सिनेमा के पर्दे पर किसी नकारात्मक किरदार को इतनी शिद्दत से निभाना कि दर्शक कलाकार और भूमिका का फर्क ही भूल जाएं, किसी भी अभिनेता के काम की सबसे बड़ी परीक्षा मानी जाती है। क्राइम थ्रिलर फ्रेंचाइजी दृश्यम में सब इंस्पेक्टर लक्ष्मीकांत गायतोंडे का कड़ा और बेरहम अंदाज दर्शकों के जेहन में आज भी ताजा है। इस भूमिका को जीवंत करने वाले अभिनेता कमलेश सावंत ने पर्दे पर अपने इस काम से जितनी वाहवाही बटोरी, असल जिंदगी में उन्हें उतनी ही विचित्र और कड़वी प्रतिक्रियाओं का सामना भी करना पड़ा। हालिया बातचीत में अभिनेता ने याद किया कि कैसे फिल्म की रिलीज के बाद अनजान लोग उन्हें फोन करके गाली-गलौज करने लगे थे।
अनजान नंबरों से आई कॉल और शुरू हुआ गाली-गलौज
कमलेश सावंत ने उस वाकये को विस्तार से साझा किया जब उनके फोन पर लगातार ऐसी कॉल्स आने लगी थीं। उन्होंने बताया कि शाम 8 बजे के करीब एक अनजान नंबर से कॉल आई। मोबाइल फोन में नंबर सुरक्षित न होने के कारण उन्होंने सामान्य तौर पर कॉल उठा ली। फोन करने वाले व्यक्ति ने सबसे पहले यह पुष्टि की कि क्या वह दृश्यम वाले अभिनेता हैं और उन्होंने ही गायतोंडे का रोल किया है। जैसे ही अभिनेता ने हामी भरी, दूसरी तरफ से व्यक्ति ने गाली-गलौज शुरू कर दी और चिल्लाते हुए कहने लगा कि पर्दे पर बच्ची पर हाथ क्यों उठाया।
शुरुआत में चौंकने के बाद अभिनेता ने तुरंत बातचीत खत्म करते हुए फोन काट दिया, लेकिन उस व्यक्ति का गुस्सा शांत नहीं हुआ। सावंत ने बताया कि इसके बाद लगातार पांच बार फोन आया और हर बार फोन उठाते ही वही अपशब्द दोहराए जाते रहे। एक बार तो मिस्ड कॉल देखकर जब उन्होंने खुद पलटकर कॉल मिलाई, तो कॉलर फिर से गाली-गलौज पर उतर आया। इस पूरे घटनाक्रम को समझने के बाद अभिनेता ने महसूस किया कि कॉलर शायद रात 8 बजे शराब पीकर टीवी पर चल रही फिल्म देख रहा था और बच्ची की पिटाई वाले भावुक दृश्य को देखकर अपना आपा खो बैठा।
सेंसर की कैंची ने घटाए थे बेरहम पिटाई के दृश्य
पर्दे पर दिखाए गए दृश्यों के पीछे की शूटिंग का ब्योरा देते हुए कमलेश सावंत ने यह भी बताया कि मूल रूप से फिल्माए गए दृश्यों में हिंसा का स्तर और भी अधिक था। उन्होंने बताया कि कहानी की मांग के तहत उन्होंने पूरे परिवार के साथ काफी मारपीट के दृश्य शूट किए थे, लेकिन केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने उन दृश्यों पर कैंची चला दी थी।
अभिनेता के अनुसार, नियमों और संवेदनशीलता के कारण यह तय किया गया कि एक पुरुष पात्र द्वारा महिलाओं और बच्ची पर शारीरिक बल प्रयोग के दृश्यों को सीमित किया जाए। सावंत ने माना कि यदि कैमरे में कैद की गई पूरी हिंसा पर्दे पर वैसी की वैसी दिखाई जाती, तो दर्शकों की नाराजगी और आक्रोश का स्तर कहीं अधिक तीखा हो सकता था। सेंसर बोर्ड के हस्तक्षेप के चलते ही कई कड़े दृश्य अंतिम कट से हटा दिए गए थे।
फ्रेंचाइजी के तीसरे हिस्से में वापसी की तैयारी
अजय देवगन की मुख्य भूमिका वाली इस लोकप्रिय थ्रिलर श्रृंखला का अगला अध्याय अब बड़े पर्दे पर दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। दृश्यम 3 के प्रचार सामग्री और ट्रेलर में कमलेश सावंत की मौजूदगी फिर से दिखाई दी है, जिससे साफ है कि पुलिसिया जांच और पुराने विवादों की आंच एक बार फिर सिनेमाघरों में देखने को मिलेगी। यह बहुप्रतीक्षित फिल्म आगामी 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है, जहां एक बार फिर पुराने पात्रों के बीच का तनाव नए मोड़ लेता नजर आएगा।


















