तेलंगाना के सिकंदराबाद में सेना के छावनी क्षेत्र से एक अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां अज्ञात चोरों ने एक अहम सैन्य परिसर को निशाना बनाया है। इस घटना के तहत मद्रास रेजिमेंट के परिसर से चोरों ने ताला और दरवाजा तोड़कर कुल ग्यारह हथियार और भारी मात्रा में कारतूस गायब कर दिए हैं। चोरी हुए इन हथियारों में बेहद आधुनिक और घातक मानी जाने वाली चार AK-203 असॉल्ट राइफलों के अलावा छह पिस्तौल और एक इंसास राइफल भी शामिल है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से सुरक्षा एजेंसियों और सैन्य महकमे में हड़कंप मच गया है, और मामले की गहराई से छानबीन शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात रविवार रात के वक्त को अंजाम दी गई है। यह हाई-सिक्योरिटी इलाका मेडचल-मलकाजगिरि जिले के बोलारम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां मद्रास रेजिमेंट का शस्त्रागार स्थित है। बदमाशों ने इस हथियार स्टोरेज रूम का ताला और मुख्य दरवाजा बलपूर्वक तोड़ दिया और अंदर रखे हथियारों तथा गोलियों को लेकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे। रविवार की रात जब सैन्य अधिकारियों को इस बड़ी सेंधमारी की भनक लगी, तो पूरे छावनी क्षेत्र में तुरंत खलबली मच गई और तत्काल प्रभाव से उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।
भारतीय सेना का कैंटोनमेंट क्षेत्र एक ऐसा अति सुरक्षित जोन होता है, जहां आम नागरिकों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। मद्रास रेजिमेंट के इस विशेष हिस्से में केवल अधिकृत सैन्य जवान और कुछ चुनिंदा आवश्यक सिविल स्टाफ का ही आना-जाना संभव है। इतनी कड़ी और अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद इस प्रकार से हथियारों की चोरी हो जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि यह किसी अंदरूनी जानकार यानी इनसाइड जॉब का नतीजा हो सकता है। सेना इस बात की भी बारीकी से जांच कर रही है कि बिना किसी बाहरी मदद के इतनी बड़ी सुरक्षा व्यवस्था को कैसे भेदा गया।
सेना के शीर्ष अधिकारियों की औपचारिक शिकायत के आधार पर सोमवार को बोलारम पुलिस थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मलकाजगिरि पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं व्यक्तिगत रूप से इस जांच की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस और सेना के संयुक्त दल छावनी परिसर के भीतर और आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगालने में जुटे हैं ताकि आरोपियों का कोई सुराग हाथ लग सके और उनकी पहचान की जा सके।
इस दुस्साहसिक वारदात के सामने आने के तुरंत बाद सेना ने संबंधित कमरे और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है। उस समूचे परिसर में तैनात सभी संतरी, गार्ड, सुरक्षाकर्मियों और पिछले कुछ दिनों के दौरान उस शस्त्रागार के आसपास से गुजरने वाले या वहां आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति से कड़ी पूछताछ की जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य प्रतिष्ठान की गोपनीयता के लिहाज से यह एक अति संवेदनशील मामला है, जिसके चलते पुलिस और सेना दोनों ही अत्यधिक सतर्कता और सावधानी के साथ अपनी जांच को आगे बढ़ा रहे हैं ताकि जल्द से जल्द दोषियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सके।


















