दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में टीन की छतों और संकरी गलियों के बीच जीवन बिताने वाले निवासियों के लिए एक व्यापक पुनर्वास योजना पर काम शुरू किया गया है। राजधानी प्रशासन ने शहर भर में फैली करीब 675 झुग्गी-झोपड़ी (JJ) बस्तियों का कायाकल्प करने के मकसद से एक नई नीति लागू की है। इस पूरे प्रोजेक्ट के तहत लगभग 4 लाख पात्र परिवारों को आधुनिक बुनियादी सुविधाओं से लैस पक्के फ्लैट मुहैया कराने का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि इन बस्तियों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाया जा सके।
मकान का आकार और मिलने वाली सुविधाएं
इस नई नीति के प्रावधानों के मुताबिक, प्रत्येक चयनित पात्र परिवार को कम से कम 25 वर्गमीटर क्षेत्रफल का पक्का मकान प्रदान किया जाएगा। इन नए फ्लैटों के डिजाइन में परिवार की बुनियादी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा गया है। प्रत्येक यूनिट में एक मुख्य कमरा, अलग रसोईघर, बाथरूम, स्वतंत्र शौचालय और एक बालकनी शामिल होगी। इसका उद्देश्य कच्ची झोपड़ियों की तुलना में एक सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक पारिवारिक परिवेश तैयार करना है।
आजीविका सुरक्षित रखने के लिए उसी क्षेत्र में पुनर्वास को तरजीह
पुनर्विकास की इस प्रक्रिया में विस्थापन से बचने के लिए एक अहम व्यवस्था जोड़ी गई है। योजना के अनुसार, परिवारों को उसी इलाके के आसपास बसाने को प्राथमिकता दी जाएगी जहां वे वर्तमान में रह रहे हैं। नीति निर्माताओं ने यह प्रावधान इसलिए रखा है ताकि पुनर्वास के चलते लोगों के मौजूदा कामकाज, दिहाड़ी रोजगार, बच्चों के स्कूल और रोजमर्रा के सामाजिक ताने-बाने पर किसी तरह का नकारात्मक असर न पड़े।
लागत और आवंटन के लिए अनिवार्य पात्रता शर्तें
योजना के अंतर्गत एक फ्लैट के लिए लाभार्थी परिवार को 1.50 लाख रुपये का अंशदान जमा करना होगा। इसके साथ ही, परिसर के भविष्य के रख-रखाव को सुचारु बनाए रखने के लिए 50 हजार रुपये का एक अलग मेंटेनेंस कॉर्पस भी तय किया गया है। लाभ प्राप्त करने के लिए प्रशासन ने कुछ कड़े नियम निर्धारित किए हैं
- संबंधित झुग्गी का अस्तित्व 1 जनवरी 2025 से पहले का होना अनिवार्य है।
- आवेदक परिवार के नाम पर देश के किसी भी हिस्से में पहले से कोई पक्का मकान पंजीकृत नहीं होना चाहिए।
- योजना का आवंटन केवल उन्हीं परिवारों को किया जाएगा जो तय किए गए सभी पात्रता नियमों और जांच प्रक्रियाओं को पूरा करेंगे।
सीलमपुर, सुल्तानपुरी और लाजपत नगर से होगी शुरुआती चरण की शुरुआत
परियोजना के आरंभिक चरण को धरातल पर उतारने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों का चयन किया गया है। पहले चरण के अंतर्गत सीलमपुर, सुल्तानपुरी और लाजपत नगर की 17 बस्तियों में स्थित 4,870 झुग्गियों का पुनर्विकास किया जाएगा। इस भूमि पर तीन बहुमंजिला (हाईराइज) आवासीय सोसायटियां विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। झुग्गीवासियों के जीवन स्तर को सुधारने के अलावा यह विस्तृत निर्माण परियोजना रियल एस्टेट, सीमेंट, स्टील और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के लिए भी व्यापक व्यावसायिक अवसर सामने लाएगी।



















