पंजाब के पटियाला में खेल जगत को झकझोर देने वाला गंभीर मामला प्रकाश में आया है, जहाँ एक नाबालिग खिलाड़ी ने कजाकिस्तान मूल के अपने कोच पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस महकमा तुरंत हरकत में आ गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज कर व्यापक तफ्तीश शुरू कर दी है। फरार कोच को पकड़ने के लिए पटियाला पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया है, जो संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
वारदात का घटनाक्रम और शिकायत में हुआ विलंब
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह घटना 13 सितंबर की बताई गई है, जिसकी औपचारिक शिकायत 18 सितंबर को पुलिस के समक्ष प्रस्तुत की गई। नाबालिग पीड़िता के विस्तृत बयानों को दर्ज करने के बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी दर्ज की। एसपी सिटी मोहित अग्रवाल ने बताया कि ऐसे बेहद संवेदनशील और व्यक्तिगत मामलों में पीड़िता को मानसिक आघात से उबरने और आगे आकर बात रखने में कुछ समय लगना स्वाभाविक है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जैसे ही मामले की सूचना मिली, बिना किसी देरी के कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और जांच में महत्वपूर्ण सुराग जुटाए गए।
दिल्ली के कैंप में दबिश और पासपोर्ट की जब्ती
जांच के प्रारंभिक दौर में सूचना मिली थी कि आरोपी कोच घटना को अंजाम देने के उपरांत देश की राजधानी दिल्ली के एक कैंप में रुका हुआ है। इस गोपनीय इनपुट के आधार पर पटियाला पुलिस की विशेष टीम तुरंत दिल्ली भेजी गई। वहाँ स्थानीय पुलिस के समन्वय से संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की गई। हालाँकि आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा, लेकिन संयुक्त पुलिस टीम ने उसका पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया है। पासपोर्ट जब्त हो जाने से अब आरोपी के कानूनी रूप से देश छोड़कर विदेश भागने की संभावना समाप्त हो चुकी है।
खेल परिसर में एक दिन का ठहराव और संदिग्ध गतिविधियां
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि कजाकिस्तानी कोच ने संबंधित खेल परिसर में केवल एक दिन के लिए ही कमरा लिया था। चूंकि उस परिसर में अन्य युवा खिलाड़ी भी नियमित रूप से रहते हैं, इसलिए पुलिस अब इस बात की कड़ियों को जोड़ रही है कि आरोपी का उस दिन वहाँ ठहरने का असल उद्देश्य क्या था। अधिकारी उस दिन कोच की गतिविधियों, उसकी मुलाकातों और आवाजाही के पूरे ब्योरे को खंगाल रहे हैं ताकि मामले की पृष्ठभूमि को स्पष्ट समझा जा सके।
साजिश और संभावित मददगारों की सघन जांच
पुलिस अधिकारी इस कोण से भी जांच को आगे बढ़ा रहे हैं कि क्या इस वारदात में या आरोपी को शरण देने में किसी अन्य व्यक्ति का हाथ तो नहीं था। हालांकि मौजूदा समय तक किसी दूसरे व्यक्ति की सीधी संलिप्तता के प्रमाण नहीं मिले हैं, फिर भी पुलिस हर संभावित बिंदु की गहराई से पड़ताल कर रही है। पटियाला पुलिस ने साफ किया है कि जांच का दायरा विस्तृत रखा गया है और किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि यदि उनके पास आरोपी के ठिकाने या गतिविधियों से संबंधित कोई पुख्ता जानकारी हो, तो वे तुरंत पुलिस से साझा करें।


















