राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सफर करने वाले हजारों यात्रियों को आज भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी डीएमआरसी ने नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर लाइन बदलने (इंटरचेंज) की सुविधा को पूरी तरह रोक दिया है। जंतर-मंतर पर छात्रों और राजनीतिक संगठनों के बड़े प्रदर्शनों को देखते हुए उठाया गया यह सख्त कदम अगले आदेश तक लागू रहेगा।
यात्रियों के लिए बंद हुआ प्रमुख इंटरचेंज मार्ग
डीएमआरसी ने शुक्रवार को सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए नई दिल्ली स्टेशन पर इंटरचेंज सेवा को निलंबित कर दिया। इस अचानक की गई कार्रवाई के कारण अब यात्री इस व्यस्त स्टेशन से ट्रेन बदलकर राजीव चौक या दूसरे महत्वपूर्ण रूटों की ओर नहीं जा पाएंगे। इससे पहले गुरुवार को ही परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों की वजह से शहर के 17 मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियां लगाई गई थीं, जिससे आम जनता के लिए आवागमन काफी मुश्किल हो गया है।
इन मेट्रो स्टेशनों पर थमे पहिए
सुरक्षा बलों के निर्देश पर पहले ही जिन 17 मेट्रो स्टेशनों के बाहर निकलने वाले द्वारों (एक्जिट गेट) को बंद किया गया था, उनमें प्रमुख रूप से राजीव चौक, पटेल चौक, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, लोक कल्याण मार्ग, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालान शामिल हैं। हालांकि, इनमें से राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट जैसे बड़े जंक्शनों पर यात्रियों को ट्रेन बदलने की छूट दी गई थी, लेकिन अब नई दिल्ली स्टेशन पर भी रोक लगने से पूरी मेट्रो सेवा की कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
यह पूरा गतिरोध नीट-यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की गंभीर शिकायतों के बाद शुरू हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने इस गड़बड़ी के खिलाफ देशव्यापी मोर्चा खोल रखा है और वे लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर पार्टी ने 24 जुलाई, 2026 (शुक्रवार) को देश के अलग-अलग हिस्सों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की घोषणा की है। सीजेपी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक डिजिटल पोस्टर जारी कर छात्रों, विभिन्न सामाजिक समूहों और संगठनों से इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया है।
बातचीत की कोशिशों पर अभी कोई सहमति नहीं
परीक्षा विवाद के बीच केंद्र सरकार ने गुरुवार को यह साफ किया था कि वे इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए छात्र प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत करने को तैयार हैं। हालांकि, सीजेपी के नेतृत्व का कहना है कि उन्हें अब तक सरकार की ओर से बातचीत का कोई औपचारिक आमंत्रण या संदेश प्राप्त नहीं हुआ है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे छात्रों के भविष्य को लेकर किसी भी गंभीर चर्चा के लिए हमेशा तैयार हैं और यह वार्ता जंतर-मंतर या किसी अन्य निष्पक्ष स्थान पर आयोजित की जा सकती है।



















