बालों को घना बनाने में रोजमेरी या करी पत्ता, जानिए वैज्ञानिक रिसर्च का क्या है फैसलाछपवा के केला प्लांट संचालक ने बताया एसी और केमिकल से पके केले में अंतर, इस तरह करें असली पहचान72 गानों वाली भारतीय क्लासिक जिसका वर्ल्ड रिकॉर्ड आज भी अटूट हैअभिषेक शर्मा ने टी20 इंटरनेशनल में रचा इतिहास, 25 या उससे कम गेंदों में 12वीं बार पचास रन बनाकर स्थापित किया कीर्तिमानइंग्लैंड में एशेज 2027 खेलने पर स्टीव स्मिथ का संशय, ओलंपिक 2028 और टी20 लीग पर टिका ध्यानइटली में रानी मुखर्जी और आदित्य चोपड़ा की सीक्रेट शादी के अनसुने किस्से आए सामने, सिर्फ 13 मेहमान थे मौजूदआकिब जावेद और वहाब रियाज पर गिर सकती है गाज, पीसीबी में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारीओवल में नंबर 10 और 11 के दो भारतीय बल्लेबाजों ने जब जड़े थे शतक, आठ दशकों तक कायम रहा कीर्तिमानद पैराडाइज रिव्यू (2026): स्पेशल स्क्रीनिंग में नानी के जादल अवतार की धूम, जानिए कैसा है फर्स्ट हाफनीम करौली बाबा पर बनी 2 करोड़ की फिल्म ने रचा इतिहास, कम बजट वाली ब्लॉकबस्टर की पुरानी यादें ताजा
अनुशक्ति नगर की हरियाली से मायानगरी के मंच तक, श्रेया घोषाल के शुरुआती दिनों की कहानीमनोरंजन
19 सित॰ 2026, 10:31 pm (1 घंटे पहले)· 0

अनुशक्ति नगर की हरियाली से मायानगरी के मंच तक, श्रेया घोषाल के शुरुआती दिनों की कहानी

गायिका श्रेया घोषाल ने मुंबई में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि अनुशक्ति नगर का शांत और हरा-भरा माहौल आम मुंबई की भीड़भाड़ से बिल्कुल जुदा था।

देश और दुनिया भर में अपनी सुरीली आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली मशहूर गायिका श्रेया घोषाल के शानदार संगीत सफर के पीछे वर्षों का कठिन परिश्रम, समर्पण और कई शहरों से जुड़ाव रहा है। पश्चिम बंगाल में जन्मीं और राजस्थान की वादियों में पली-बढ़ीं श्रेया का परिवार जब पहली बार देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पहुंचा, तो उनके सामने इस महानगर का एक बेहद अनोखा रूप सामने आया था। अधिकांश लोग मुंबई की कल्पना ऊंची इमारतों, तेज रफ्तार जिंदगी और भारी भीड़भाड़ के रूप में करते हैं, लेकिन श्रेया के जीवन का शुरुआती मुंबई अध्याय एक ऐसे शांत कोने से शुरू हुआ, जो इस शहर के आम मिजाज से पूरी तरह अलग था।

मैशबल इंडिया के शो में बयां की मुंबई की पहली यादें

मैशबल इंडिया के लोकप्रिय शो ‘द बॉम्बे जर्नी’ में खास बातचीत के दौरान श्रेया घोषाल ने अपने बचपन, परिवार के स्थानांतरण और मुंबई के शुरुआती अनुभवों पर खुलकर चर्चा की। इस बातचीत में जब उनसे यह सवाल किया गया कि जब वह पहली बार कोलकाता से मुंबई पहुंचीं तो वह महानगर के किस इलाके में रुकी थीं, तो उन्होंने फौरन अनुशक्ति नगर का नाम लिया। इस इलाके की खासियत बताते हुए उन्होंने कहा, ‘अनुशक्ति नगर चेम्बूर के सामने और ट्रॉम्बे (तुरभे) वाले रास्ते पर स्थित है।’

ये भी पढ़ें

श्रेया के अनुसार, यह आवासीय परिसर इतना अधिक हरा-भरा, शांत और विशाल है कि वहां रहने वाले किसी भी इंसान को यह अहसास ही नहीं होता कि वह मुंबई जैसे घनी आबादी और आपाधापी वाले महानगर के बीच रह रहा है। पेड़ों की छांव और व्यवस्थित माहौल ने उन्हें एक ऐसा शांत वातावरण दिया, जहां वह महानगर के शोरगुल से दूर अपने सपनों को तराश सकीं।

