राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। द्वारका जिले में पुलिस टीम और एक कुख्यात बदमाश के बीच हुई सीधी मुठभेड़ के दौरान गैंगस्टर हाशिम बाबा गिरोह के एक शूटर को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मुठभेड़ में गोली लगने से आरोपी घायल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया। पकड़े गए शूटर की पहचान शिवम के रूप में हुई है, जो कई गंभीर मामलों में वांछित चल रहा था।
नजफगढ़-गुरुग्राम हाईवे पर घेराबंदी और फायरिंग
यह मुठभेड़ नजफगढ़-गुरुग्राम UER-2 हाईवे पर हुई। द्वारका जिले के स्पेशल स्टाफ की टीम को सूचना मिली थी कि शूटर शिवम किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में इलाके से गुजर रहा है। सूचना के आधार पर स्पेशल स्टाफ की टीम ने इलाके में नाकेबंदी की और संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया। खुद को पुलिस टीम से चारों तरफ से घिरा देखकर शिवम ने सरेंडर करने के बजाय पुलिसकर्मियों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
जवाबी कार्रवाई में 7 राउंड गोलियां चलीं
पुलिस की टीम ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से करीब 7 राउंड गोलियां चलाई गईं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक गोली शूटर शिवम के पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा और भागने में नाकाम रहा। पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसे दबोच लिया और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। घटनास्थल की तलाशी लेने पर पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
दोहरे हत्याकांड में वांछित था आरोपी शिवम
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार शूटर शिवम डाबरी थाना इलाके में हुए एक दोहरे हत्याकांड के मामले में मोस्ट वांटेड था। उस वारदात में एक नाबालिग समेत 2 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य अपराध के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। अब द्वारका पुलिस आरोपी शिवम का पूरा आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और हाशिम बाबा गैंग के अन्य सदस्यों और उसके सिंडिकेट नेटवर्क के बारे में उससे गहन पूछताछ कर रही है।
दिल्ली में हालिया मुठभेड़ों का सिलसिला
दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी राजधानी में पुलिस और बदमाशों के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हुई थी, जिसमें कुल करीब 26 राउंड गोलियां चली थीं। उस कार्रवाई के दौरान दो बदमाश, मोहम्मद कैफ और मोहम्मद जसीम, पैर में गोली लगने से घायल हुए थे और उन्हें गिरफ्तार किया गया था। उस मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगी थीं, जिससे वे बाल-बाल बच गए थे और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई थी। दिल्ली पुलिस लगातार बदमाशों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों को कड़ा संदेश दे रही है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
























