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उत्तर प्रदेश के बांदा में दर्दनाक हादसा, देवी दर्शन कर लौटे दो सगे भाई-बहन की सांप काटने से मौतअपराध
18 अक्तू॰ 2026, 3:59 pm (10 दिन पहले)· 2

उत्तर प्रदेश के बांदा में दर्दनाक हादसा, देवी दर्शन कर लौटे दो सगे भाई-बहन की सांप काटने से मौत

बांदा जिले में देवी दर्शन के बाद घर लौटे दो मासूम भाई-बहन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आशंका है कि रास्ते में उन्हें किसी जहरीले सांप ने डस लिया था, जिसके बाद समय पर इलाज न मिलने से दोनों की जान चली गई।

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां देवी दर्शन करके घर लौटे दो सगे भाई-बहन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मिली जानकारी के अनुसार, दोनों भाई-बहन अपने घर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित एक देवी मंदिर में दर्शन करने के लिए गए थे। मंदिर से दर्शन करके लौटने के करीब दो घंटे बाद अचानक दोनों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया।

परिजनों ने बिना देर किए दोनों बच्चों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी सीएचसी बबेरू पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों और स्थानीय लोगों की आशंका है कि मंदिर से लौटते समय रास्ते में अंधेरे या झाड़ियों के बीच किसी जहरीले सांप ने दोनों भाई-बहन को काट लिया होगा, जिसका असर धीरे-धीरे उनके शरीर में फैल गया। इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाली नाबालिग अनुपा कक्षा नौ में पढ़ाई करती थी, जबकि उसका छोटा भाई मोहित कक्षा छह का छात्र था। बच्चों के पिता जयकरन परिवार के भरण-पोषण के लिए गुजरात के अहमदाबाद में रहकर मजदूरी का काम करते हैं।

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घटना की सूचना मिलने के बाद मरका थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर दोनों बच्चों के शवों को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के असल कारणों की पुष्टि हो सके। बच्चों की अचानक हुई इस दर्दनाक मौत के बाद से उनकी मां राजरानी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ऐसी घटनाएं समाज में यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं और सर्पदंश से जुड़ी जागरूकता की कितनी ज्यादा जरूरत है।

सांप सामने आने पर क्या करें और क्या नहीं

यदि कभी आपके सामने अचानक से कोई सांप आ जाए, तो सबसे पहले खुद को पूरी तरह शांत रखें और घबराकर अचानक से भागने की भूल बिल्कुल न करें। किसी भी प्रकार का शोर मचाने से बचें, क्योंकि आपकी तेज हलचल या आवाज को पाकर सांप खतरा महसूस कर सकता है और ऐसे में वह आत्मरक्षा के लिए आप पर हमला कर सकता है। हमेशा संयम से काम लें और स्थिति को भांपते हुए धीरे-धीरे अपने कदम पीछे हटाएं ताकि सांप को कोई खतरा महसूस न हो।

सांप को देखते ही उससे कम से कम 6 से 8 फीट की सुरक्षित दूरी बनाकर रखना बेहद जरूरी है, ताकि वह आप पर किसी भी तरह का हमला न कर सके। आप सांप के जितने ज्यादा नजदीक रहेंगे, उसके द्वारा हमला किए जाने का खतरा उतना ही ज्यादा बढ़ जाएगा। इसलिए पर्याप्त फासला बनाए रखना ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। इसके अलावा कभी भी सांप को छेड़ने की कोशिश न करें, न ही उस पर किसी डंडे से वार करें और न ही खुद ही उसे पकड़ने का दुस्साहस करें। सांप को वहां से चुपचाप जाने का खुला रास्ता दें ताकि वह बिना किसी डर या उत्तेजना के आगे निकल सके।