रावतभाटा से मुंबई तक का पारिवारिक सफर

श्रेया घोषाल की पारिवारिक पृष्ठभूमि विज्ञान और तकनीक से जुड़ी रही है। उनका जन्म पश्चिम बंगाल में हुआ था, लेकिन उनके पिता विश्वजीत घोषाल न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में बतौर इंजीनियर कार्यरत थे। पिता की नौकरी के कारण उनका बचपन राजस्थान के रावतभाटा में गुजरा, जहां उन्होंने जिंदगी के शुरुआती सबक सीखे।

साल 1997 में उनके जीवन में एक बड़ा मोड़ आया, जब उनके पिता का तबादला मुंबई स्थित प्रतिष्ठित भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में हो गया। पिता के इस ट्रांसफर के चलते पूरा घोषाल परिवार राजस्थान से मुंबई आ गया। मुंबई आने के बाद श्रेया ने अपनी स्कूली पढ़ाई अनुशक्ति नगर में स्थित ‘एटॉमिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल’ से पूरी की।

संगीत के लिए साइंस छोड़कर लिटरेचर का रास्ता चुना

स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद श्रेया ने एटॉमिक एनर्जी जूनियर कॉलेज में साइंस स्ट्रीम में दाखिला लिया था। हालांकि, संगीत के प्रति उनके गहरे समर्पण और बढ़ते रियाज के कारण उन्हें समझ आया कि साइंस की पढ़ाई के साथ गायकी को पूरा वक्त दे पाना आसान नहीं होगा। संगीत साधना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के उद्देश्य से उन्होंने स्ट्रीम बदलने का साहसिक फैसला किया।

इसके बाद उन्होंने ‘SIES कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स’ में एडमिशन लिया और वहां से अंग्रेजी साहित्य में अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। इस फैसले ने उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए संगीत की बारीकियों पर पूरा ध्यान केंद्रित करने की जरूरी आजादी दी।

चार साल की उम्र से रियाज और टीवी शो से मिली ऐतिहासिक पहचान

श्रेया की संगीत यात्रा बेहद कम उम्र में ही शुरू हो चुकी थी। उन्होंने महज चार साल की उम्र में सुर साधना शुरू की और जब वह छह साल की हुईं, तब से उन्होंने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का विधिवत और कड़ा प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था। पिता के तबादले और मुंबई आने के बाद भी उनके दैनिक रियाज में कोई रुकावट नहीं आई।

उनकी वर्षों की तपस्या साल 2000 में रंग लाई, जब महज 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने प्रतिष्ठित टीवी सिंगिंग रियलिटी शो ‘सा रे गा मा’ का खिताब अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद उनके पार्श्व गायन करियर ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी। जिस मुंबई शहर को उन्होंने कभी अनुशक्ति नगर की हरी-भरी वादियों के बीच एक शांत और अलग दुनिया की तरह देखा था, वही शहर आगे चलकर उनकी पेशेवर जिंदगी और भारतीय संगीत उद्योग में उनकी पहचान का सबसे मजबूत केंद्र बन गया।

सवाल-जवाब

मुंबई आने पर श्रेया घोषाल किस इलाके में रहती थीं?
मुंबई आने पर श्रेया घोषाल अनुशक्ति नगर में रहती थीं, जो चेम्बूर के सामने और ट्रॉम्बे (तुरभे) वाले रास्ते पर स्थित है।
श्रेया घोषाल के पिता का क्या नाम है और वे कहां काम करते थे?
उनके पिता का नाम विश्वजीत घोषाल है, जो न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में इंजीनियर थे और बाद में भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर मुंबई में पदस्थ हुए।
श्रेया घोषाल का परिवार मुंबई कब शिफ्ट हुआ था?
साल 1997 में जब उनके पिता का तबादला भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में हुआ, तब उनका परिवार मुंबई शिफ्ट हुआ।
श्रेया ने साइंस छोड़कर अंग्रेजी साहित्य में ग्रेजुएशन क्यों किया?
संगीत साधना और नियमित रियाज पर पूरा ध्यान केंद्रित करने के लिए उन्होंने साइंस छोड़कर SIES कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में ग्रेजुएशन किया।
श्रेया घोषाल ने 'सा रे गा मा' का खिताब किस उम्र में और कब जीता?
श्रेया घोषाल ने साल 2000 में महज 16 साल की उम्र में सिंगिंग रियलिटी शो 'सा रे गा मा' का खिताब जीता था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp