उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से ढीला पड़ा मानसून अब फिर जोर पकड़ने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र ने 17 जुलाई 2026 के लिए पूरे राज्य को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के कई हिस्सों में आज भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पिछले 24 घंटों में मानसून की रफ्तार कुछ धीमी रही थी और गिनी-चुनी जगहों पर ही हल्की से मध्यम बौछारें दर्ज हुई थीं, लेकिन आज से मौसम का मिजाज पूरी तरह पलटने वाला है। पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक बादलों की आवाजाही तेज होगी और गरज-चमक के साथ तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज उत्तराखंड के ज्यादातर हिस्सों में झमाझम बारिश की पूरी संभावना है। कुमाऊं मंडल के सभी जिलों के साथ-साथ गढ़वाल के देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार में मौसम खासा आक्रामक रह सकता है। इन इलाकों में ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने आज के लिए राज्य के 10 बड़े जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है, वहीं आसमानी बिजली गिरने के बढ़ते खतरे को देखते हुए इन्हीं जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी घोषित किया गया है। इसके अलावा पूरे प्रदेश में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने के साथ तेज मूसलाधार बारिश के झोंके आने की आशंका जताई गई है। मैदानी इलाकों जैसे हरिद्वार और उधम सिंह नगर में भी बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बिजली गिरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या होता है यलो और ऑरेंज अलर्ट का मतलब
मौसम विभाग आमतौर पर चार रंगों में अलर्ट जारी करता है। हरा अलर्ट यानी कोई खास खतरा नहीं, यलो अलर्ट यानी स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत, ऑरेंज अलर्ट यानी संभावित नुकसान के लिए पहले से तैयार रहना, और रेड अलर्ट सबसे गंभीर स्थिति में जारी होता है जब तुरंत कदम उठाने की जरूरत पड़ती है। आज राज्य के 10 जिलों में भारी बारिश के लिए यलो अलर्ट और आकाशीय बिजली के खतरे के चलते ऑरेंज अलर्ट, दोनों एक साथ लागू हैं, इसलिए स्थानीय लोगों और यात्रियों से दिनभर मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखने और तेज गरज-चमक के दौरान खुले में निकलने से बचने की अपील की गई है।
देहरादून और मसूरी में आज कैसा रहेगा मौसम
राजधानी देहरादून और पास के पहाड़ी पर्यटन स्थल मसूरी में आज मौसम का रुख काफी बदला हुआ नजर आएगा। देहरादून मौसम केंद्र के मुताबिक जिले में कहीं-कहीं भारी बारिश की प्रबल संभावना है। इसके साथ आकाशीय बिजली कड़कने और अचानक तेज बारिश आने का दौर भी बन सकता है। इससे पिछले दिन देहरादून, मसूरी और चकराता में गरज-चमक के साथ कुछ जगहों पर हल्की बारिश दर्ज हुई थी, जिसके चलते हवा में नमी पहले से ही बढ़ी हुई है। दून और मसूरी घूमने आ रहे पर्यटकों को आज नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज बारिश की स्थिति में जलस्तर अचानक बढ़ने का खतरा बना रहता है, जो पहाड़ी शहरों में मानसून के मौसम में अचानक बाढ़ जैसे हालात बनाने की बड़ी वजह रहा है।
हरिद्वार-ऋषिकेश में उमस के बाद बरसेंगे बादल
तीर्थ नगरी हरिद्वार और ऋषिकेश में बीते 24 घंटों के दौरान उमस भरी गर्मी ने लोगों को खासा परेशान किया। मैदानी क्षेत्र होने के चलते हरिद्वार में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज हुआ। लेकिन मौसम विभाग के मुताबिक आज यानी 17 जुलाई को हरिद्वार में राहत की बूंदें बरस सकती हैं। जिले में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की बौछारें पड़ने की उम्मीद जताई गई है। कुछ संवेदनशील इलाकों के लिए आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आएगी और बीते दिन जमा हुई उमस से लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का अलर्ट
कुमाऊं मंडल के खूबसूरत पहाड़ी जिलों नैनीताल, बागेश्वर और सीमांत जिले पिथौरागढ़ में आज प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखा सकती है। IMD के मुताबिक इन तीनों जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका है। पहाड़ी ढलानों और संवेदनशील रास्तों पर सफर करने वालों के लिए यह अलर्ट खासा अहम है, क्योंकि अचानक तेज बारिश से हालात कुछ ही मिनटों में मुश्किल हो सकते हैं। इसके साथ ही कुमाऊं के चम्पावत और उधम सिंह नगर जिलों में भी ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। बागेश्वर और नैनीताल के कुछ हिस्सों में बारिश का तीव्र दौर आने से नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं और निचले इलाकों में रहने वालों के लिए खतरा बढ़ सकता है।
उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में सतर्कता जरूरी
जो लोग केदारनाथ, बद्रीनाथ या गंगोत्री-यमुनोत्री की यात्रा पर निकले हैं, उनके लिए आज का मौसम अपडेट बेहद अहम है। रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों के लिए मौसम विभाग ने कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन पर्वतीय जिलों में बारिश के तीव्र दौर के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। पहाड़ों में भारी बारिश की वजह से चट्टानें खिसकने और राष्ट्रीय राजमार्गों के बाधित होने का खतरा हमेशा बना रहता है, इसलिए यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे बिना ताजा मौसम जानकारी लिए अपनी यात्रा आगे न बढ़ाएं।
पिछले 24 घंटों का तापमान कैसा रहा
अगर बीते 24 घंटों के मौसम और तापमान की बात करें तो उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में तीखी धूप के चलते अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज हुआ। पर्वतीय क्षेत्रों में भी दिन का पारा सामान्य से थोड़ा ज्यादा ही रहा। राज्य में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान उधम सिंह नगर के पंतनगर में 35.1°C दर्ज किया गया, जहां अच्छी-खासी गर्मी महसूस हुई। दूसरी ओर सबसे कम न्यूनतम तापमान हमेशा की तरह नैनीताल के मुक्तेश्वर में 15.6°C दर्ज हुआ, जहां रातें काफी ठंडी रहीं। जॉलीग्रांट, देहरादून हवाई अड्डे के पास हवा की रफ्तार 39 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई थी।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने सिर्फ आज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे आने वाले हफ्ते के लिए वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है, जिससे साफ है कि उत्तराखंड को फिलहाल बारिश से राहत मिलने वाली नहीं है। 18 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर जिलों में मौसम बेहद खराब रह सकता है। यहां कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, साथ ही अत्यंत तीव्र दौर की बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट भी है। इसके अलावा रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, उधम सिंह नगर, नैनीताल और पिथौरागढ़ में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। 19 जुलाई को भी देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है, जिससे साफ है कि राज्य में बरसात का यह दौर अभी कुछ और दिन खिंच सकता है।




















