राजधानी दिल्ली में लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की तैयारियों की व्यापक समीक्षा करते हुए LG ने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि यमुना के बाढ़ क्षेत्र (फ्लडप्लेन) सहित DDA के नियंत्रण में आने वाले सभी पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर श्रद्धालुओं को घाट तथा कृत्रिम तालाब बनाने के लिए निशुल्क स्थान उपलब्ध कराया जाए। DDA के उपाध्यक्ष और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में उपराज्यपाल ने तैयारियों का सिलसिलेवार जायजा लिया और यह सुनिश्चित करने को कहा कि छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
छठ पूजा स्थलों पर स्वच्छता, बिजली और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने समीक्षा बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया कि पूजा शुरू होने से पहले सभी चिन्हित स्थानों और तालाबों की पूर्ण सफाई कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि रात के समय और तड़के सूर्य अर्घ्य के दौरान घाटों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रहनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में कोई कमी न रहे। इसके साथ ही पर्व की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विशेष रूप से अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती करने का फैसला लिया गया है। ये नोडल अधिकारी घाटों पर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे और मौके पर मौजूद रहकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे।
विभिन्न प्रशासनिक एजेंसियों में तालमेल और पूजा के बाद सफाई
छठ पर्व के भव्य आयोजन को सुगम बनाने के लिए उपराज्यपाल ने DDA को अन्य प्रमुख नागरिक एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया है। इसमें दिल्ली सरकार के संबंधित विभाग, दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और दिल्ली नगर निगम (MCD) शामिल हैं। इन सभी विभागों के संयुक्त सहयोग से जलापूर्ति, साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन जैसी आवश्यक सेवाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा LG तरनजीत सिंह संधू ने एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया कि चार दिवसीय अनुष्ठान संपन्न होने के तुरंत बाद सभी घाटों और पूजा स्थलों की दोबारा व्यापक सफाई कराई जाए, ताकि उन परिसरों को उनकी मूल स्थिति में जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।
बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए पारदर्शी आवंटन
दिल्ली में बड़ी संख्या में रहने वाले पूर्वांचली समाज की सुविधा का ध्यान रखते हुए उपराज्यपाल ने पारदर्शी आवंटन प्रक्रिया अपनाने को कहा है। उन्होंने कहा कि घाटों और पूजा स्थलों का वितरण करते समय स्थानीय जरूरतों, श्रद्धालुओं की मांग और पारंपरिक रूप से उपयोग किए जा रहे घाटों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। खासतौर पर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आकर दिल्ली में बसे उन श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है जो हर साल दिल्ली में ही छठ महापर्व का अनुष्ठान पूरा करते हैं।
छठ पूजा 2026 की तिथियां और धार्मिक महत्व
उल्लेखनीय है कि इस साल लोक आस्था का यह महापर्व 13 नवंबर 2026 से शुरू होकर 16 नवंबर 2026 तक चलेगा। चार दिनों तक चलने वाले इस कठिन अनुष्ठान में व्रती महिलाएं अपनी संतान की दीर्घायु, बेहतर स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना के लिए 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत रखती हैं। छठ पूजा 2026 का पहला दिन 13 नवंबर को 'नहाय-खाय' से शुरू होगा, जिसके बाद खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य के साथ इस पवित्र पर्व का समापन होगा।




















