राजस्थान में आईटीआई का कायाकल्प करने की शुरुआत, भिवाड़ी क्लस्टर पर खर्च होंगे 241 करोड़ रुपयेरांची के हजदा में आदिवासियों ने पत्थरों पर उकेरा संविधान, जमीन बचाने के लिए पांचवीं अनुसूची को बनाया ढाललाइव: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध तेज, राहुल गांधी और विपक्षी दलों की एसआईआर याचिका पर शीर्ष अदालत में आज सुनवाई संभवअमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों के बीच ब्रिटिश पाउंड 1.3200 के ऊपर संभला, बैंक ऑफ इंग्लैंड की दरों पर टिकी नजरेंकच्चे तेल में पांच दिनों की तेजी थमी, अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील की चर्चा से फिसला डब्ल्यूटीआईचीन के केंद्रीय बैंक ने युआन की दैनिक संदर्भ दर बढ़ाकर 6.7253 तय कीकोलकाता हाईकोर्ट ने महुआ मोइत्रा को दिया निर्देश, 24 घंटे में हटाएं वोट चोरी से जुड़ा सोशल मीडिया पोस्टबाड़मेर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने पकड़ा एक लाख का इनामी तस्कर, बचने के लिए घर में पाल रखे थे आठ कुत्तेमानहानि केस में यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली की अदालत ने भेजा नया समनक्रिश्चियन तिराहे पर धमाके के बाद भड़की आग, तीन कपड़ा शोरूम जलकर खाक
बाड़मेर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने पकड़ा एक लाख का इनामी तस्कर, बचने के लिए घर में पाल रखे थे आठ कुत्तेराजस्थान
15 अक्तू॰ 2026, 7:25 am (1 घंटे पहले)· 1

बाड़मेर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने पकड़ा एक लाख का इनामी तस्कर, बचने के लिए घर में पाल रखे थे आठ कुत्ते

राजस्थान में तीन साल से फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी तस्कर कंवराराम को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने ऑपरेशन विषकपिल के तहत बाड़मेर से गिरफ्तार कर लिया है।

राजस्थान में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के दौरान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। टास्क फोर्स की टीम ने राज्य के शीर्ष 25 नशा तस्करों की सूची में शामिल एक लाख रुपये के इनामी अपराधी कंवराराम को बाड़मेर इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। यह शातिर आरोपी पिछले तीन वर्षों से कानून की गिरफ्त से लगातार बचता फिर रहा था और अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद चालाक रणनीति अपनाए हुए था।

ऑपरेशन विषकपिल के तहत बाड़मेर में हुई कार्रवाई

नशा तस्करों की धरपकड़ के लिए विशेष रूप से तैयार की गई कार्ययोजना के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने 'ऑपरेशन विषकपिल' शुरू किया था। इस खास अभियान के तहत टास्क फोर्स की टीम ने बाड़मेर में सटीक सूचना के आधार पर दबिश देकर कंवराराम को चारों तरफ से घेर लिया और उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस महानिरीक्षक (IG) विकास कुमार ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि फरार चल रहे नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण कामयाबी है।

ये भी पढ़ें

कानून से बचने के लिए बना रखा था अनूठा सुरक्षा चक्र

गिरफ्तारी से बचने के लिए कंवराराम लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था और पुलिस तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों की हर गतिविधि पर गुप्त नजर रखता था। जांच में सामने आया कि उसने अपने ठिकाने पर सुरक्षा कवच के रूप में आठ कुत्ते पाल रखे थे। जैसे ही उसके घर या ठिकाने के आसपास कोई अनजान व्यक्ति या पुलिसकर्मी कदम रखता, ये कुत्ते तुरंत भौंकने और सतर्क होने लगते थे। कुत्तों के इस व्यवहार से कंवराराम को दूर से ही बाहरी हलचल की भनक लग जाती थी और वह किसी भी संभावित छापे से पहले ही फरार होने में सफल हो जाता था।

