बारिश और गर्मी के मौसम में रसोई में सबसे ज्यादा जिस सब्ज़ी को हल्के में लिया जाता है, वह है तुरई। ज्यादातर घरों में इसे सिर्फ प्याज-टमाटर के साथ भूनकर या दाल में मिलाकर पका दिया जाता है, जबकि इसी तुरई से कुछ ऐसी डिशेज भी तैयार हो सकती हैं जो रोजमर्रा की सब्जी से बिल्कुल हटकर स्वाद देती हैं। खास बात यह है कि इन रेसिपीज़ में न तो ज्यादा सामग्री चाहिए और न ही घंटों की मेहनत। अगर रसोई में तुरई रखी है, तो इन पांच तरीकों को आज़माया जा सकता है।
मसाला भरकर बनाएं भरवां तुरई
जिन्हें भरवां सब्जियां पसंद हैं, वे तुरई को भी इसी अंदाज में बना सकते हैं। इसके लिए तुरई को छीलकर मोटे टुकड़ों में काटा जाता है और बीच से हल्का खोखला कर लिया जाता है। बेसन, धनिया पाउडर, लाल मिर्च, हल्दी, अमचूर और नमक मिलाकर एक मसाला तैयार किया जाता है और उसे इन टुकड़ों के अंदर भर दिया जाता है। कड़ाही में थोड़ा तेल गर्म करके इन्हें धीमी आंच पर पकाया जाता है। जब मसाला अच्छी तरह भुन जाए और तुरई अंदर से नरम हो जाए, तो इसे रोटी या पराठे के साथ परोसा जा सकता है।
शाम की चाय के लिए तुरई के पकौड़े
अगर चाय के साथ कुछ चटपटा खाने का मन हो, तो तुरई के पकौड़े एक अच्छा विकल्प हैं। इसके लिए तुरई को कद्दूकस करके उसका ज्यादा पानी हल्के हाथ से निचोड़ लिया जाता है। इसके बाद इसमें बेसन, बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, अजवाइन, नमक और मसाले मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार किया जाता है। इस मिश्रण से छोटे-छोटे पकौड़े बनाकर तेल में सुनहरा होने तक तला जाता है। हरी चटनी के साथ परोसने पर इनका स्वाद और भी निखर जाता है।
दाल-चावल के साथ जमेगी तुरई की चटनी
तुरई से एक अलग तरह की चटनी भी बनाई जा सकती है। इसके लिए तुरई के टुकड़ों को हल्का सा भून लिया जाता है, फिर उसमें हरी मिर्च, लहसुन और थोड़ा जीरा डालकर आगे भूना जाता है। ठंडा होने पर इस मिश्रण को पीस लिया जाता है और स्वाद के अनुसार नमक व नींबू का रस मिला दिया जाता है। यह चटनी दाल-चावल के साथ-साथ रोटी या पराठे के साथ भी खाई जा सकती है।
बैंगन नहीं, इस बार बनाएं तुरई का भरता
बैंगन के भरते की तरह ही तुरई का भरता भी अपने आप में एक अलग स्वाद लेकर आता है। इसके लिए तुरई को छीलकर छोटे टुकड़ों में काटा जाता है और कड़ाही में पकाया जाता है। जब यह पूरी तरह नरम हो जाए, तो इसे हल्के हाथों से मैश कर लिया जाता है। इसके बाद इसमें प्याज, हरी मिर्च, टमाटर और जरूरी मसाले डालकर कुछ देर भूना जाता है। आखिर में ऊपर से हरा धनिया डालकर इसे गर्म रोटी के साथ परोसा जा सकता है।
हल्का खाना है तो ट्राई करें तुरई-चना दाल
अगर कुछ हल्का मगर स्वादिष्ट बनाना हो, तो तुरई और चना दाल का मेल बेहतरीन साबित होता है। इसके लिए चना दाल को कुछ देर पहले भिगोकर तुरई के टुकड़ों के साथ पकाया जाता है, साथ में हल्दी, नमक और जरूरी मसाले डाले जाते हैं। पकने के बाद जीरा, लहसुन और सूखी लाल मिर्च का तड़का ऊपर से लगाया जाता है। दाल की मलाईदार बनावट और तुरई का हल्का स्वाद मिलकर इसे रोजाना की दाल से एकदम अलग बना देते हैं।


















