उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और विद्यालयों की स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने नोडल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों का नियमित दौरा करें, वहां की पठन-पाठन व्यवस्था का जायजा लें और मौजूद समस्याओं का त्वरित समाधान करें। समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि समस्याओं के निवारण के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की जाए।
स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शैक्षणिक स्तर की समीक्षा
जिलाधिकारी ने सभी नोडल अधिकारियों को अपने आवंटित क्षेत्रों के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में जाकर धरातली स्थिति की समीक्षा करने का दायित्व सौंपा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल प्रशासनिक जांच तक सीमित न रहें, बल्कि कक्षाओं में जाकर छात्रों से सीधा संवाद स्थापित करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, अपर जिलाधिकारीगण तथा शिक्षा एवं पंचायत राज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। डीएम ने कहा कि अधिकारियों का बच्चों से संवाद उन्हें अनुशासन, कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास के लिए प्रेरित करेगा।
साफ-सफाई और नवाचार गतिविधियों को बढ़ावा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को विद्यालयों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों के समग्र विकास के लिए सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का होना अनिवार्य है। इसके लिए स्कूलों में खेलकूद प्रतियोगिताएं, चित्रकला प्रतियोगिताएं, संवाद कार्यक्रम और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने पर बल दिया गया, ताकि बच्चे अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ सकें।
सीएवी इंटर कॉलेज में कैरियर संवाद कार्यक्रम
प्रशासनिक समीक्षा के उपरांत जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को सीएवी इंटर कॉलेज का दौरा किया। वहां आयोजित कैरियर संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उनसे पढ़ाई एवं भविष्य के सपनों के बारे में जानकारी ली। बच्चों की आकांक्षाओं को सुनते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें हमेशा बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन में बड़ी सफलता हासिल करने के लिए अनुशासन, कड़ी मेहनत और अटूट लगन की आवश्यकता होती है।
लक्ष्य निर्धारण और निरंतर प्रयास का महत्व
छात्रों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि हर बच्चे में अपनी एक विशेष प्रतिभा होती है। बच्चों को अपनी रुचि के अनुसार खेल, संगीत, कला या शिक्षा के क्षेत्र में पूर्ण निष्ठा के साथ प्रयास करना चाहिए। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि जब लक्ष्य बड़ा होता है, तो उसके लिए की जाने वाली मेहनत का दायरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता और देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने और समाज के लिए कुछ बड़ा करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
समय और तनाव प्रबंधन पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन
कार्यक्रम में मौजूद जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ संतोष कुमार राय ने छात्रों को परीक्षा और दैनिक जीवन में आने वाली चुनौतियों से निपटने के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने समय प्रबंधन, तनाव नियंत्रण और परीक्षा के दौरान बनने वाले मानसिक दबाव को कम करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर सह जिला विद्यालय निरीक्षक जितेन्द्र प्रताप सिंह, सीएवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य के के प्रसाद, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



















