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मुंबई में भारत, अमेरिका और यूएई की त्रिपक्षीय बैठक, ऊर्जा सुरक्षा और कनेक्टिविटी पर बनी रणनीतिक सहमतिमहाराष्ट्र
20 अक्तू॰ 2026, 8:50 pm (3 घंटे पहले)· 2

मुंबई में भारत, अमेरिका और यूएई की त्रिपक्षीय बैठक, ऊर्जा सुरक्षा और कनेक्टिविटी पर बनी रणनीतिक सहमति

मुंबई में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के बीच त्रिपक्षीय बातचीत हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, बुनियादी कनेक्टिविटी और पश्चिम एशिया के ताजा हालात पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में कूटनीतिक हलचल के बीच भारत, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात के शीर्ष राजनयिकों ने एक अहम त्रिपक्षीय बैठक की। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और भारत यात्रा पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की द्विपक्षीय बातचीत के दौरान संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान की मौजूदगी ने इस कूटनीतिक संवाद को विशेष रूप दिया। तीनों देशों के नेताओं ने मंगलवार को एक साथ बैठकर प्रमुख रणनीतिक मुद्दों पर विस्तृत विमर्श किया। पश्चिम एशिया में जारी गंभीर संघर्ष के साए में आयोजित इस बैठक में क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा, परिवहन व व्यापारिक कनेक्टिविटी और वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य पर प्राथमिक रूप से ध्यान केंद्रित किया गया।

ऊर्जा सुरक्षा और कनेक्टिविटी पर तीनों देशों का साझा रुख

इस त्रिपक्षीय संवाद के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान तथा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ व्यापक चर्चा की। बातचीत में ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता, कनेक्टिविटी परियोजनाओं को विस्तार देने और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी इस रणनीतिक वार्ता की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय और यूएई के समकक्षों के साथ क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और साझा आर्थिक प्राथमिकताओं को गति देने के लिए यह विचार-विमर्श बेहद उपयोगी और सकारात्मक रहा। यह बातचीत तीनों देशों के बीच उभरते रणनीतिक त्रिकोण और साझा हितों को दर्शाती है।

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भारत और यूएई की व्यापक रणनीतिक साझेदारी

यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान सोमवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के सिलसिले में मुंबई पहुंचे थे। मंगलवार को उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के नेतृत्व वाले उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ औपचारिक बैठक की। इस दौरान जयशंकर ने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय से जारी निरंतर सहयोग अब एक सुदृढ़ व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित हो चुका है। दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग लगातार गहरा हो रहा है।

भारतीय विदेश मंत्री ने इस साल दोनों देशों के बीच हुए कई उच्चस्तरीय कूटनीतिक संपर्कों का ब्यौरा भी रखा। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद ने भारत का दौरा किया था। इसके बाद फरवरी में यूएई के क्राउन प्रिंस शेख खालिद ने भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदारी की थी। वहीं मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात की अपनी आठवीं आधिकारिक यात्रा संपन्न की थी, जिसने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई प्रदान की।

भारत-अमेरिका द्विपक्षीय वार्ता में अहम समझौतों पर नजर

त्रिपक्षीय बैठक के साथ-साथ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ अलग से एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक भी की। रूबियो तीन दिनों के आधिकारिक दौरे पर भारत आए हैं और मंगलवार को अपनी पत्नी जेनेट के साथ मुंबई पहुंचे। द्विपक्षीय बैठक के संदर्भ में जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को आगे ले जाने पर विस्तृत सहमति बनी। इस बातचीत में द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी, उन्नत तकनीक, रक्षा सहयोग और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा वैश्विक तथा क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी गंभीर चर्चा हुई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इस द्विपक्षीय बैठक को अत्यंत अहम और सफल करार दिया।

सवाल-जवाब

मुंबई में किन तीन नेताओं के बीच त्रिपक्षीय बैठक हुई?
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और यूएई के उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के बीच यह बैठक हुई।
इस त्रिपक्षीय बैठक का मुख्य एजेंडा क्या था?
बैठक में क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा, परिवहन व व्यापारिक कनेक्टिविटी और वर्तमान क्षेत्रीय हालात पर विचार-विमर्श किया गया।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो कितने दिनों के भारत दौरे पर हैं?
मार्को रूबियो तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर अपनी पत्नी जेनेट के साथ भारत आए हैं।
भारत और अमेरिका के बीच अलग से हुई द्विपक्षीय बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा, उन्नत तकनीक, रक्षा सहयोग, जन-जन के आपसी संबंधों और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की।
इस वर्ष भारत और यूएई के शीर्ष नेतृत्व के बीच कौन से प्रमुख दौरे हुए हैं?
जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति ने भारत का दौरा किया, फरवरी में क्राउन प्रिंस एआई और ब्रिक्स समिट में शामिल हुए, जबकि मई में प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई की आठवीं यात्रा की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·9 मिनट पहले

मुंबई में इतनी बड़ी कूटनीतिक बैठक हुई, लेकिन क्या खेल के मैदान पर इसका कोई असर पड़ेगा, खासकर जब अगले साल कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होने वाले हैं?

Ravikash Gupta@ravikash·37 मिनट पहले

मुंबई में जब अमेरिकी और खाड़ी देशों के बड़े मंत्रियों की ऐसी मुलाकातें होती हैं, तो शहर की रफ्तार ही बदल जाती है। पिछले साल जब मैं बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स के पास था, तब भी ऐसी ही सुरक्षा और वीवीआईपी मूवमेंट से ट्रैफिक थम गया था। उम्मीद है इस बार की बातचीत से सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि हम जैसे आम लोगों के लिए ऊर्जा बाजार में भी कुछ स्थिरता आए।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·36 मिनट पहले

रविकेश जी, आपकी बात सही है कि ट्रैफिक बहुत बढ़ा होगा। अंक 8 और 4 का योग ऊर्जा और गतिशीलता दोनों लाता है, शायद इसीलिए इस बड़ी कूटनीति से महंगाई पर भी कुछ राहत मिल सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·53 मिनट पहले

मुंबई में जब भी ऐसी वीआईपी बैठकें होती हैं, तो सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच रिपोर्टिंग करना और उन गलियारों से गुजरना पुराने दिनों की याद दिला देता है जब हम भी ऐसी बैठकों की कवरेज़ के लिए घंटों खड़े रहते थे।

Rohan Verma@rohan-verma·52 मिनट पहले

करन भाई, मुंबई में घंटों खड़े रहने वाली वो भागदौड़ वाकई अलग थी, आज भी वो दिन याद आ जाते हैं जब ग्राउंड पर ऐसे बड़े मूवमेंट कवर करते थे।

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