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व्हाइटहेड्स को दबाना पड़ सकता है भारी, डॉक्टर ने बताया सही तरीकास्वास्थ्य
6 सित॰ 2026, 9:43 pm (21 मिनट पहले)· 2

व्हाइटहेड्स को दबाना पड़ सकता है भारी, डॉक्टर ने बताया सही तरीका

चेहरे पर बार-बार होने वाले सफेद उभारों को दबाना बड़ी गलती हो सकती है। सूरत की डॉक्टर आंचल पंथ ने बताया कि व्हाइटहेड्स क्यों बनते हैं और इनसे राहत पाने के लिए क्या करना चाहिए।

स्किन पर छोटे-छोटे सफेद उभार अक्सर हार्मोनल बदलाव या गलत स्किनकेयर रूटीन का नतीजा होते हैं और इन्हें नजरअंदाज करना आगे चलकर मुंहासों की वजह बन सकता है। यह दिक्कत खासकर ऑयली और कॉम्बिनेशन स्किन टाइप वाले लोगों में ज्यादा देखी जाती है। सूरत की डॉक्टर आंचल पंथ बताती हैं कि यह समस्या तब खड़ी होती है जब त्वचा के छिद्र अंदर से बंद हो जाते हैं, मगर उनका ऊपरी मुंह भी खुला नहीं रह पाता, जिससे अंदर जमा गंदगी बाहर नहीं निकल पाती। यहां जानिए इस स्थिति से निपटने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

ये उभार बनते कैसे हैं

ऐसे दाने ज्यादातर माथे और गालों की त्वचा पर नजर आते हैं, हालांकि पीठ और छाती की त्वचा भी इनसे अछूती नहीं रहती। मरी हुई त्वचा की परत, केराटिन नाम का प्रोटीन और स्किन का प्राकृतिक तेल यानी सीबम जब रोमछिद्रों के भीतर इकट्ठा हो जाते हैं, तो यही दिक्कत सामने आती है। स्किन एक्सपर्ट्स इसे मुंहासों की सबसे पहली स्टेज मानते हैं और चिकित्सकीय भाषा में इसे बंद कॉमेडोन कहा जाता है, यानी ऐसा रोमछिद्र जिसका ऊपरी सिरा त्वचा से ढका रहता है।

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दबाने या फोड़ने से बचें

जब यह परेशानी बार-बार लौटती है, तो कई लोग नाखून या किसी औजार से इसे दबाकर निकालने की कोशिश करते हैं, जो सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है। ऐसा करने पर त्वचा में सूजन और जलन की शिकायत बढ़ जाती है, साथ ही आगे मुंहासे फूटने का खतरा भी बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, गलत ढंग से दबाने पर त्वचा पर स्थायी दाग या निशान भी छूट सकते हैं, जिन्हें बाद में हटाना आसान नहीं होता।

कैसी क्रीम चुनें

इस समस्या से राहत के लिए ऐसे स्किनकेयर प्रोडक्ट काम आते हैं, जो बंद रोमछिद्रों को खोलने और उनमें जमा केराटिन को घटाने में मदद करते हैं। इन घटकों को कॉमेडोलिटिक कहा जाता है। लेकिन किसी भी एक्टिव इनग्रेडिएंट वाली क्रीम को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय, पहले अपनी त्वचा के प्रकार और समस्या की गंभीरता के हिसाब से डर्मेटोलॉजिस्ट की राय लेना ज्यादा सुरक्षित रहता है, क्योंकि हर स्किन एक जैसी प्रतिक्रिया नहीं देती।

विशेषज्ञ से मिलने का सही समय

अगर यह दिक्कत महीनों से बनी हुई है और घरेलू स्किनकेयर के बावजूद कम नहीं हो रही, या चेहरे पर इनकी संख्या काफी ज्यादा हो गई है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट के पास जाने में देर नहीं करनी चाहिए। खासतौर पर उन लोगों के लिए यह सलाह जरूरी है, जिन्हें पहले गंभीर एक्ने की समस्या रह चुकी है, उनकी त्वचा पर पुराने निशान मौजूद हैं, या परिवार में गहरे एक्ने स्कार का इतिहास रहा है। ऐसे मामलों में समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेने से त्वचा को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।

सवाल-जवाब

व्हाइटहेड्स आखिर होते क्या हैं?
ये बंद रोमछिद्र होते हैं, जिनका ऊपरी मुंह त्वचा से ढका रहता है और डेड स्किन सेल्स, केराटिन व सीबम के जमाव से बनते हैं।
ये चेहरे पर कहां ज्यादा दिखते हैं?
ज्यादातर माथे और गालों पर, हालांकि पीठ और छाती की त्वचा पर भी हो सकते हैं।
क्या व्हाइटहेड्स को हाथ से दबाकर निकाल देना चाहिए?
नहीं, इससे त्वचा में सूजन-जलन, मुंहासे और स्थायी दाग-धब्बों का खतरा बढ़ जाता है।
इनसे राहत के लिए कैसे प्रोडक्ट काम आते हैं?
कॉमेडोलिटिक तत्वों वाली क्रीम, जो बंद रोमछिद्रों को खोलने और केराटिन के जमाव को घटाने में मदद करती हैं।
डर्मेटोलॉजिस्ट से कब मिलना चाहिए?
अगर समस्या महीनों से बनी हुई है, स्किनकेयर के बावजूद कम नहीं हो रही या चेहरे पर इनकी संख्या ज्यादा हो गई है।
किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?
जिनकी स्किन ऑयली या कॉम्बिनेशन टाइप की है, जिन्हें पहले गंभीर एक्ने रह चुका है, या जिनके परिवार में गहरे एक्ने स्कार का इतिहास रहा है।
यह सलाह किसने दी है?
सूरत की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर आंचल पंथ ने यह जानकारी दी है।
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