राजस्थान और मध्यप्रदेश में दर्ज हैं 14 आपराधिक मुकदमे

कंवराराम का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा और गंभीर है। उसके खिलाफ राजस्थान के साथ-साथ पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में भी स्वापक औषधि और मन प्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। मादक पदार्थों की तस्करी के अलावा उस पर हत्या और जानलेवा मारपीट जैसे जघन्य अपराधों के मुकदमे भी शामिल हैं। कुल मिलाकर उसके ऊपर 14 आपराधिक प्रकरण दर्ज पाए गए हैं।

तस्करी के नेटवर्क और संपर्कों की पड़ताल में जुटी पुलिस

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन के बाद मुख्यालय स्तर से कंवराराम की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया था। वह राज्य के शीर्ष 25 नशा माफियाओं की प्राथमिक सूची में शुमार था, जिसके कारण उसकी तलाश बेहद गंभीरता से की जा रही थी। अब इस कुख्यात तस्कर के पकड़े जाने के बाद जांच अधिकारी उसके अंतरराज्यीय नशा सिंडिकेट, माल की आपूर्ति श्रृंखला और उससे जुड़े अन्य सहयोगियों के बारे में सघन पूछताछ कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

कंवराराम को किस जांच एजेंसी ने और कहां से गिरफ्तार किया?
कंवराराम को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने राजस्थान के बाड़मेर जिले से गिरफ्तार किया है।
कंवराराम पर कितना इनाम घोषित था और वह कब से फरार चल रहा था?
उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह पिछले तीन वर्षों से फरार चल रहा था।
पुलिस की छापेमारी से बचने के लिए आरोपी क्या तरीका अपनाता था?
वह लगातार अपने ठिकाने बदलता था और उसने अपने घर पर आठ कुत्ते पाल रखे थे, जो किसी भी अनजान व्यक्ति के आने पर सतर्क कर देते थे।
कंवराराम के खिलाफ कुल कितने आपराधिक मामले दर्ज हैं?
उसके खिलाफ राजस्थान और मध्यप्रदेश में एनडीपीएस एक्ट, हत्या और मारपीट सहित कुल 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इस कार्रवाई को किस विशेष अभियान के तहत अंजाम दिया गया?
इस गिरफ्तारी को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन विषकपिल' के तहत अंजाम दिया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·13 मिनट पहले

पाप का घड़ा भरता ही है, कर्मों का हिसाब हर किसी को चुकाना पड़ता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·31 मिनट पहले

नशे के कारोबारियों ने अब बचने के लिए ऐसे अजीब तरीके निकालने शुरू कर दिए हैं। आठ कुत्ते पालकर पहरा बिठाना साफ दिखाता है कि अपराधी कानून से बचने के लिए किस हद तक जा रहे हैं। ANTF की यह कार्रवाई वाकई बड़ी है, वरना ऐसे शातिर लोग लंबे समय तक हाथ नहीं आते।

Ravikash Gupta@ravikash·31 मिनट पहले

अ अर्जुन जी, बिल्कुल सही कहा आपने! बाड़मेर में मेरे एक दोस्त के यहाँ जब चोर घुसे थे, तो उनके दो पालतू कुत्तों ने ऐसी आफत मचाई थी कि पूरा मोहल्ला जाग गया था। यहाँ तो तस्कर ने आठ पाल रखे थे, सोचिए पुलिस को कितनी मशक्कत करनी पड़ी होगी!

Karan Malhotra@karan-malhotra·54 मिनट पहले

मुझे वो दिन अच्छे से याद है जब मैं बाड़मेर में एक पुराने नशा तस्कर के घर छापा मारने गया था, वहां भी उसने ऐसे ही खूंखार कुत्ते पाल रखे थे ताकि पुलिस की आहट मिलते ही वह भाग सके। शातिर अपराधी खुद को बचाने के लिए हर मुमकिन हथकंडा अपनाते हैं, पर कानून के लंबे हाथों से बच नहीं पाते।

Rohan Verma@rohan-verma·53 मिनट पहले

करण भाई, आठ कुत्तों वाला यह पैंतरा तो किसी फिल्मी सीन जैसा लगता है, पर पुलिस ने आखिरकार इसे दबोच ही लिया।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp