जो रूट शतक से सिर्फ एक रन से चूक गए, लेकिन कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स मैदान पर खेले गए दूसरे वनडे में उन्हीं की नाबाद पारी के दम पर इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से हरा दिया. इस जीत के साथ तीन मैचों की वनडे सीरीज अब 1-1 से बराबर हो गई है.
लड़खड़ाती शुरुआत और फिर रूट का संभालना
भारत ने इंग्लैंड को जीत के लिए 234 रन का लक्ष्य दिया था, लेकिन पारी की शुरुआत मेजबान टीम के लिए बेहद खराब रही. जसप्रीत बुमराह ने पहले ही ओवर में बेन डकेट को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया. इसके कुछ ही देर बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने जैकब बेथेल को सिर्फ 4 रन पर आउट कर दिया. दो जल्दी विकेट गिरने के बाद मैदान पर उतरे जो रूट ने पूरी पारी की कमान अपने हाथ में ले ली. उन्होंने एक छोर मजबूती से थामे रखा और 133 गेंदों में 9 चौकों की मदद से 99 रन बनाकर नाबाद लौटे. शतक से भले ही वह एक रन दूर रह गए हों, लेकिन उनकी यह संयमित और कप्तानी अंदाज वाली पारी ही इंग्लैंड की जीत की सबसे बड़ी वजह बनी.
मध्यक्रम का साथ और एटकिंसन की तेजी
रूट को अकेले पूरा मैच नहीं निकालना पड़ा. कप्तान हैरी ब्रूक ने 16 रन बनाए, सैम करन ने 26 और विल जैक्स ने 30 रन जोड़े. इन तीनों ने सूझबूझ भरी बल्लेबाजी करते हुए छोटे मगर बेहद अहम योगदान दिए, जिससे रन गति बनी रही. आखिरी ओवरों में गस एटकिंसन ने तूफानी अंदाज दिखाया और सिर्फ 16 गेंदों पर नाबाद 23 रन ठोक डाले. इसी की बदौलत इंग्लैंड ने 44.1 ओवर में 6 विकेट खोकर 235 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया. भारत की तरफ से गुरनूर बराड़ ने सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए, जबकि जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अक्षर पटेल और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली. इस जीत ने सीरीज को 1-1 पर ला खड़ा किया है, जिससे अब आखिरी और निर्णायक मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है.
भारतीय पारी का बिखरना
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम विराट कोहली के 65 और उप-कप्तान श्रेयस अय्यर के 66 रन के बावजूद 44 ओवर में महज 233 रन पर ऑल आउट हो गई. कोहली की पारी देखकर उनके पुराने दमदार दिनों की याद ताजा हो गई, लेकिन कप्तान रोहित शर्मा 26 रन बनाकर संघर्ष करते नजर आए. जोफ्रा आर्चर ने 10 ओवर में 47 रन देकर तीन विकेट झटके और उनके इस घातक स्पेल ने भारत के मध्यक्रम की कमर तोड़ दी. सिर्फ 15 रन के भीतर भारत के चार विकेट गिर गए. इसके अलावा गस एटकिंसन ने 50 रन देकर तीन विकेट और साकिब महमूद ने 52 रन देकर दो विकेट अपने नाम किए.
कोहली की क्लासिक पारी, अय्यर का जुझारूपन
कोहली ने अपनी 66 गेंद की पारी में आठ खूबसूरत चौके जड़े, जिसमें आर्चर की गेंद पर खेला गया बैक-फुट ड्राइव सबसे यादगार शॉट रहा. दूसरी तरफ रोहित शर्मा ने 47 गेंदें खेलीं, जिसमें नौ गेंदों पर एक भी रन नहीं बना और आखिरकार उन्होंने आसानी से अपना विकेट गंवा दिया. भारत की बल्लेबाजी में असली हीरो बनकर उभरे उप-कप्तान श्रेयस अय्यर. उन्होंने 71 गेंदों की पारी में पांच चौके और दो छक्के जड़े और इंग्लैंड की शॉर्ट गेंदों का डटकर मुकाबला किया. आर्चर की ही गेंद पर छक्का जड़कर उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया, हालांकि दूसरे छोर से उन्हें किसी का साथ नहीं मिला. इससे पहले टॉस जीतकर इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था.
गिल की अच्छी शुरुआत और रोहित-कोहली की साझेदारी
सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल ने 30 गेंदों में छह चौकों की मदद से 31 रन बनाकर भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई, जबकि दूसरे छोर पर रोहित शर्मा गैप तलाशने के लिए लगातार जूझते नजर आए. आखिरकार एटकिंसन की गेंद को हवा में खेलकर गिल कैच थमा बैठे. गिल के आउट होते ही क्रीज पर आए कोहली को लय पकड़ने में बिल्कुल देर नहीं लगी. उन्होंने आर्चर की गेंद पर शानदार स्ट्रेट ड्राइव खेला और डीप मिड विकेट की दिशा में एक चौका भी जड़ा. जब आदिल राशिद गेंदबाजी करने आए, तो कोहली ने काउ कॉर्नर की तरफ एक अनोखा स्लॉग स्वीप भी खेल डाला. रोहित ने एटकिंसन की गेंद पर एक छक्का तो लगाया, लेकिन वह अपनी लय में नहीं आ सके और आखिरकार विल जैक्स की गेंद पर आउट हो गए. आउट होने से पहले दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 61 गेंदों में 60 रन जोड़े थे.
किशन की तकनीकी खामी और मध्यक्रम का सरेंडर
ईशान किशन की शॉर्ट और उछाल भरी गेंदों के खिलाफ तकनीकी कमजोरी एक बार फिर सामने आई. वह सैम करन की एक सामान्य सी बाउंसर पर सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद कोहली और अय्यर ने मिलकर चौथे विकेट के लिए 67 रन की अहम साझेदारी करते हुए पारी को कुछ देर के लिए संभाला. लेकिन आर्चर की एक अतिरिक्त उछाल लेती गेंद ने मैच का पूरा रुख बदल दिया. यह गेंद कोहली के बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर हवा में उछली और थर्ड मैन पर खड़े फील्डर ने आसानी से कैच लपक लिया. अय्यर बेहतरीन फॉर्म में दिख रहे थे और लग रहा था कि उन्होंने शॉर्ट गेंदों के खिलाफ अपनी तकनीक सुधार ली है, लेकिन दूसरे छोर पर वॉशिंगटन सुंदर (2), अक्षर पटेल (1) और शिवम दुबे (0) पूरी तरह बेबस नजर आए. देखते ही देखते भारत का स्कोर 7 विकेट पर 194 रन हो गया, जिसने टीम की बड़े स्कोर तक पहुंचने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.
सीरीज बराबर, अब आखिरी मुकाबला तय करेगा विजेता
इस मैच से पहले भारत तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे था, लेकिन कार्डिफ में मिली 4 विकेट की इस हार ने स्कोर 1-1 कर दिया है. अब सीरीज का फैसला आखिरी और तीसरे वनडे में होगा, जहां दोनों टीमें जानती हैं कि जरा सी चूक सीरीज गंवा सकती है. भारत को आर्चर की गेंदों पर सामने आई मध्यक्रम की कमजोरी और शॉर्ट गेंदों से जूझने की आदत पर तुरंत काम करना होगा, जबकि इंग्लैंड रूट और मध्यक्रम के संयमित अंदाज को आगे भी बरकरार रखना चाहेगा.



















