दिल्ली पुलिस के ग्रेटर कैलाश-I थाने को स्वच्छता, अनुशासन और बेहतर जनसेवा के लिए ‘स्वच्छतम पुलिस स्टेशन पुरस्कार’ से नवाजा गया है। यह पुरस्कार दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने खुद प्रदान किया। एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया यह सम्मान दिल्ली पुलिस के भीतर साफ-सफाई और लोगों की सेवा को लेकर चल रही कोशिशों की पहचान है और इसे विभाग की एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
दूसरे थानों और आवासीय कॉलोनियों को भी मिली सराहना
सिर्फ ग्रेटर कैलाश-I ही नहीं, इसी समारोह में लक्ष्मी नगर पुलिस स्टेशन को भी स्वच्छता के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा द्वारका, पंजाबी बाग और पुलिस मुख्यालय की आवासीय कॉलोनियों को भी नागरिक सुविधाओं और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए सराहा गया। उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली पुलिस लगातार जनता का भरोसा मजबूत कर रही है और इस तरह की पहलें उसी दिशा में एक अहम कदम हैं।
तकनीक और जन-केंद्रित पुलिसिंग पर एलजी का जोर
अपने संबोधन में तरणजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस से आग्रह किया कि वह तकनीक आधारित और जनता-केंद्रित तरीकों को अपनाए। उनका कहना था कि पुलिस को एक ऐसी पेशेवर, संवेदनशील और तुरंत प्रतिक्रिया देने वाली संस्था के रूप में आगे बढ़ना चाहिए, जो विकसित भारत के विजन से मेल खाती हो। उन्होंने साफ कहा कि राजधानी दिल्ली की सुरक्षा दिल्ली पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इसमें महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जाना चाहिए। युवा पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने नागरिकों के साथ बेहतर संवाद बनाने और उनका भरोसा बढ़ाने पर खास जोर दिया।
पुलिस कमिश्नर ने गिनाए अपराध में गिरावट के आंकड़े
दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने इसी मौके पर बताया कि पिछले साल के मुकाबले गंभीर अपराधों में 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज मामलों में भी 12 प्रतिशत की गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन शिकायतें दर्ज होने से वाहन चोरी के मामलों में 21 प्रतिशत और बाकी चोरी की घटनाओं में 15 प्रतिशत की कमी आई है, जो पिछले 10 साल में सबसे कम स्तर है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में करीब 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि 98 प्रतिशत मामलों में जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। पॉक्सो और अन्य संवेदनशील मामलों में भी समय पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई।
शहीद कॉन्स्टेबल विक्रम को श्रद्धांजलि, कई पुलिसकर्मी सम्मानित
कार्यक्रम में एक भावुक पल भी देखने को मिला, जब शालीमार बाग फ्लाईओवर पर ड्यूटी के दौरान शहीद हुए कॉन्स्टेबल विक्रम को मरणोपरांत ‘अहट वीर सम्मान पत्र’ दिया गया। यह सम्मान पत्र उनकी पत्नी अनीता सिंह ने ग्रहण किया। इसके अलावा ड्यूटी के दौरान घायल हुए 9 पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया गया, जबकि 27 पुलिसकर्मियों को मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस से नवाजा गया। बता दें कि यह वार्षिक परेड दिल्ली में 1 जुलाई 1978 को लागू हुए कमिश्नरेट सिस्टम की याद में आयोजित की जाती है। इसकी शुरुआत साल 2022 में दिल्ली पुलिस के प्लेटिनम जुबली वर्ष के दौरान हुई थी और तब से हर साल 1 जुलाई को इसका आयोजन किया जाता है।













