भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 जुलाई से निर्धारित की गई है। इस बहुप्रतीक्षित दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई की चयन समिति ने पहले ही टीम की घोषणा कर दी थी। अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को भी श्रीलंका दौरे के लिए प्रारंभिक टीम में जगह दी गई थी, लेकिन उनका यह चयन पूरी तरह से उनकी फिटनेस के अधीन रखा गया था। हालांकि रिकवरी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण जसप्रीत बुमराह इस अहम सीरीज के लिए समय पर पूरी तरह फिट नहीं हो पाए हैं, जिसके चलते उन्हें अब आधिकारिक रूप से इस पूरी सीरीज से बाहर होना पड़ा है। उनकी जगह चयनकर्ताओं ने आकिब नबी को भारतीय टेस्ट स्क्वॉड में शामिल किया है। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने का इनाम इस युवा खिलाड़ी को मिला है।
घरेलू क्रिकेट में आकिब नबी का शानदार प्रदर्शन
आकिब नबी ने अपने लाजवाब खेल के दम पर इतिहास रच दिया है। वह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से आने वाले पहले ऐसे क्रिकेटर बन गए हैं जिन्हें भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम में खेलने का बुलावा आया है। मात्र 29 वर्ष की उम्र में आकिब ने घरेलू सर्किट में अपनी तेज गेंदबाजी का लोहा मनवाया है। उन्होंने 2025-26 के रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट के दौरान केवल 10 मुकाबलों में मैदान पर उतरकर कुल 60 विकेट अपने नाम किए थे। इस दौरान उनकी गेंदबाजी का खौफ ऐसा था कि उन्होंने सात अलग-अलग पारियों में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा करके दिखाया था। यदि पिछले दो रणजी सीजन के कुल आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो आकिब ने अपनी घातक गेंदबाजी के बल पर कुल 104 विकेट झटके हैं। इसमें 2024-25 के रणजी सीजन के दौरान लिए गए 44 विकेट और 2025-26 सीजन के दौरान चटकाए गए 60 विकेट शामिल हैं। उनके इसी निरंतर और दमदार प्रदर्शन का परिणाम है कि आज देश के चुनिंदा सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में उनकी गिनती की जाने लगी है।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में आकिब नबी के आंकड़े
रणजी ट्रॉफी के अलावा अन्य घरेलू और प्रतिनिधि मुकाबलों में भी आकिब नबी का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। हाल ही में उन्होंने श्रीलंका ए के खिलाफ खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज में कुल 6 विकेट चटकाए थे, जिसमें एक पारी में चार विकेट हासिल करने वाला शानदार स्पेल भी शामिल था। अगर उनके समग्र फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर की बात की जाए, तो आकिब ने अब तक कुल 43 मुकाबले खेले हैं। इन मैचों की 71 पारियों में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 18.63 के बेहद शानदार औसत और 2.90 की किफायती इकॉनमी रेट से कुल 162 विकेट अपने नाम किए हैं। रेड बॉल क्रिकेट में उनका दबदबा इस बात से भी साफ झलकता है कि वह फर्स्ट क्लास मैचों में अब तक 16 बार पारी में पांच विकेट यानी फाइव-विकेट हॉल ले चुके हैं और चार बार एक ही मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा दोहरा चुके हैं।
चोटिल खिलाड़ियों से जूझती भारतीय टीम की मुश्किलें
श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली इस टेस्ट सीरीज से ठीक पहले भारतीय टीम प्रबंधन के सामने खिलाड़ियों की फिटनेस एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। जसप्रीत बुमराह के अलावा टीम के कई अन्य प्रमुख खिलाड़ी भी चोटों के चलते इस सीरीज से बाहर हो चुके हैं। हर्षित राणा, वॉशिंगटन सुंदर और नीतीश रेड्डी जैसे खिलाड़ी फिटनेस समस्याओं के कारण इस दौरे के लिए भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बन पाए हैं। इन तमाम खिलाड़ियों के चोटिल होने के बाद अब चयनकर्ताओं और प्रशंसकों की निगाहें मुख्य रूप से साई सुदर्शन पर टिकी हुई हैं। श्रीलंका दौरे के लिए साई सुदर्शन का चयन भी पूरी तरह से फिटनेस की सख्त शर्त के आधार पर ही किया गया था। अब यह देखना बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण होगा कि वह तय समय सीमा के भीतर अपनी फिटनेस हासिल कर पाते हैं या नहीं।



















