सिनेमा जगत में अक्सर बड़े तामझाम और भारी-भरकम बजट के साथ आने वाली फिल्में कुछ ही दिनों में पर्दे से गायब हो जाती हैं, लेकिन आस्था और मजबूत पटकथा के सहारे तैयार की गई रचनाएं कई बार लंबे समय तक दर्शकों को बांधे रखती हैं। पौराणिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' के साथ टिकट खिड़की पर कुछ ऐसा ही अनोखा सफर देखने को मिल रहा है। रिलीज के 69 दिन बीत जाने के बाद भी यह फिल्म सिनेमाघरों में मजबूती से टिकी हुई है। नवरात्रि पर्व के चौथे दिन, जब भक्त मां कूष्मांडा की आराधना कर रहे हैं, बजरंगबली की इस गाथा को दर्शकों से भरपूर समर्थन मिल रहा है। रिलीज के दसवें बुधवार को भी दर्शकों की भारी मौजूदगी ने फिल्म व्यापार के जानकारों को चौंका दिया है, जहां फिल्म ने दुनियाभर में 439 करोड़ रुपये से अधिक की कुल कमाई का आंकड़ा पार कर नया मील का पत्थर स्थापित किया है।
कमाई का वैश्विक और घरेलू गणित
फिल्म के कारोबारी आंकड़ों पर नजर डालें तो 69 दिनों के सफर के बाद 'हनुमान अंश' का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 439.98 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। इस विशाल आंकड़े में सबसे बड़ा योगदान भारतीय घरेलू बाजार का रहा है, जहां फिल्म ने अकेले 399.28 करोड़ रुपये का ग्रॉस कारोबार किया है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फिल्म को दर्शकों ने हाथों-हाथ लिया है, जिससे विदेशी बाजारों से कुल 40.70 करोड़ रुपये की कमाई एकत्र हुई है। लंबे समय तक सिनेमाघरों में चलते रहने के कारण इसका वित्तीय ढांचा लगातार मजबूत बना हुआ है।
दसवें बुधवार को विभिन्न भाषाओं का प्रदर्शन
सिनेमाघरों में अपने 69वें दिन फिल्म ने सभी भाषाई संस्करणों को मिलाकर लगभग 1.25 करोड़ रुपये का शुद्ध यानी नेट कलेक्शन अपने नाम किया। इस दैनिक कारोबार में उत्तर भारत और हिंदी पट्टी के दर्शकों का बड़ा योगदान देखा गया, जहां हिंदी वर्जन से 69वें दिन 45 लाख रुपये की कमाई दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, फिल्म के तेलुगु संस्करण ने अपने प्रदर्शन के दौरान 80 लाख रुपये का नेट कलेक्शन जुटाकर यह स्पष्ट कर दिया कि दक्षिण भारतीय दर्शक भी इस कहानी के प्रति गहरा जुड़ाव महसूस कर रहे हैं। भाषाई सीमाओं को लांघकर हर वर्ग के दर्शकों तक पहुंचना ही इसकी लंबी पारी की सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ है।
1 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाई वाले दिनों का ऐतिहासिक पैमाना
व्यापारिक दृष्टि से अधिकांश फिल्मों की कमाई पहले और दूसरे सप्ताह में चरम पर होती है, जिसके बाद स्क्रीन्स की संख्या और दर्शकों की आवक घटने के साथ संग्रह तेजी से गिरने लगता है। ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में हफ्तों तक प्रतिदिन 1 करोड़ रुपये से अधिक का सकल संग्रह बनाए रखना किसी भी सिनेमाई रचना के लिए बेहद दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है। इस विशिष्ट पैमाने पर 'हनुमान अंश' ने भारतीय सिनेमा की कुछ सबसे यादगार और कल्ट फिल्मों के क्लब में अपनी जगह बनाई है। सनी देओल की साल 2001 में आई ऐतिहासिक फिल्म 'गदर' ने 60 से अधिक दिनों तक प्रतिदिन 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्रॉस कारोबार किया था। इसके बाद ऋषभ शेट्टी की 'कांतारा' (2022) ने 56 दिनों तक और रणवीर सिंह की 'धुरंधर' (2025) ने लगातार 52 दिनों तक यह मुकाम हासिल किया था। 'हनुमान अंश' ने अब 50 दिनों तक 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की दैनिक कमाई दर्ज कर इस सूची में चौथा स्थान हासिल कर लिया है।
'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन' को इस खास सूची में पछाड़ा
लगातार 1 करोड़ रुपये से अधिक कमाई करने वाले दिनों की संख्या के मामले में 'हनुमान अंश' ने एसएस राजामौली की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन' को भी पीछे छोड़ दिया है। वर्ष 2017 में रिलीज हुई 'बाहुबली 2' ने अपने प्रदर्शन के दौरान 49 दिनों तक प्रतिदिन 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक का ग्रॉस कलेक्शन दर्ज किया था। 50 दिनों के आंकड़े को छूकर 'हनुमान अंश' अब इस विशेष रिकॉर्ड सूची में उससे आगे निकल गई है। हालांकि यह तुलना केवल दैनिक स्तर पर 1 करोड़ रुपये से अधिक कमाने वाले कुल दिनों की संख्या तक सीमित है, न कि संपूर्ण बॉक्स ऑफिस आंकड़े की। अब फिल्म की नजरें 'धुरंधर' के 52 दिनों और 'गदर' के 60 दिनों के जादुई आंकड़े की ओर टिकी हुई हैं।
10 लाख की धीमी शुरुआत से 400 करोड़ के महाविस्तार तक
इस पूरी यात्रा का सबसे दिलचस्प पहलू फिल्म का प्रारंभिक दौर रहा है। 7 अगस्त को जब यह फिल्म सिनेमाघरों में उतारी गई थी, तब इसका प्रदर्शन बेहद साधारण था और किसी को भी इतने बड़े चमत्कार की उम्मीद नहीं थी। रिलीज के पहले दिन फिल्म ने महज 10 लाख रुपये के आसपास की कमाई की थी। शुरुआती हफ्तों के दौरान टिकट खिड़की पर इसका कारोबार बेहद सीमित रहा और कोई आक्रामक प्रचार भी देखने को नहीं मिला। लेकिन धीरे-धीरे दर्शकों के बीच सकारात्मक चर्चा और मौखिक प्रचार (माउथ पब्लिसिटी) ने माहौल बदल दिया। किसी बड़े हॉलिडे वीकेंड या भारी-भरकम स्टारडम के सहारे के बिना, केवल दर्शकों की अनुशंसा के दम पर फिल्म ने अपने शोज बचाए रखे और देखते ही देखते 69 दिनों तक एक ऐतिहासिक सफर तय कर लिया।





















