राजधानी दिल्ली में पुलिस विभाग के भीतर का तनाव सड़कों पर आ गया, जब खुद पुलिस बल के जवान और अधिकारी अपने ही विभाग के प्रशासनिक फैसले के विरोध में उतर आए. पुलिस मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में एकत्र हुए पुलिसकर्मियों ने अपने दो साथियों के तबादले के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. इस अभूतपूर्व स्थिति से मुख्यालय के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
तबादलों को लेकर फूटा कर्मचारियों का गुस्सा
विवाद की मुख्य जड़ शाहदरा इलाके में हुई एक घटना से जुड़े प्रशासनिक फैसले हैं. 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में हुए घटनाक्रम के बाद विभाग ने एसीपी मानसवी वशिष्ठ और शाहदरा एसएचओ अरुण कुमार का तबादला कर दिया था. इस कार्रवाई को अनुचित मानते हुए पुलिसकर्मियों में गहरा असंतोष फैल गया और वे इन फैसलों के विरोध में लामबंद हो गए.
वरिष्ठ अफसरों की समझाइश और बातचीत
सड़क पर जवानों का गुस्सा देख विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत सक्रिय हुए और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की. अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक सड़क पर इस तरह प्रदर्शन करने के बजाय वे मुख्यालय के भीतर आकर पुलिस कमिश्नर से सीधे अपनी बात साझा करें. शुरुआत में जवान अपनी मांगों पर अड़े रहे और लंबे समय तक नारेबाजी जारी रखी, जिसके बाद गतिरोध दूर करने के लिए कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए भीतर बुलाया गया.





















