पाकिस्तान ने 13 और 14 अक्टूबर 2026 के दौरान अपने कई प्रमुख हवाई मार्गों को अस्थायी रूप से बंद करने का आधिकारिक नोटिस जारी किया है। ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस से जुड़े विश्लेषक डेमियन साइमन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस प्रतिबंध की जानकारी साझा की। इस नए आदेश के अनुसार, हवाई यातायात पर यह रोक देश के भीतरी हिस्सों से लेकर सिंध प्रांत, कराची शहर और अरब सागर की सीमा तक प्रभावी रहेगी। इतने बड़े दायरे में उड़ान मार्गों के बंद होने के बाद सुरक्षा हलकों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या वहां किसी नए सैन्य परीक्षण की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
साढ़े सत्ताईस घंटे तक प्रभावी रहेगा हवाई प्रतिबंध
जारी किए गए नोटिस के अनुसार, यह एयरस्पेस प्रतिबंध 13 अक्टूबर 2026 को पाकिस्तानी समयानुसार सुबह 9:45 बजे से प्रभावी होगा। इसके बाद यह रोक 14 अक्टूबर 2026 की दोपहर 1:15 बजे तक जारी रहेगी। इसका मतलब है कि कुल मिलाकर लगभग 27 घंटे 30 मिनट तक नागरिक विमानों के लिए ये मार्ग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
हवाई पाबंदी के दायरे में आने वाले भौगोलिक क्षेत्र में डेरा गाजी खान और रहीम यार खान के इलाके शामिल हैं। वहां से आगे बढ़ते हुए यह प्रतिबंध सिंध, कराची और अरब सागर की दिशा में ग्वादर के नजदीकी हिस्सों तक फैला हुआ है। रहीम यार खान वही क्षेत्र है जहां भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल से हमला किया था। इतने विस्तृत गलियारे में हवाई आवाजाही रुकने से कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
नोटिस टू एयर मिशन्स जारी होने के मायने
विमानन क्षेत्र में ऐसे व्यापक प्रतिबंधों के लिए NOTAM यानी नोटिस टू एयर मिशन्स जारी किया जाता है। हालांकि, किसी भी क्षेत्र में NOTAM लागू होने का यह मतलब कतई नहीं होता कि वहां निश्चित रूप से मिसाइल का परीक्षण ही किया जाएगा। विमानन और रक्षा नियमों के तहत ऐसे नोटिस नियमित सैन्य युद्धाभ्यास, सुरक्षा अभ्यास, तोपखाने की लाइव फायरिंग या अन्य सामरिक वजहों से भी समय-समय पर जारी किए जाते हैं। फिर भी, कॉरिडोर की लंबाई और समुद्री सीमा तक इसके विस्तार को देखते हुए रक्षा विश्लेषक इस घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहे हैं।
हालिया क्रूज मिसाइल परीक्षण की पृष्ठभूमि
इस पूरे मामले की कड़ियां हाल ही में हुए एक सैन्य परीक्षण से भी जुड़ती दिख रही हैं। इससे पहले 6 अक्टूबर 2026 को पाकिस्तान ने Fatah-4 एक्सटेंडेड-रेंज ग्राउंड-लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण की आधिकारिक घोषणा की थी। पाकिस्तानी अधिकारियों ने उस समय दावा किया था कि इस उन्नत हथियार प्रणाली में आधुनिक एवियोनिक्स और सटीक नेविगेशन सिस्टम लगाए गए हैं।
हालांकि उस परीक्षण के दौरान एक्सटेंडेड-रेंज संस्करण की सटीक मारक क्षमता सार्वजनिक नहीं की गई थी, लेकिन मूल Fatah-4 मिसाइल की रेंज लगभग 750 किलोमीटर आंकी जाती रही है। उस परीक्षण के ठीक बाद अब दोबारा 27 घंटे से अधिक समय के लिए व्यापक एयरस्पेस बंद किए जाने के कारण ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम एक और मिसाइल परीक्षण की संभावित तैयारी का हिस्सा हो सकता है।



