यदि सांप आपके बेहद करीब आ जाए, तो अचानक तेज दौड़ने के बजाय बहुत धीरे-धीरे और संभलकर पीछे की तरफ कदम हटाएं। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपकी नजर लगातार सांप पर बनी रहे और उसे अपनी आंखों से ओझल बिल्कुल न होने दें। यदि आपके सामने कोई कोबरा जैसा खतरनाक सांप आ जाए, तो उसकी आंखों में सीधे देखने से बचें और बिल्कुल शांत होकर स्थिर खड़े रहें। अगर सांप किसी घर के अंदर या ऐसी बंद जगह पर फंस जाए जहां से उसका निकलना मुमकिन न हो, तो खुद उसे भगाने या निकालने के बजाय तुरंत किसी पेशेवर सांप बचाव दल यानी रेस्क्यू टीम या फिर वन विभाग को इसकी सूचना दें।

सांप काटने पर तुरंत अपनाएं ये जरूरी कदम

यदि दुर्भाग्यवश किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो सबसे पहले घबराने से बचें क्योंकि तनाव बढ़ने से जहर शरीर में तेजी से फैल सकता है। मरीज को मानसिक और शारीरिक रूप से बिल्कुल शांत और स्थिर रखें, उसे ज्यादा हिलने-डुलने न दें ताकि रक्तसंचार तेज न हो। बिना किसी और औपचारिकता या समय गंवाए मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर जाएं ताकि समय रहते एंटीवेनम और सही इलाज मिल सके। किसी भी प्रकार की झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें, क्योंकि इसमें बेवजह कीमती समय बर्बाद होता है और मरीज की जान खतरे में पड़ सकती है।

सवाल-जवाब

यह घटना कहां की है?
यह दर्दनाक घटना उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के मरका थाना क्षेत्र की है।
बच्चों के पिता का क्या नाम है और वे कहां रहते हैं?
बच्चों के पिता का नाम जयकरन है जो अहमदाबाद में रहकर मजदूरी करते हैं।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने क्या कहा?
सीएचसी बबेरू के डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को अस्पताल पहुंचते ही मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शवों के साथ क्या कार्रवाई की?
मरका थाना पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
अचानक सांप सामने आने पर क्या नहीं करना चाहिए?
सांप सामने आने पर घबराकर अचानक भागना नहीं चाहिए और न ही शोर मचाना चाहिए।
सांप से कितनी दूरी बनाकर रखनी चाहिए?
सांप से कम से कम 6 से 8 फीट की सुरक्षित दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
सांप काटने पर क्या भूलकर भी नहीं करना चाहिए?
सांप काटने पर झाड़-फूंक के चक्कर में बिल्कुल नहीं पड़ना चाहिए क्योंकि इससे समय बर्बाद होता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·10 दिन पहले

मासूम बच्चों के साथ ऐसा दर्दनाक हादसा देखकर दिल दहल गया। मंदिर से लौटते वक्त अंधेरे में क्या किसी को भी इस बात का अंदाज़ा नहीं रहा होगा कि ऐसा खतरा हो सकता है? ऐसे इलाकों में मेडिकल सहायता मिलने में इतनी देरी क्यों हो जाती है?

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·10 दिन पहले

दो मासूमों का इस तरह जाना कलेजा चीर देता है। ग्रामीण इलाकों में आज भी सही समय पर मेडिकल मदद न मिलना सबसे बड़ा अभिशाप है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·10 दिन पहले

कार्लोस, आपकी बात बिल्कुल सही है। क्या बबेरू सीएचसी में उस समय एंटीवेनम मौजूद था या नहीं?

Rohan Verma@rohan-verma·10 दिन पहले

मासूम बच्चों के साथ ऐसा हादसा दिल दहला देता है। भगवान उनके परिवार को यह दुख सहने की ताकत दे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·10 दिन पहले

रोहन जी, बिल्कुल सही कहा आपने। ग्रामीण इलाकों में समय पर एंटीवेनम और अस्पताल न मिलना ऐसे मामलों में जानलेवा साबित हो जाता है।

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