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए हैं। वेस्टइंडीज के पास इस समय केवल 60 रनों की मामूली कुल बढ़त है और उसके पास सिर्फ 4 विकेट शेष बचे हैं। पोर्ट ऑफ स्पेन की पिच पर मैच के मौजूदा समीकरण को देखते हुए वेस्टइंडीज की टीम के लिए इस टेस्ट मैच को बचाना या हार से बचना बेहद चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है।



















