मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के प्रश्न पत्रों के लीक होने का विवाद लगातार गहराता जा रहा है और अब इसका सीधा असर आम जनजीवन पर भारी रूप से पड़ने लगा है। देश की राजधानी दिल्ली के केंद्र जंतर मंतर पर इस गंभीर मामले को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब अपने 34वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस लंबे आंदोलन में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का एक विशाल हुजूम जंतर मंतर पर एकजुट होकर अपनी आवाज उठा रहा है। इतने लंबे समय से चल रहे इस प्रदर्शन और हाल ही में भड़की हिंसा की घटनाओं के कारण सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं। जंतर मंतर पर बने इस भारी तनावपूर्ण हालात की आंच अब नई दिल्ली के अन्य महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाकों तक भी पहुंच गई है, जिसके परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र का यातायात और व्यापार दोनों बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं।
कारोबारियों पर पड़ी प्रदर्शन की भारी मार
आमतौर पर देश विदेश के पर्यटकों, खरीदारों और स्थानीय लोगों की भीड़ से गुलजार रहने वाले दिल्ली के दिल यानी कनॉट प्लेस की रौनक इन दिनों पूरी तरह से गायब हो चुकी है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने हालात की गंभीरता और संवेदनशीलता का पूरा आकलन करते हुए एक बहुत ही सख्त आदेश जारी किया है। प्रशासन की ओर से दी गई इस नई एडवाइजरी के अनुसार, कनॉट प्लेस क्षेत्र में मौजूद सभी दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, दफ्तरों और रेस्तरां को आज यानी 23 जुलाई को शाम साढ़े छह बजे तक हर हाल में बंद करना होगा।
प्रशासन की ओर से जारी किए गए इस कड़े निर्देश में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि जंतर मंतर और संसद मार्ग के आसपास जिस तरह का नाजुक और तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, उसे देखते हुए यह ऐहतियाती कदम उठाना बेहद जरूरी था। नगर पालिका परिषद ने सभी प्रतिष्ठान मालिकों, दुकानदारों और रेस्तरां संचालकों से यह अपील की है कि वे इस मुश्किल घड़ी में प्रशासन का पूरा सहयोग करें। एडवाइजरी में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि कोई भी अप्रिय घटना न घटे और किसी भी नागरिक को चोट न लगे, साथ ही सार्वजनिक या निजी संपत्ति का किसी भी प्रकार का नुकसान न हो, इसके लिए इन आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
अगर सामान्य दिनों की बात करें तो कनॉट प्लेस और इसके आसपास का पूरा बाजार सुबह 10 बजे से ही लोगों की आवाजाही से भर जाता है और देर रात तक यहां व्यापार निर्बाध रूप से चलता रहता है। लेकिन मौजूदा विरोध प्रदर्शन के कारण कनॉट प्लेस और मशहूर जनपथ बाजार में व्यापार पूरी तरह से ठप हो गया है। हालात इतने अधिक खराब हो चुके हैं कि पिछले चार दिनों से इन बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही लगभग शून्य के बराबर हो गई है। कनॉट प्लेस से सटे अन्य मार्गों पर स्थित होटल, बड़े आउटलेट्स और छोटी दुकानों का व्यवसाय भी अब नाममात्र का ही रह गया है, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ रहा है।
परिवहन व्यवस्था चरमराई, 17 स्टेशन किए गए सील
जंतर मंतर और संसद मार्ग के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहता है। इसी वजह से पूरे इलाके में पुलिस निगरानी को काफी कड़ा कर दिया गया है। सड़क यातायात के साथ ही दिल्ली के सबसे प्रमुख और लोकप्रिय सार्वजनिक परिवहन यानी मेट्रो की सेवाएं भी इस बवाल के चलते बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों को प्राथमिकता देते हुए 17 अहम मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक पूरी तरह से बंद रखने का एक बड़ा फैसला लिया है।
गुरुवार को मेट्रो कॉर्पोरेशन की ओर से जारी एक आधिकारिक सूचना में यह बताया गया कि ये सभी 17 स्टेशन सुबह साढ़े सात बजे से यात्रियों के प्रवेश और निकास के लिए बंद कर दिए गए हैं। इससे ठीक एक दिन पहले, बुधवार को भी इन्हीं सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मेट्रो प्रबंधन द्वारा इन 17 स्टेशनों पर ताला लगा दिया गया था। हालांकि, हजारों यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर ट्रेन बदलने की सुविधा को चालू रखा गया है, ताकि लोग बिना स्टेशन से बाहर निकले एक लाइन से दूसरी लाइन पर जा सकें।
जिन प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की सेवाएं रोकी गई हैं, उनमें कई अति महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाले इलाके शामिल हैं। इस सूची में लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड और सुप्रीम कोर्ट का नाम प्रमुखता से शामिल है। इसके अलावा सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, ITO, दिल्ली गेट और इंद्रप्रस्थ स्टेशनों को भी सुरक्षा के लिहाज से सील किया गया है। वहीं, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालान मेट्रो स्टेशन भी आम जनता की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद रहेंगे। इतने सारे महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशनों के बंद होने से नई दिल्ली इलाके में रोजमर्रा के काम के लिए सफर करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सामान्य कामकाज पूरी तरह से रुक गया है।
सरकार का युवाओं को सख्त कार्रवाई का भरोसा
राजधानी की सड़कों पर चल रहे इस भारी बवाल और जनजीवन के ठप होने के बीच, पेपर लीक मामले को लेकर देश की सरकार की ओर से भी एक बड़ा और अहम बयान सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री ने देश भर के युवाओं और छात्रों को यह स्पष्ट संदेश और मजबूत आश्वासन दिया कि उनके हित और उनका सुरक्षित भविष्य वर्तमान सरकार की सबसे पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नीट परीक्षा से जुड़े इस व्यापक विवाद और प्रदर्शनकारी छात्रों की वास्तविक चिंताओं को दूर करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी ने एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में पेपर लीक जैसे गंभीर अपराधों की तेजी से जांच करने और अदालत में सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। इस बड़े कदम का मुख्य मकसद न्याय प्रक्रिया में गति लाना है ताकि किसी भी युवा के साथ अन्याय न हो और शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा मिल सके।




















