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मध्य प्रदेश में थमी बारिश जल्द लौटेगी, आज बालाघाट-डिंडौरी में तेज बरसात का खतरामध्य प्रदेश
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मध्य प्रदेश में थमी बारिश जल्द लौटेगी, आज बालाघाट-डिंडौरी में तेज बरसात का खतरा

मध्य प्रदेश में मानसून एक हफ्ते से कमजोर पड़ा है, लेकिन मौसम विभाग ने 19 जुलाई से इसके फिर सक्रिय होने का अनुमान जताया है। आज बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 31 अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

मध्य प्रदेश में बीते कई दिनों से सुस्त पड़ा मानसून अब एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक प्रदेश में करीब 9 दिन बाद अच्छी बारिश होने की संभावना बन रही है। शुक्रवार, 17 जुलाई यानी आज बालाघाट और डिंडौरी जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि प्रदेश के 31 अन्य जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और हल्की बारिश होने के आसार जताए गए हैं।

आज इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके साथ ही जबलपुर, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, कटनी, नरसिंहपुर, दमोह और सागर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में तेज हवा चलने के भी आसार हैं, जिससे बिजली गिरने का खतरा बढ़ सकता है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

देर से आया मानसून, फिर पड़ गया कमजोर

इस साल मध्य प्रदेश में मानसून देर से दाखिल हुआ था। शुरुआत में प्रदेश में अच्छी बारिश दर्ज की गई, लेकिन उसके बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई। पिछले करीब एक सप्ताह से बारिश थमी हुई है, जिसके चलते लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में आसमान में बादल तो छाए रहे, लेकिन जमीन पर उतनी बारिश नहीं हुई जितनी उम्मीद थी, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

19 जुलाई से फिर सक्रिय हो सकता है मानसून

मौसम विभाग का कहना है कि 19 जुलाई से प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है। इसके पीछे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन को वजह बताया जा रहा है। इन दोनों मौसमी सिस्टम के असर से कई जिलों में तेज बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग ने 16 जुलाई को अपनी साप्ताहिक मौसम परिचर्चा में भी इस बदलाव का संकेत दिया था।

बिजली गिरने का खतरा, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

गरज-चमक वाले जिलों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें, क्योंकि इससे जान को खतरा हो सकता है। खासकर ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम कर रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।

किसानों को राहत की उम्मीद, लेकिन जलभराव की भी आशंका

मौसम विभाग का अनुमान है कि जुलाई के दूसरे सप्ताह में पूरे मध्य प्रदेश में मानसून फिर रफ्तार पकड़ सकता है। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई और सिंचाई के लिए इस समय बारिश बेहद जरूरी मानी जाती है। हालांकि जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है, वहां जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। इसी वजह से लोगों को मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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सवाल-जवाब

आज मध्य प्रदेश के किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है?
शुक्रवार, 17 जुलाई को बालाघाट और डिंडौरी जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मानसून फिर से कब सक्रिय होगा?
मौसम विभाग के मुताबिक 19 जुलाई से मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है।
मानसून के फिर सक्रिय होने की वजह क्या बताई गई है?
इसके पीछे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन को वजह बताया गया है।
किन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है?
जबलपुर, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, कटनी, नरसिंहपुर, दमोह और सागर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों को क्या सलाह दी है?
बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
मानसून कमजोर क्यों पड़ गया था?
इस साल मानसून देर से पहुंचा, शुरुआत में अच्छी बारिश हुई लेकिन बाद में करीब एक सप्ताह तक बारिश थम गई, जिससे उमस और गर्मी बढ़ गई।
इस बारिश से किसानों को क्या फायदा हो सकता है?
मौसम विभाग के मुताबिक जुलाई के दूसरे सप्ताह में मानसून रफ्तार पकड़ सकता है, जिससे खरीफ फसलों के लिए जरूरी बारिश मिलने की उम्मीद है।
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