भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे वनडे में एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला जिसे क्रिकेट प्रेमी लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगे. जीत भारत की झोली में जाती दिख रही थी, लेकिन जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी ने पूरा खेल पलट दिया और इंग्लैंड को 4 विकेट से जीत दिलाकर सीरीज में 1-1 की बराबरी करा दी.
भारत की मजबूत शुरुआत और इंग्लैंड की लड़खड़ाहट
भारत ने अपनी पारी में 233 रन बनाए और इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 234 रनों का लक्ष्य रखा. लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम शुरुआत में ही लड़खड़ा गई. भारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई लाइन-लेंथ से रन गति पर लगाम कसी और लगातार अंतराल पर विकेट निकालकर मेहमान टीम की कमर तोड़ दी. इस दबदबे भरी गेंदबाजी के चलते टीम इंडिया के खेमे में आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया था और जीत लगभग तय मानी जाने लगी थी. ठीक इसी मुश्किल हालात में जो रूट क्रीज पर उतरे, जब इंग्लैंड गहरे संकट में फंसा हुआ था.
रूट की एंकर भूमिका ने बदली मैच की तस्वीर
इस मुकाबले का सबसे बड़ा मोड़ जो रूट का एक छोर संभाले रखना साबित हुआ. उन्होंने न सिर्फ विकेट गिरने की रफ्तार पर ब्रेक लगाया, बल्कि निचले क्रम के हर बल्लेबाज के साथ छोटी मगर बेहद कीमती साझेदारियां भी कीं. इन्हीं साझेदारियों ने भारतीय कप्तान की हर रणनीति को नाकाम कर दिया. रूट ने खुद रन बनाने के साथ-साथ दूसरे छोर पर खड़े हर साथी को भरोसा भी दिया. भारतीय स्पिनरों और तेज गेंदबाजों ने हावी होने की पूरी कोशिश की, लेकिन रूट टस से मस नहीं हुए और एक छोर मजबूती से थामे रहे.
जैक बेथेल के साथ शुरुआती संघर्ष भरी साझेदारी
रूट के क्रीज पर आने के बाद सबसे पहले उनका साथ जैक बेथेल ने दिया. दोनों ने मिलकर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन बेथेल संघर्ष करते हुए 11 गेंदों में सिर्फ 3 रन ही बना सके. इस दौरान रूट ने 4 गेंदों में 8 रन बनाए. दोनों के बीच हुई यह साझेदारी सिर्फ 10 रनों की रही, लेकिन इसी छोटी साझेदारी ने रूट को पिच का मिजाज भांपने और आगे की रणनीति तय करने में मदद की.
हैरी ब्रूक के साथ तेजी पकड़ती पारी
बेथेल के आउट होने के बाद हैरी ब्रूक क्रीज पर आए. रूट और ब्रूक के बीच 16 गेंदों में 23 रनों की तेज-तर्रार साझेदारी हुई, जिसने रन गति को थमने नहीं दिया. इसी दौर में रूट ने भी अपने अंदाज में तेजी दिखाई और 29 गेंदों में 45 रन बनाकर स्कोरबोर्ड को हरकत में रखा.
सैम करन और कप्तान जोस बटलर के साथ अनुशासित बल्लेबाजी
इसके बाद सैम करन क्रीज पर आए और रूट के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया. करन के साथ रूट की साझेदारी 26 गेंदों में 14 रनों की रही, जो बेहद अनुशासित अंदाज में खेली गई. करन के बाद कप्तान जोस बटलर रूट के साथ बल्लेबाजी करने आए और दोनों ने मिलकर 17 गेंदों में 13 रन जोड़े. इस पूरे दौर में भारतीय गेंदबाज विकेट के लिए तरसते रहे, जबकि रूट अपनी जगह डटे रहे.
विल जैक्स के साथ निर्णायक प्रहार
मैच का असली रुख उस वक्त पलटा जब विल जैक्स रूट के साथ क्रीज पर मौजूद थे. दोनों के बीच 30 गेंदों में 35 रनों की बेशकीमती साझेदारी हुई. जैक्स ने एक छोर से आक्रामक अंदाज में रन बटोरे, जबकि रूट ने दूसरे छोर से विकेट बचाते हुए भारतीय टीम पर दबाव लगातार बढ़ाए रखा. इसी साझेदारी के दम पर इंग्लैंड ने दूसरा वनडे जीतकर सीरीज में 1-1 की बराबरी हासिल कर ली.
गस एटकिंसन के साथ शानदार क्लास फिनिश
मैच जब अपने सबसे रोमांचक और आखिरी मोड़ पर पहुंचा, तब जो रूट का साथ गस एटकिंसन ने दिया. एटकिंसन ने क्रीज पर आते ही आक्रामक तेवर दिखाए और महज 25 गेंदों में तूफानी 38 रन जड़ दिए. इस दौरान रूट ने पूरी सूझबूझ के साथ स्ट्राइक रोटेट की और खुद सिर्फ 9 गेंदों में 11 रन बनाकर एटकिंसन को खुलकर बल्लेबाजी करने का पूरा मौका दिया. दोनों की इस नाबाद साझेदारी ने आखिरकार इंग्लैंड को 44.1 ओवर में 6 विकेट खोकर 235 रनों के विजयी लक्ष्य तक पहुंचा दिया.
133 गेंदों में नाबाद 99 रन, आंकड़ों में रूट का जादू
कहा जाता है कि शतक सिर्फ आंकड़ों की बात होती है, असली मायने तो जीत के होते हैं. जो रूट इस मुकाबले में अपने शतक से महज 1 रन से चूक गए, लेकिन उनकी 133 गेंदों में बनी नाबाद 99 रनों की यह पारी किसी भी दोहरे शतक से कम नहीं आंकी जा सकती. इस पारी में रूट ने 9 खूबसूरत चौके जड़े और उनका स्ट्राइक रेट 74.44 का रहा. जब भारत की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, तब रूट का अनुभव, उनका धैर्य और उनकी क्लास टीम इंडिया के सामने एक अभेद्य दीवार बनकर खड़ी हो गई. उन्होंने अकेले दम पर भारतीय गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ी और मैच को धीरे-धीरे भारत की पकड़ से खींचकर इंग्लैंड की झोली में डाल दिया. यह मुकाबला हमेशा इस बात के लिए याद रखा जाएगा कि कैसे मौजूदा दौर के सबसे बड़े बल्लेबाजों में शुमार एक खिलाड़ी ने दबाव के सबसे कठिन क्षणों में भी अपनी मास्टरक्लास पारी पेश की.
सीरीज पर असर
जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी के दम पर इंग्लैंड ने दूसरा वनडे अपने नाम कर लिया और सीरीज में 1-1 की बराबरी हासिल कर ली. भारत के हाथ से लगभग तय दिख रही जीत फिसल जाने से टीम इंडिया के लिए यह हार बड़ा झटका मानी जा रही है, जबकि इंग्लैंड के लिए यह वापसी टीम का मनोबल ऊंचा करने वाली साबित हुई.




















