स्किन पर छोटे-छोटे सफेद उभार अक्सर हार्मोनल बदलाव या गलत स्किनकेयर रूटीन का नतीजा होते हैं और इन्हें नजरअंदाज करना आगे चलकर मुंहासों की वजह बन सकता है। यह दिक्कत खासकर ऑयली और कॉम्बिनेशन स्किन टाइप वाले लोगों में ज्यादा देखी जाती है। सूरत की डॉक्टर आंचल पंथ बताती हैं कि यह समस्या तब खड़ी होती है जब त्वचा के छिद्र अंदर से बंद हो जाते हैं, मगर उनका ऊपरी मुंह भी खुला नहीं रह पाता, जिससे अंदर जमा गंदगी बाहर नहीं निकल पाती। यहां जानिए इस स्थिति से निपटने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
ये उभार बनते कैसे हैं
ऐसे दाने ज्यादातर माथे और गालों की त्वचा पर नजर आते हैं, हालांकि पीठ और छाती की त्वचा भी इनसे अछूती नहीं रहती। मरी हुई त्वचा की परत, केराटिन नाम का प्रोटीन और स्किन का प्राकृतिक तेल यानी सीबम जब रोमछिद्रों के भीतर इकट्ठा हो जाते हैं, तो यही दिक्कत सामने आती है। स्किन एक्सपर्ट्स इसे मुंहासों की सबसे पहली स्टेज मानते हैं और चिकित्सकीय भाषा में इसे बंद कॉमेडोन कहा जाता है, यानी ऐसा रोमछिद्र जिसका ऊपरी सिरा त्वचा से ढका रहता है।
दबाने या फोड़ने से बचें
जब यह परेशानी बार-बार लौटती है, तो कई लोग नाखून या किसी औजार से इसे दबाकर निकालने की कोशिश करते हैं, जो सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है। ऐसा करने पर त्वचा में सूजन और जलन की शिकायत बढ़ जाती है, साथ ही आगे मुंहासे फूटने का खतरा भी बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, गलत ढंग से दबाने पर त्वचा पर स्थायी दाग या निशान भी छूट सकते हैं, जिन्हें बाद में हटाना आसान नहीं होता।
कैसी क्रीम चुनें
इस समस्या से राहत के लिए ऐसे स्किनकेयर प्रोडक्ट काम आते हैं, जो बंद रोमछिद्रों को खोलने और उनमें जमा केराटिन को घटाने में मदद करते हैं। इन घटकों को कॉमेडोलिटिक कहा जाता है। लेकिन किसी भी एक्टिव इनग्रेडिएंट वाली क्रीम को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय, पहले अपनी त्वचा के प्रकार और समस्या की गंभीरता के हिसाब से डर्मेटोलॉजिस्ट की राय लेना ज्यादा सुरक्षित रहता है, क्योंकि हर स्किन एक जैसी प्रतिक्रिया नहीं देती।
विशेषज्ञ से मिलने का सही समय
अगर यह दिक्कत महीनों से बनी हुई है और घरेलू स्किनकेयर के बावजूद कम नहीं हो रही, या चेहरे पर इनकी संख्या काफी ज्यादा हो गई है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट के पास जाने में देर नहीं करनी चाहिए। खासतौर पर उन लोगों के लिए यह सलाह जरूरी है, जिन्हें पहले गंभीर एक्ने की समस्या रह चुकी है, उनकी त्वचा पर पुराने निशान मौजूद हैं, या परिवार में गहरे एक्ने स्कार का इतिहास रहा है। ऐसे मामलों में समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेने से त्वचा को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।


















