इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सत्र को ध्यान में रखते हुए दिल्ली कैपिटल्स फ्रेंचाइजी ने बड़ा फैसला लेते हुए पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को अपना मुख्य कोच नियुक्त किया है। टीम प्रबंधन ने नए सत्र की तैयारियों और रणनीतिक बदलावों के तहत अनुभवी क्रिकेट प्रशासक और दिग्गज खिलाड़ी को यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है।
फ्रेंचाइजी के साथ लंबे अनुभव का मिलेगा फायदा
क्रिकेट जगत में 'दादा' के नाम से लोकप्रिय सौरव गांगुली का दिल्ली कैपिटल्स के साथ पुराना और गहरा नाता रहा है। वह वर्ष 2019 में पहली बार इस टीम के साथ एक सलाहकार की भूमिका में जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने फ्रेंचाइजी के भीतर कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया, जिसमें पुरुष और महिला दोनों टीमों के क्रिकेट निदेशक का पद भी शामिल रहा है।
रणनीति और नेतृत्व में नए बदलाव की संभावना
कोचिंग की कमान सीधे तौर पर संभालने के बाद अब टीम के समग्र ढांचे और मैदान पर उतरने वाली रणनीति में बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्य कोच बनने के साथ ही सपोर्ट स्टाफ के चयन और आगामी सत्र के लिए टीम संयोजन पर उनका सीधा प्रभाव रहेगा। इसके अलावा टीम के भीतर कप्तानी और कोर ग्रुप की रणनीतियों को लेकर भी नए सिरे से योजनाएं बनाई जा रही हैं।
खिताब के सूखे को खत्म करने की चुनौती
दिल्ली कैपिटल्स की टीम अब तक आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम नहीं कर सकी है। ऐसे में सौरव गांगुली के विशाल अंतरराष्ट्रीय अनुभव और आक्रामक नेतृत्व क्षमता के दम पर फ्रेंचाइजी खिताबी सूखे को समाप्त करने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरेगी। उनके मार्गदर्शन में टीम के घरेलू और विदेशी खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।



















